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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 28 मई 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:20 05:33 20:21अगला सूर्योदय 05:33 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:33–07:24अमृतशुभ
  • 07:24–09:15कालअशुभ
  • 09:15–11:06शुभ
  • 11:06–12:57रोगअशुभ
  • 12:57–14:48उद्वेगअशुभ
  • 14:48–16:39चरसामान्य
  • 16:39–18:30लाभशुभ
  • 18:30–20:21अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:21–21:30चरसामान्य
  • 21:30–22:39रोगअशुभ
  • 22:39–23:48कालअशुभ
  • 23:48–00:57 मंगललाभशुभ
  • 00:57–02:06 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:06–03:15 मंगलशुभ
  • 03:15–04:24 मंगलअमृतशुभ
  • 04:24–05:33 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 28 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–04:56, शुभ
  • अमृत, शुभ, 05:33–07:24
  • काल, अशुभ, 07:24–09:15
  • शुभ, 09:15–11:06
  • रोग, अशुभ, 11:06–12:57
  • उद्वेग, अशुभ, 12:57–14:48
  • चर, सामान्य, 14:48–16:39
  • लाभ, शुभ, 16:39–18:30
  • अमृत, शुभ, 18:30–20:21
  • चर, सामान्य, 20:21–21:30
  • रोग, अशुभ, 21:30–22:39
  • काल, अशुभ, 22:39–23:48
  • लाभ, शुभ, 23:48–00:57 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:57–02:06 मंगल
  • शुभ, 02:06–03:15 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:15–04:24 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:24–05:33 मंगल
  • राहु काल, 07:24–09:15, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:06–12:57, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:27–13:27, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:27–14:26, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:48–16:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:24–17:23, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–04:56 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 28 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 162.4° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 162.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 162.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:33। त्रयोदशी उससे पहले 16:27 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 17:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 15 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 28 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–04:56

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–04:56।

सूर्यास्त 20:20 रवि सूर्योदय 05:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 27 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:20 रवि सूर्योदय 05:33 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 27 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 27 मई की रात सूर्यास्त 20:20 रवि से सूर्योदय 05:33 तक थी, 9 घं 13 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 28 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:27–13:27

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:27–13:27।

सोम 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:27–14:26

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:27–14:26 और 16:24–17:23।

सोम 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:24–17:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:27–14:26 और 16:24–17:23।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 05:33 से 20:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:27–14:26 और 16:24–17:23।

सोम 28 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:33–07:24 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:33 से 20:21, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:21 से 05:33 मंगल, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 28 मई को राहुकाल कब है? 07:24–09:15

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:24–09:15।

सोम 28 मई को यमगंड कब है? 11:06–12:57

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:06–12:57।

सोम 28 मई को गुलिक काल कब है? 14:48–16:39

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:48–16:39।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 05:33 से 20:21 तक है, 14 घं 48 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 28 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 20:21, 14 घं 48 मि का दिन।

सोम 28 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:33, सूर्यास्त 20:21, 14 घं 48 मि का दिन।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:07
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 28 मई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 205° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 205.0° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 205.0° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:33 को निकलेगा, अनुराधा में।

सोम 28 मई को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 247.6° थे: परिघ।

सूर्य 42.6° + चंद्रमा 205.0° = 247.6° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 42.6° + चंद्रमा 205.0° = 247.6° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 42.6° + 205° = 247.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 15:48 को समाप्त होता है, फिर शिव।

सोम 28 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 162.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 162.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 162.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 04:46 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 17:10 तक है।

सोम 28 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:33, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:33 से 05:33 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

15 मई और 13 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मई 15:47 मंगल से 13 जून 23:43 बुध तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 10:06 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।

सोम 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।

अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 28 मई पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून
अमान्त ज्येष्ठ (अधिक) पूर्णिमान्त ज्येष्ठ (अधिक) कृष्ण शुक्ल सोम 28 मई पूर्णिमा 30 अप्रैल अमावस्या 15 मई पूर्णिमा 29 मई अमावस्या 13 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।

सोम 28 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 17:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 28 मई सूर्य 42.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 17:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 28 मई सूर्य 42.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 17:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 69.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 28 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:07

चंद्रमा यहाँ 19:07 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:07
सूर्योदय 05:33 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 05:33 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:07
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 19:07 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।