tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 25 फ़रवरी 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:57 07:40 18:45अगला सूर्योदय 07:39 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:40–09:04कालअशुभ
  • 09:04–10:27शुभ
  • 10:27–11:50रोगअशुभ
  • 11:50–13:13उद्वेगअशुभ
  • 13:13–14:36चरसामान्य
  • 14:36–15:59लाभयमगण्ड में
  • 15:59–17:22अमृतशुभ
  • 17:22–18:45कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:45–20:22लाभशुभ
  • 20:22–21:59उद्वेगअशुभ
  • 21:59–23:36शुभ
  • 23:36–01:12 रविअमृतशुभ
  • 01:12–02:49 रविचरसामान्य
  • 02:49–04:26 रविरोगअशुभ
  • 04:26–06:02 रविकालअशुभ
  • 06:02–07:39 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 25 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:49, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:40–09:04
  • शुभ, 09:04–10:27
  • रोग, अशुभ, 10:27–11:50
  • उद्वेग, अशुभ, 11:50–13:13
  • चर, सामान्य, 13:13–14:36
  • लाभ, शुभ, 14:36–15:59
  • अमृत, शुभ, 15:59–17:22
  • काल, अशुभ, 17:22–18:45
  • लाभ, शुभ, 18:45–20:22
  • उद्वेग, अशुभ, 20:22–21:59
  • शुभ, 21:59–23:36
  • अमृत, शुभ, 23:36–01:12 रवि
  • चर, सामान्य, 01:12–02:49 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:49–04:26 रवि
  • काल, अशुभ, 04:26–06:02 रवि
  • लाभ, शुभ, 06:02–07:39 रवि
  • गुलिक काल, 07:40–09:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:40–08:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:25–09:09, अशुभ
  • राहु काल, 10:27–11:50, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:51–13:35, शुभ
  • यमगण्ड, 14:36–15:59, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:56–06:47 रवि

हर मान कैसे निकलता है

शनि 25 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36.7° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।

सूर्य अमावस्या 0° 36.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:40। तृतीया उससे पहले 06:09 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 08:20 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 22 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

चतुर्थी यहाँ शनि 25 और रवि 26 फ़रवरी दोनों के सूर्योदय पर है।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शनि 25 फ़रवरी सुबह रवि 26 फ़रवरी सुबह Sevan UTC+4 06:09 08:20 07:40 चतुर्थी 07:39 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शनि 25 फ़रवरी सुबह रवि 26 फ़रवरी सुबह Sevan UTC+4 06:09 08:20 07:40 चतुर्थी 07:39 चतुर्थी चतुर्थी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 06:09 को, सूर्योदय 07:40 से पहले, शुरू हुई और 08:20 रवि को, अगले सूर्योदय 07:39 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?

नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शनि 25 फ़रवरी सुबह रवि 26 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:39 06:09 09:50 08:20 06:51 तृतीया 06:50 चतुर्थी 07:40 चतुर्थी 07:39 चतुर्थी
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी शनि 25 फ़रवरी सुबह रवि 26 फ़रवरी सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 07:39 06:09 09:50 08:20 06:51 तृतीया 06:50 चतुर्थी 07:40 चतुर्थी 07:39 चतुर्थी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:51, तृतीया की समाप्ति 07:39 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 07:40, तृतीया की समाप्ति 06:09 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।

शनि 25 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:57–06:49

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:57–06:49।

सूर्यास्त 18:44 शुक्र सूर्योदय 07:40 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 24 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:44 शुक्र सूर्योदय 07:40 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 24 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 24 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:44 शुक्र से सूर्योदय 07:40 तक थी, 12 घं 56 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 25 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:51–13:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:51–13:35।

शनि 25 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:40–08:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:40–08:25 और 08:25–09:09।

शनि 25 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:25–09:09

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:40–08:25 और 08:25–09:09।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:40 से 18:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:40–08:25 और 08:25–09:09।

शनि 25 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:40–09:04 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:40 से 18:45, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:45 से 07:39 रवि, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 25 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 10:27–11:50

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:27–11:50।

शनि 25 फ़रवरी को यमगंड कब है? 14:36–15:59

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:36–15:59।

शनि 25 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:40–09:04

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:40–09:04।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:40 से 18:45 तक है, 11 घं 5 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 25 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 18:45, 11 घं 5 मि का दिन।

शनि 25 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 18:45, 11 घं 5 मि का दिन।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:27 चंद्रोदय 08:53
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:27 चंद्रोदय 08:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 5 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 348.6° पर था: रेवती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 348.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 348.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 06:27 रवि को निकलेगा, अश्विनी में।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 660.5° थे, एक चक्कर और 300.5°: शुभ।

सूर्य 311.9° + चंद्रमा 348.6° = 660.5° एक चक्कर + 300.5° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 311.9° + चंद्रमा 348.6° = 660.5° एक चक्कर + 300.5° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 311.9° + 348.6° = 660.5°, एक पूरा चक्कर और 300.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 18:59 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 36.7° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 36.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 36.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्थी 36°–48° वणिज 36°–42° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 19:11 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 08:20 रवि तक।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:40, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:40 से 07:39 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 22 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 22 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शनि 25 फ़रवरी पूर्णिमा 8 फ़र॰ अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 22 मार्च
अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शनि 25 फ़रवरी पूर्णिमा 8 फ़र॰ अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च अमावस्या 22 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

शनि 25 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 25 फ़रवरी सूर्य 311.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 25 फ़रवरी सूर्य 311.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 19:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 322.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 25 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:53

चंद्रमा यहाँ 08:53 पर उदय होता है।

शनि 25 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:27

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:27 चंद्रोदय 08:53
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 07:39 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 22:27 चंद्रोदय 08:53
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:53 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:27 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:53 पर उदय हुआ; वह फिर 22:27 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।