Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 5 नवंबर 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
5 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 5 नवंबर
- 05:45–06:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:34 से
- 10:08–11:26लाभ चौघड़िया
- 11:26–12:43अमृत चौघड़िया
- 12:22–12:43अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:00–15:17शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:52 के बाद
- 17:52–19:35शुभ चौघड़िया
-
18:52–20:18अमृत कालकृत्तिका में
- 19:35–21:18अमृत चौघड़िया
- 02:26–04:09 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:52–07:35 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:45–06:40 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:34–08:51उद्वेगअशुभ
- 08:51–10:08चरसामान्य
- 10:08–11:26लाभशुभ
- 11:26–12:43अमृतशुभ
- 12:43–14:00कालअशुभ
- 14:00–15:17शुभ
- 15:17–16:34रोगअशुभ
- 16:34–17:52उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:52–19:35शुभ
- 19:35–21:18अमृतशुभ
- 21:18–23:01चरसामान्य
- 23:01–00:43 सोमरोगअशुभ
- 00:43–02:26 सोमकालअशुभ
- 02:26–04:09 सोमलाभशुभ
- 04:09–05:52 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:52–07:35 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 5 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:39, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 07:34–08:51
- चर, सामान्य, 08:51–10:08
- लाभ, शुभ, 10:08–11:26
- अमृत, शुभ, 11:26–12:43
- काल, अशुभ, 12:43–14:00
- शुभ, 14:00–15:17
- रोग, अशुभ, 15:17–16:34
- उद्वेग, अशुभ, 16:34–17:52
- शुभ, 17:52–19:35
- अमृत, शुभ, 19:35–21:18
- चर, सामान्य, 21:18–23:01
- रोग, अशुभ, 23:01–00:43 सोम
- काल, अशुभ, 00:43–02:26 सोम
- लाभ, शुभ, 02:26–04:09 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:09–05:52 सोम
- शुभ, 05:52–07:35 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:03, शुभ
- यमगण्ड, 12:43–14:00, अशुभ
- गुलिक काल, 15:17–16:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:29–17:11, अशुभ
- राहु काल, 16:34–17:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:40 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 5 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 192.8° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:34। प्रतिपदा उससे पहले 06:09 पर समाप्त हुई। द्वितीया 02:48 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 4 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Sevan में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:36, प्रतिपदा की समाप्ति 07:39 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 04:18 सोम को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:34, प्रतिपदा की समाप्ति 06:09 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
रवि 5 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:45–06:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:45–06:39।
शनि 4 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:53 शनि से सूर्योदय 07:34 तक थी, 13 घं 41 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 5 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:03
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:03।
रवि 5 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:29–17:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:29–17:11।
यहाँ दिन, 07:34 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:29–17:11।
रवि 5 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:34–08:51 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:34 से 17:52, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:52 से 07:35 सोम, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 5 नवंबर को राहुकाल कब है? 16:34–17:52
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:34–17:52।
रवि 5 नवंबर को यमगंड कब है? 12:43–14:00
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:43–14:00।
रवि 5 नवंबर को गुलिक काल कब है? 15:17–16:34
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:17–16:34।
यहाँ दिन 07:34 से 17:52 तक है, 10 घं 18 मि। इसे 1 घं 17 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 5 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 18 मि का दिन।
रवि 5 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 5 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 31.6° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:00 को निकलेगा, रोहिणी में।
रवि 5 नवंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 230.4° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198.8° + 31.6° = 230.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 21:58 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
रवि 5 नवंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 192.8° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 16:29 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 02:48 सोम तक।
रवि 5 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:34, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:34 से 07:35 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 5 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 19 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 18 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
रवि 5 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
रवि 5 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 06:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 215.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 5 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:11
चंद्रमा यहाँ 19:11 पर उदय होता है।
रवि 5 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:32
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:11 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:11 पर उदय होगा।