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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 10 नवंबर 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:49 07:40 17:47अगला सूर्योदय 07:41 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:40–08:56शुभयमगण्ड में
  • 08:56–10:11रोगअशुभ
  • 10:11–11:27उद्वेगअशुभ
  • 11:27–12:43चरसामान्य
  • 12:43–13:59लाभशुभ
  • 13:59–15:15अमृतराहु काल में
  • 15:15–16:31कालअशुभ
  • 16:31–17:47शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:47–19:31अमृतशुभ
  • 19:31–21:15चरसामान्य
  • 21:15–22:59रोगअशुभ
  • 22:59–00:44 शुक्रकालअशुभ
  • 00:44–02:28 शुक्रलाभशुभ
  • 02:28–04:12 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:12–05:57 शुक्रशुभ
  • 05:57–07:41 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 10 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:44, शुभ
  • शुभ, 07:40–08:56
  • रोग, अशुभ, 08:56–10:11
  • उद्वेग, अशुभ, 10:11–11:27
  • चर, सामान्य, 11:27–12:43
  • लाभ, शुभ, 12:43–13:59
  • अमृत, शुभ, 13:59–15:15
  • काल, अशुभ, 15:15–16:31
  • शुभ, 16:31–17:47
  • अमृत, शुभ, 17:47–19:31
  • चर, सामान्य, 19:31–21:15
  • रोग, अशुभ, 21:15–22:59
  • काल, अशुभ, 22:59–00:44 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:44–02:28 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:28–04:12 शुक्र
  • शुभ, 04:12–05:57 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:57–07:41 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:40–08:56, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:11–11:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:02–11:42, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:03, शुभ
  • राहु काल, 13:59–15:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:05–15:45, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:45 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 10 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 199.6° आगे था: कृष्ण द्वितीया।

सूर्य अमावस्या 0° 199.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 199.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:40। प्रतिपदा उससे पहले 15:47 बुध पर समाप्त हुई। द्वितीया 17:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 8 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 10 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:44।

सूर्यास्त 17:48 बुध सूर्योदय 07:40 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 9 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:48 बुध सूर्योदय 07:40 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 9 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 9 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:48 बुध से सूर्योदय 07:40 तक थी, 13 घं 52 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 10 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:03

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:03।

गुरु 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:02–11:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:02–11:42 और 15:05–15:45।

गुरु 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:05–15:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:02–11:42 और 15:05–15:45।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:40 से 17:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:02–11:42 और 15:05–15:45।

गुरु 10 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:40–08:56 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:40 से 17:47, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:47 से 07:41 शुक्र, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 10 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:59–15:15

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:15।

गुरु 10 नवंबर को यमगंड कब है? 07:40–08:56

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:40–08:56।

गुरु 10 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:11–11:27

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:11–11:27।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:40 से 17:47 तक है, 10 घं 7 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 10 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 17:47, 10 घं 7 मि का दिन।

गुरु 10 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 17:47, 10 घं 7 मि का दिन।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:35 चंद्रोदय 18:52
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:35 चंद्रोदय 18:52
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 43.1° पर था: रोहिणी, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 43.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रोहिणी चंद्रमा 43.1° अगला: मृगशिरा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:37 शुक्र को निकलेगा, मृगशिरा में।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 246.6° थे: परिघ।

सूर्य 203.5° + चंद्रमा 43.1° = 246.6° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 203.5° + चंद्रमा 43.1° = 246.6° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 203.5° + 43.1° = 246.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 19:42 को समाप्त होता है, फिर शिव।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 199.6° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 199.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 199.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वितीया 192°–204° गर 198°–204° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 04:21 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 198° हुई; गर 17:03 तक है।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:40, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:40 से 07:41 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 25 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 24 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 10 नवंबर अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 24 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 10 नवंबर अमावस्या 25 अक्टू॰ पूर्णिमा 8 नव॰ अमावस्या 24 नव॰ पूर्णिमा 8 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

गुरु 10 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 10 नवंबर सूर्य 203.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 10 नवंबर सूर्य 203.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 10:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 216.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 10 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:52

चंद्रमा यहाँ 18:52 पर उदय होता है।

गुरु 10 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:35

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:35 चंद्रोदय 18:52
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:47 सूर्योदय 07:41 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:35 चंद्रोदय 18:52
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:35 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:52 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:35 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:52 पर उदय होगा।