Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 22 अक्टूबर 2013
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
कृष्ण पक्ष · 07:21 बुध तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्थी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
करवा चौथ
करवा चौथ मंगल 22 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 22 अक्टूबर क्यों?
करवा चौथ: Sevan में हर तारीख़व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 22 अक्टूबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़22 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 अक्टूबर
- 05:33–06:26ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:18 से
- 11:22–12:44लाभ चौघड़िया
- 12:22–12:44अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:44–14:05अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:27–16:48शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 19:48–21:27लाभ चौघड़िया
- 23:06–23:25शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:18–00:44 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:44–02:23 बुधअमृत चौघड़िया
-
02:52–04:37 बुधअमृत कालरोहिणी में
- 05:34–06:26 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:18–08:39रोगअशुभ
- 08:39–10:01उद्वेगअशुभ
- 10:01–11:22चरसामान्य
- 11:22–12:44लाभशुभ
- 12:44–14:05अमृतगुलिक काल में
- 14:05–15:27कालअशुभ
- 15:27–16:48शुभराहु काल में
- 16:48–18:09रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:48कालअशुभ
- 19:48–21:27लाभशुभ
- 21:27–23:06उद्वेगअशुभ
- 23:06–00:44 बुधशुभ
- 00:44–02:23 बुधअमृतशुभ
- 02:23–04:02 बुधचरसामान्य
- 04:02–05:40 बुधरोगअशुभ
- 05:40–07:19 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 22 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:26, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:18–08:39
- उद्वेग, अशुभ, 08:39–10:01
- चर, सामान्य, 10:01–11:22
- लाभ, शुभ, 11:22–12:44
- अमृत, शुभ, 12:44–14:05
- काल, अशुभ, 14:05–15:27
- शुभ, 15:27–16:48
- रोग, अशुभ, 16:48–18:09
- काल, अशुभ, 18:09–19:48
- लाभ, शुभ, 19:48–21:27
- उद्वेग, अशुभ, 21:27–23:06
- शुभ, 23:06–00:44 बुध
- अमृत, शुभ, 00:44–02:23 बुध
- चर, सामान्य, 02:23–04:02 बुध
- रोग, अशुभ, 04:02–05:40 बुध
- काल, अशुभ, 05:40–07:19 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:28–10:12, अशुभ
- यमगण्ड, 10:01–11:22, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:05, शुभ
- गुलिक काल, 12:44–14:05, अशुभ
- राहु काल, 15:27–16:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:25–00:18 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:26 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में करवा चौथ मंगल 22 अक्टूबर को क्यों है?
करवा चौथ मंगल 22 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 22 अक्टूबर को 05:36 से बुध 23 अक्टूबर को 07:21 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 22 अक्टूबर को है, 20:31 पर।
Sevan में संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 अक्टूबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी मंगल 22 अक्टूबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 22 अक्टूबर को 05:36 से बुध 23 अक्टूबर को 07:21 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 22 अक्टूबर को है, 20:31 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.8° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:18। तृतीया उससे पहले 05:36 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:21 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 19 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ मंगल 22 और बुध 23 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:36 को, सूर्योदय 07:18 से पहले, शुरू हुई और 07:21 बुध को, अगले सूर्योदय 07:19 बुध के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:26, तृतीया की समाप्ति 07:06 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:18, तृतीया की समाप्ति 05:36 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
मंगल 22 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:26
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:26।
सोम 21 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:11 सोम से सूर्योदय 07:18 तक थी, 13 घं 7 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 22 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:05
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:05।
मंगल 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:28–10:12
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:28–10:12, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:18 बुध।
मंगल 22 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:25–00:18 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:28–10:12, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:25–00:18 बुध।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:28–10:12 और 23:25–00:18 बुध।
मंगल 22 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:18–08:39 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:18 से 18:09, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 07:19 बुध, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 22 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:27–16:48
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:48।
मंगल 22 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:01–11:22
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:01–11:22।
मंगल 22 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:44–14:05
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:44–14:05।
यहाँ दिन 07:18 से 18:09 तक है, 10 घं 51 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 22 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:09, 10 घं 51 मि का दिन।
मंगल 22 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:09, 10 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 41.6° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:22 बुध को निकलेगा, मृगशिरा में।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 226.4° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 184.8° + 41.6° = 226.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 07:40 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:25 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 07:21 बुध तक।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:18, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:18 से 07:19 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 5 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 3 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 22 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2070 · शक 1935
विक्रम संवत 2070 10 अप्रैल 2013 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2013, 13:35 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 188.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2070 गिनता है; शक संवत 1935।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 22 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:31
चंद्रमा यहाँ 20:31 पर उदय होता है।
मंगल 22 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:27
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:31 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:31 पर उदय होगा।