Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 10 अक्टूबर 2015
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत शनि 10 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है। शनि 10 अक्टूबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 10 अक्टूबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है। शनि 10 अक्टूबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़10 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 अक्टूबर
- 05:24–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 08:36–09:55शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
11:21–12:28अमृत कालराहु काल छोड़कर · पूर्वाफाल्गुनी में
- 12:24–13:09अभिजीत मुहूर्त
- 14:12–15:37लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:37–17:03अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:28 के बाद
- 18:28–20:03लाभ चौघड़िया
- 21:37–23:12शुभ चौघड़िया
- 23:12–00:47 रविअमृत चौघड़िया
- 05:31–07:06 रविलाभ चौघड़िया
- 05:25–06:15 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:30कालअशुभ
- 08:30–09:55शुभ
- 09:55–11:21रोगअशुभ
- 11:21–12:46उद्वेगअशुभ
- 12:46–14:12चरसामान्य
- 14:12–15:37लाभयमगण्ड में
- 15:37–17:03अमृतशुभ
- 17:03–18:28कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:28–20:03लाभशुभ
- 20:03–21:37उद्वेगअशुभ
- 21:37–23:12शुभ
- 23:12–00:47 रविअमृतशुभ
- 00:47–02:22 रविचरसामान्य
- 02:22–03:56 रविरोगअशुभ
- 03:56–05:31 रविकालअशुभ
- 05:31–07:06 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 10 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:14, शुभ
- काल, अशुभ, 07:05–08:30
- शुभ, 08:30–09:55
- रोग, अशुभ, 09:55–11:21
- उद्वेग, अशुभ, 11:21–12:46
- चर, सामान्य, 12:46–14:12
- लाभ, शुभ, 14:12–15:37
- अमृत, शुभ, 15:37–17:03
- काल, अशुभ, 17:03–18:28
- लाभ, शुभ, 18:28–20:03
- उद्वेग, अशुभ, 20:03–21:37
- शुभ, 21:37–23:12
- अमृत, शुभ, 23:12–00:47 रवि
- चर, सामान्य, 00:47–02:22 रवि
- रोग, अशुभ, 02:22–03:56 रवि
- काल, अशुभ, 03:56–05:31 रवि
- लाभ, शुभ, 05:31–07:06 रवि
- गुलिक काल, 07:05–08:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:05–07:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:50–08:36, अशुभ
- राहु काल, 09:55–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:09, शुभ
- यमगण्ड, 14:12–15:37, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:15 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत शनि 10 अक्टूबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत शनि 10 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 9 अक्टूबर को 20:09 से शनि 10 अक्टूबर को 22:47 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: शनि 10 अक्टूबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Sevan में मासिक शिवरात्रि शनि 10 अक्टूबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 10 अक्टूबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 10 अक्टूबर को 22:47 से सोम 12 अक्टूबर को 01:28 तक है, और दोनों रात निशीथ काल का बराबर भाग घेरती है। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: शनि 10 अक्टूबर। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 328.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। द्वादशी उससे पहले 20:09 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 22:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 28 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 10 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:24–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:24–06:14।
शुक्र 9 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:30 शुक्र से सूर्योदय 07:05 तक थी, 12 घं 35 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 10 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:09
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:09।
शनि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:05–07:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:05–07:50 और 07:50–08:36।
शनि 10 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:50–08:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:05–07:50 और 07:50–08:36।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:05–07:50 और 07:50–08:36।
शनि 10 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:30 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 18:28, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:28 से 07:06 रवि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 10 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 09:55–11:21
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:55–11:21।
शनि 10 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:12–15:37
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:12–15:37।
शनि 10 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:05–08:30
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:05–08:30।
यहाँ दिन 07:05 से 18:28 तक है, 11 घं 23 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 10 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:28, 11 घं 23 मि का दिन।
शनि 10 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 18:28, 11 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 141.4° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 140° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:53 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 313.8° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.4° + 141.4° = 313.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 18:46 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 328.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:27 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 22:47 तक।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:06 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 13 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 13 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
शनि 10 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 13:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 197° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 10 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:25 रवि
चंद्रमा यहाँ 05:25 रवि पर उदय होता है।
शनि 10 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:17
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:25 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:25 रवि पर उदय होगा।