Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 21 अप्रैल 2013
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
21 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 21 अप्रैल
- 04:49–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:12 से
- 09:35–11:17लाभ चौघड़िया
- 11:17–12:59अमृत चौघड़िया
- 12:31–12:59अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:40–16:22शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:45 के बाद
- 19:45–21:03शुभ चौघड़िया
- 21:03–22:21अमृत चौघड़िया
- 02:16–03:34 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:53–06:11 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:47–05:29 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:12–07:54उद्वेगअशुभ
- 07:54–09:35चरसामान्य
- 09:35–11:17लाभशुभ
- 11:17–12:59अमृतशुभ
- 12:59–14:40कालअशुभ
- 14:40–16:22शुभ
- 16:22–18:03रोगअशुभ
- 18:03–19:45उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:45–21:03शुभ
- 21:03–22:21अमृतशुभ
- 22:21–23:40चरसामान्य
- 23:40–00:58 सोमरोगअशुभ
- 00:58–02:16 सोमकालअशुभ
- 02:16–03:34 सोमलाभशुभ
- 03:34–04:53 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:53–06:11 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 21 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:30, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:12–07:54
- चर, सामान्य, 07:54–09:35
- लाभ, शुभ, 09:35–11:17
- अमृत, शुभ, 11:17–12:59
- काल, अशुभ, 12:59–14:40
- शुभ, 14:40–16:22
- रोग, अशुभ, 16:22–18:03
- उद्वेग, अशुभ, 18:03–19:45
- शुभ, 19:45–21:03
- अमृत, शुभ, 21:03–22:21
- चर, सामान्य, 22:21–23:40
- रोग, अशुभ, 23:40–00:58 सोम
- काल, अशुभ, 00:58–02:16 सोम
- लाभ, शुभ, 02:16–03:34 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:34–04:53 सोम
- शुभ, 04:53–06:11 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:31–13:26, शुभ
- यमगण्ड, 12:59–14:40, अशुभ
- गुलिक काल, 16:22–18:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:56–18:51, अशुभ
- राहु काल, 18:03–19:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:29 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 21 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.4° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:12। नवमी उससे पहले 06:45 शनि पर समाप्त हुई। दशमी 07:22 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 10 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 21 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:30।
शनि 20 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:44 शनि से सूर्योदय 06:12 तक थी, 10 घं 28 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 21 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:31–13:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:31–13:26।
रवि 21 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 17:56–18:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:56–18:51।
यहाँ दिन, 06:12 से 19:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:56–18:51।
रवि 21 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:12–07:54 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:12 से 19:45, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:45 से 06:11 सोम, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 21 अप्रैल को राहुकाल कब है? 18:03–19:45
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 18:03–19:45।
रवि 21 अप्रैल को यमगंड कब है? 12:59–14:40
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:59–14:40।
रवि 21 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 16:22–18:03
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:22–18:03।
यहाँ दिन 06:12 से 19:45 तक है, 13 घं 33 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 21 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 19:45, 13 घं 33 मि का दिन।
रवि 21 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 19:45, 13 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 126.5° पर था: मघा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 123°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:50 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 133.6° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 7.1° + 126.5° = 133.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 04:34 सोम को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 119.4° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 19:09 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:22 तक है।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:12, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:12 से 06:11 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 10 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 10 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
रवि 21 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2070 · शक 1935
विक्रम संवत 2070 10 अप्रैल 2013 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2013, 13:35 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 10.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2070 गिनता है; शक संवत 1935।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 21 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:06
चंद्रमा यहाँ 15:06 पर उदय होता है।
रवि 21 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:54 सोम
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:06 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:54 सोम पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:06 पर उदय हुआ; वह फिर 03:54 सोम पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।