Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 8 अक्टूबर 2013
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
8 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 8 अक्टूबर
- 05:23–06:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:03 से
- 11:21–12:47लाभ चौघड़िया
- 12:24–12:47अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:47–14:13अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:39–17:05शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:30 के बाद
- 20:05–21:39लाभ चौघड़िया
- 23:13–23:32शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:22–00:47 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:46–02:16 बुधअमृत कालअनुराधा में
- 00:47–02:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:24–06:14 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:03–08:29रोगअशुभ
- 08:29–09:55उद्वेगअशुभ
- 09:55–11:21चरसामान्य
- 11:21–12:47लाभशुभ
- 12:47–14:13अमृतगुलिक काल में
- 14:13–15:39कालअशुभ
- 15:39–17:05शुभराहु काल में
- 17:05–18:30रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:30–20:05कालअशुभ
- 20:05–21:39लाभशुभ
- 21:39–23:13उद्वेगअशुभ
- 23:13–00:47 बुधशुभ
- 00:47–02:21 बुधअमृतशुभ
- 02:21–03:56 बुधचरसामान्य
- 03:56–05:30 बुधरोगअशुभ
- 05:30–07:04 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 8 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:13, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:03–08:29
- उद्वेग, अशुभ, 08:29–09:55
- चर, सामान्य, 09:55–11:21
- लाभ, शुभ, 11:21–12:47
- अमृत, शुभ, 12:47–14:13
- काल, अशुभ, 14:13–15:39
- शुभ, 15:39–17:05
- रोग, अशुभ, 17:05–18:30
- काल, अशुभ, 18:30–20:05
- लाभ, शुभ, 20:05–21:39
- उद्वेग, अशुभ, 21:39–23:13
- शुभ, 23:13–00:47 बुध
- अमृत, शुभ, 00:47–02:21 बुध
- चर, सामान्य, 02:21–03:56 बुध
- रोग, अशुभ, 03:56–05:30 बुध
- काल, अशुभ, 05:30–07:04 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:20–10:06, अशुभ
- यमगण्ड, 09:55–11:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:24–13:10, शुभ
- गुलिक काल, 12:47–14:13, अशुभ
- राहु काल, 15:39–17:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:32–00:22 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:14 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 39.6° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:03। तृतीया उससे पहले 00:28 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 22:34 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 5 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 8 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:13।
सोम 7 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:32 सोम से सूर्योदय 07:03 तक थी, 12 घं 31 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 8 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:24–13:10
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:24–13:10।
मंगल 8 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:20–10:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:20–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:32–00:22 बुध।
मंगल 8 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:32–00:22 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:20–10:06, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:32–00:22 बुध।
यहाँ दिन, 07:03 से 18:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:20–10:06 और 23:32–00:22 बुध।
मंगल 8 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:03–08:29 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:03 से 18:30, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:30 से 07:04 बुध, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 8 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:39–17:05
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:39–17:05।
मंगल 8 अक्टूबर को यमगंड कब है? 09:55–11:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:55–11:21।
मंगल 8 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 12:47–14:13
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:47–14:13।
यहाँ दिन 07:03 से 18:30 तक है, 11 घं 27 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 8 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:03
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 18:30, 11 घं 27 मि का दिन।
मंगल 8 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:03, सूर्यास्त 18:30, 11 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 210.5° पर था: विशाखा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:53 को निकलेगा, अनुराधा में।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.5° थे, एक चक्कर और 21.5°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 171° + 210.5° = 381.5°, एक पूरा चक्कर और 21.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 15:22 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 39.6° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 11:33 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 22:34 तक।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:03, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:03 से 07:04 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 5 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 3 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
मंगल 8 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2070 · शक 1935
विक्रम संवत 2070 10 अप्रैल 2013 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2013, 13:35 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 174.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2070 गिनता है; शक संवत 1935।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 8 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:34
चंद्रमा यहाँ 10:34 पर उदय होता है।
मंगल 8 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:46
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:46 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:34 पर उदय हुआ; वह फिर 20:46 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।