Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 6 अक्टूबर 2020
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
6 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 अक्टूबर
- 05:22–06:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:01 से
- 11:21–12:47लाभ चौघड़िया
- 12:24–12:47अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:47–14:14अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:14–15:30अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · कृत्तिका में
- 15:40–17:07शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:33 के बाद
- 20:07–21:40लाभ चौघड़िया
- 23:14–23:33शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:23–00:48 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:48–02:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:22–06:12 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:01–08:28रोगअशुभ
- 08:28–09:54उद्वेगअशुभ
- 09:54–11:21चरसामान्य
- 11:21–12:47लाभशुभ
- 12:47–14:14अमृतगुलिक काल में
- 14:14–15:40कालअशुभ
- 15:40–17:07शुभराहु काल में
- 17:07–18:33रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:33–20:07कालअशुभ
- 20:07–21:40लाभशुभ
- 21:40–23:14उद्वेगअशुभ
- 23:14–00:48 बुधशुभ
- 00:48–02:21 बुधअमृतशुभ
- 02:21–03:55 बुधचरसामान्य
- 03:55–05:29 बुधरोगअशुभ
- 05:29–07:02 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 6 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:11, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:01–08:28
- उद्वेग, अशुभ, 08:28–09:54
- चर, सामान्य, 09:54–11:21
- लाभ, शुभ, 11:21–12:47
- अमृत, शुभ, 12:47–14:14
- काल, अशुभ, 14:14–15:40
- शुभ, 15:40–17:07
- रोग, अशुभ, 17:07–18:33
- काल, अशुभ, 18:33–20:07
- लाभ, शुभ, 20:07–21:40
- उद्वेग, अशुभ, 21:40–23:14
- शुभ, 23:14–00:48 बुध
- अमृत, शुभ, 00:48–02:21 बुध
- चर, सामान्य, 02:21–03:55 बुध
- रोग, अशुभ, 03:55–05:29 बुध
- काल, अशुभ, 05:29–07:02 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:20–10:06, अशुभ
- यमगण्ड, 09:54–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:10, शुभ
- गुलिक काल, 12:47–14:14, अशुभ
- राहु काल, 15:40–17:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:33–00:23 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:12 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 226.2° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। तृतीया उससे पहले 08:32 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 11:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 6 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–06:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–06:11।
सोम 5 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:35 सोम से सूर्योदय 07:01 तक थी, 12 घं 26 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 6 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:10
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:10।
मंगल 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:20–10:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:20–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:33–00:23 बुध।
मंगल 6 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:33–00:23 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:20–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:33–00:23 बुध।
यहाँ दिन, 07:01 से 18:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:20–10:06 और 23:33–00:23 बुध।
मंगल 6 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:01–08:28 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:01 से 18:33, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:33 से 07:02 बुध, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 6 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:40–17:07
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:40–17:07।
मंगल 6 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:54–11:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:54–11:21।
मंगल 6 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:47–14:14
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:47–14:14।
यहाँ दिन 07:01 से 18:33 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 6 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 32 मि का दिन।
मंगल 6 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 18:33, 11 घं 32 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 35.4° पर था: कृत्तिका, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:24 को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 204.6° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 169.2° + 35.4° = 204.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 23:24 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 226.2° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:48 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 222° हुई; बालव 11:02 तक है।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:02 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)
17 सितंबर और 16 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 15:00 गुरु से 16 अक्टूबर 23:31 शुक्र तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 05:35 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।
मंगल 6 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2077 · शक 1942
विक्रम संवत 2077 24 मार्च 2020 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 2020, 13:28 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 189.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2077 गिनता है; शक संवत 1942।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 6 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:04
चंद्रमा यहाँ 21:04 पर उदय होता है।
मंगल 6 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:04
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:04 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:04 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:04 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:04 पर उदय होगा।