tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 9 अगस्त 2022

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 16:16 तक

फिर त्रयोदशी · 12:46 बुध तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:05⁠–⁠22:05
प्रदोष काल 20:05⁠–⁠22:05

प्रदोष व्रत मंगल 9 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 9 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

श्रावण पुत्रदा एकादशी

पारण मंगल 9 अगस्त, 06:04⁠–⁠16:16
श्रावण पुत्रदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:44 06:04 20:05अगला सूर्योदय 06:05 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:04–07:49रोगअशुभ
  • 07:49–09:34उद्वेगअशुभ
  • 09:34–11:20चरसामान्य
  • 11:20–13:05लाभशुभ
  • 13:05–14:50अमृतगुलिक काल में
  • 14:50–16:35कालअशुभ
  • 16:35–18:20शुभराहु काल में
  • 18:20–20:05रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:05–21:20कालअशुभ
  • 21:20–22:35लाभशुभ
  • 22:35–23:50उद्वेगअशुभ
  • 23:50–01:05 बुधशुभ
  • 01:05–02:20 बुधअमृतशुभ
  • 02:20–03:35 बुधचरसामान्य
  • 03:35–04:50 बुधरोगअशुभ
  • 04:50–06:05 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 9 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:24, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:04–07:49
  • उद्वेग, अशुभ, 07:49–09:34
  • चर, सामान्य, 09:34–11:20
  • लाभ, शुभ, 11:20–13:05
  • अमृत, शुभ, 13:05–14:50
  • काल, अशुभ, 14:50–16:35
  • शुभ, 16:35–18:20
  • रोग, अशुभ, 18:20–20:05
  • काल, अशुभ, 20:05–21:20
  • लाभ, शुभ, 21:20–22:35
  • उद्वेग, अशुभ, 22:35–23:50
  • शुभ, 23:50–01:05 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:05–02:20 बुध
  • चर, सामान्य, 02:20–03:35 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:35–04:50 बुध
  • काल, अशुभ, 04:50–06:05 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:52–09:48, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:34–11:20, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:37–13:33, शुभ
  • गुलिक काल, 13:05–14:50, अशुभ
  • राहु काल, 16:35–18:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:05–00:45 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:25 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 9 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 9 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 मंगल 9 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 20:05–22:05
त्रयोदशी 19:00 21:00 23:00 मंगल 9 अगस्त स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 20:05–22:05
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 9 अगस्त को 16:16 से बुध 10 अगस्त को 12:46 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (20:05–22:05) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

मंगल 9 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 138.1° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 138.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 138.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:04। एकादशी उससे पहले 19:31 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 16:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 28 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 9 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:24

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:24।

सूर्यास्त 20:07 सोम सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 8 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:07 सोम सूर्योदय 06:04 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 8 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 8 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:07 सोम से सूर्योदय 06:04 तक थी, 9 घं 57 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 9 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:37–13:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:37–13:33।

मंगल 9 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:52–09:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:52–09:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:05 बुध–00:45 बुध।

मंगल 9 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 00:05–00:45 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:52–09:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:05 बुध–00:45 बुध।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:04 से 20:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:52–09:48 और 00:05 बुध–00:45 बुध।

मंगल 9 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:04–07:49 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:04 से 20:05, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:05 से 06:05 बुध, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 9 अगस्त को राहुकाल कब है? 16:35–18:20

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:35–18:20।

मंगल 9 अगस्त को यमगंड कब है? 09:34–11:20

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:34–11:20।

मंगल 9 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:05–14:50

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:05–14:50।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:04 से 20:05 तक है, 14 घं 1 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 9 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:04

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 20:05, 14 घं 1 मि का दिन।

मंगल 9 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 20:05, 14 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:24 बुध चंद्रोदय 18:26
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:24 बुध चंद्रोदय 18:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 250.4° पर था: मूल, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 250.4° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 250.4° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 250° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:47 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 362.7° थे, एक चक्कर और 2.7°: विष्कम्भ।

सूर्य 112.3° + चंद्रमा 250.4° = 362.7° एक चक्कर + 2.7° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 112.3° + चंद्रमा 250.4° = 362.7° एक चक्कर + 2.7° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 112.3° + 250.4° = 362.7°, एक पूरा चक्कर और 2.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 22:05 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 138.1° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 138.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 138.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 05:56 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 16:16 तक है।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:04, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:04 से 06:05 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 28 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 9 अगस्त पूर्णिमा 13 जुल॰ अमावस्या 28 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰
अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 9 अगस्त पूर्णिमा 13 जुल॰ अमावस्या 28 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰ अमावस्या 27 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।

मंगल 9 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2079 · शक 1944

विक्रम संवत 2079 1 अप्रैल 2022 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 9 अगस्त सूर्य 112.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 2022 10:24 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 9 अगस्त सूर्य 112.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2022, 10:24 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 125° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2079 गिनता है; शक संवत 1944।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 9 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:26

चंद्रमा यहाँ 18:26 पर उदय होता है।

मंगल 9 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:24 बुध

सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:24 बुध चंद्रोदय 18:26
सूर्योदय 06:04 सूर्यास्त 20:05 सूर्योदय 06:05 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:24 बुध चंद्रोदय 18:26
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:24 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:26 पर उदय हुआ; वह फिर 03:24 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।