tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 12 नवंबर 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 09:03 तक

फिर चतुर्दशी · 05:43 मंगल तक

यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं कारण जानें

त्योहार

नरक चतुर्दशी

अभ्यंग स्नान मुहूर्त
06:06⁠–⁠07:42
अरुणोदय 06:06⁠–⁠07:42

नरक चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को है: चतुर्दशी किसी भी सुबह अरुणोदय को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। सोम 12 नवंबर क्यों?

नरक चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:16⁠–⁠01:12 मंगल
निशीथ काल 00:16⁠–⁠01:12 मंगल

मासिक शिवरात्रि सोम 12 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 12 नवंबर क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:51 07:42 17:44अगला सूर्योदय 07:44 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:42–08:58अमृतशुभ
  • 08:58–10:13कालअशुभ
  • 10:13–11:28शुभ
  • 11:28–12:43रोगअशुभ
  • 12:43–13:59उद्वेगअशुभ
  • 13:59–15:14चरसामान्य
  • 15:14–16:29लाभशुभ
  • 16:29–17:44अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:44–19:29चरसामान्य
  • 19:29–21:14रोगअशुभ
  • 21:14–22:59कालअशुभ
  • 22:59–00:44 मंगललाभशुभ
  • 00:44–02:29 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:29–04:14 मंगलशुभ
  • 04:14–05:59 मंगलअमृतशुभ
  • 05:59–07:44 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 12 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:51–06:47, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:42–08:58
  • काल, अशुभ, 08:58–10:13
  • शुभ, 10:13–11:28
  • रोग, अशुभ, 11:28–12:43
  • उद्वेग, अशुभ, 12:43–13:59
  • चर, सामान्य, 13:59–15:14
  • लाभ, शुभ, 15:14–16:29
  • अमृत, शुभ, 16:29–17:44
  • चर, सामान्य, 17:44–19:29
  • रोग, अशुभ, 19:29–21:14
  • काल, अशुभ, 21:14–22:59
  • लाभ, शुभ, 22:59–00:44 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:44–02:29 मंगल
  • शुभ, 02:29–04:14 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:14–05:59 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:59–07:44 मंगल
  • राहु काल, 08:58–10:13, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:28–12:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:04, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:04–13:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:59–15:14, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:04–15:44, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:52–06:48 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में नरक चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को क्यों है?

नरक चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को है: चतुर्दशी किसी भी सुबह अरुणोदय को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी चतुर्दशी 07:42 09:03 05:00 06:00 07:00 08:00 10:00 सोम 12 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 06:06–07:42
त्रयोदशी चतुर्दशी 07:42 09:03 05:00 07:00 सोम 12 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 06:06–07:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

अभ्यंग स्नान अरुणोदय में होता है, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट। चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को 09:03 से मंगल 13 नवंबर को 05:43 तक है, दोनों सुबह के अरुणोदय के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: सोम 12 नवंबर। नरक चतुर्दशी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अरुणोदय Tithika की परिपाटी है।

नरक चतुर्दशी: Sevan में हर तारीख़

Sevan में मासिक शिवरात्रि सोम 12 नवंबर को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि सोम 12 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 रवि 11 नवंबर निशीथ काल 00:16–01:12 सोम
त्रयोदशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 रवि 11 नवंबर निशीथ काल 00:16–01:12 सोम
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 12 नवंबर को 09:03 से मंगल 13 नवंबर को 05:43 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (00:16 मंगल–01:12 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सोम 12 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 335.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:42। द्वादशी उससे पहले 11:58 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 09:03 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 29 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्दशी क्षय क्यों है?

चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।

त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या सोम 12 नवंबर सुबह मंगल 13 नवंबर सुबह Sevan UTC+4 09:03 05:43 07:42 त्रयोदशी 07:44 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
त्रयोदशी चतुर्दशी चतुर्दशी अमावस्या सोम 12 नवंबर सुबह मंगल 13 नवंबर सुबह Sevan UTC+4 09:03 05:43 07:42 त्रयोदशी 07:44 अमावस्या चतुर्दशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 09:03 को शुरू हुई और 05:43 मंगल को समाप्त, 07:42 और 07:44 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को त्रयोदशी है और मंगलवार को अमावस्या: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 12 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:51–06:47

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:51–06:47।

सूर्यास्त 17:45 रवि सूर्योदय 07:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:45 रवि सूर्योदय 07:42 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 11 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:45 रवि से सूर्योदय 07:42 तक थी, 13 घं 57 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 12 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:04।

सोम 12 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:44 और 15:04–15:44।

सोम 12 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:04–15:44

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:04–13:44 और 15:04–15:44।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:42 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:04–13:44 और 15:04–15:44।

सोम 12 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:42–08:58 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:42 से 17:44, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:44 से 07:44 मंगल, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 12 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:58–10:13

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:58–10:13।

सोम 12 नवंबर को यमगंड कब है? 11:28–12:43

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:28–12:43।

सोम 12 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:59–15:14

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:14।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:42 से 17:44 तक है, 10 घं 2 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 12 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:44, 10 घं 2 मि का दिन।

सोम 12 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:42, सूर्यास्त 17:44, 10 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:33 चंद्रोदय 06:55 मंगल
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:33 चंद्रोदय 06:55 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 12 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 181.3° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 181.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 181.3° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 16:18 को निकलेगा, स्वाती में।

सोम 12 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 387.4° थे, एक चक्कर और 27.4°: आयुष्मान्।

सूर्य 206.1° + चंद्रमा 181.3° = 387.4° एक चक्कर + 27.4° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 206.1° + चंद्रमा 181.3° = 387.4° एक चक्कर + 27.4° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 206.1° + 181.3° = 387.4°, एक पूरा चक्कर और 27.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 02:36 मंगल को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

सोम 12 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 335.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 335.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 335.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 22:34 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 09:03 तक है।

सोम 12 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:42, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:42 से 07:44 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 12 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 15 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 14 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 12 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 12 नवंबर अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 14 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 12 नवंबर अमावस्या 15 अक्टू॰ पूर्णिमा 29 अक्टू॰ अमावस्या 14 नव॰ पूर्णिमा 28 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

सोम 12 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2069 · शक 1934

विक्रम संवत 2069 22 मार्च 2012 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 18:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 नवंबर सूर्य 206.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 22 मार्च 2012 18:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 नवंबर सूर्य 206.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2012, 18:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 227.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2069 गिनता है; शक संवत 1934।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 12 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:55 मंगल

चंद्रमा यहाँ 06:55 मंगल पर उदय होता है।

सोम 12 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:33

सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:33 चंद्रोदय 06:55 मंगल
सूर्योदय 07:42 सूर्यास्त 17:44 सूर्योदय 07:44 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:33 चंद्रोदय 06:55 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:33 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:55 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:33 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:55 मंगल पर उदय होगा।