tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 21 फ़रवरी 2012

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 02:34 बुध तक

फिर प्रतिपदा · 03:15 गुरु तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 21 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 21 फ़रवरी क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:01 07:46 18:41अगला सूर्योदय 07:45 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:46–09:08रोगअशुभ
  • 09:08–10:30उद्वेगअशुभ
  • 10:30–11:52चरसामान्य
  • 11:52–13:13लाभशुभ
  • 13:13–14:35अमृतगुलिक काल में
  • 14:35–15:57कालअशुभ
  • 15:57–17:19शुभराहु काल में
  • 17:19–18:41रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:41–20:19कालअशुभ
  • 20:19–21:57लाभशुभ
  • 21:57–23:35उद्वेगअशुभ
  • 23:35–01:13 बुधशुभ
  • 01:13–02:51 बुधअमृतशुभ
  • 02:51–04:29 बुधचरसामान्य
  • 04:29–06:07 बुधरोगअशुभ
  • 06:07–07:45 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 21 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:01–06:54, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:46–09:08
  • उद्वेग, अशुभ, 09:08–10:30
  • चर, सामान्य, 10:30–11:52
  • लाभ, शुभ, 11:52–13:13
  • अमृत, शुभ, 13:13–14:35
  • काल, अशुभ, 14:35–15:57
  • शुभ, 15:57–17:19
  • रोग, अशुभ, 17:19–18:41
  • काल, अशुभ, 18:41–20:19
  • लाभ, शुभ, 20:19–21:57
  • उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:35
  • शुभ, 23:35–01:13 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:13–02:51 बुध
  • चर, सामान्य, 02:51–04:29 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:29–06:07 बुध
  • काल, अशुभ, 06:07–07:45 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:57–10:41, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:30–11:52, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:52–13:35, शुभ
  • गुलिक काल, 13:13–14:35, अशुभ
  • राहु काल, 15:57–17:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:54–00:47 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:00–06:53 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अमावस्या मंगल 21 फ़रवरी को क्यों है?

अमावस्या मंगल 21 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 06:00 07:00 08:00 09:00 मंगल 21 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:46
अमावस्या 06:00 07:00 08:00 09:00 मंगल 21 फ़रवरी स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:46
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 21 फ़रवरी को 02:22 से बुध 22 फ़रवरी को 02:34 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 21 फ़रवरी के सूर्योदय (07:46) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.7° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 350.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 350.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:46। चतुर्दशी उससे पहले 02:22 पर समाप्त हुई। अमावस्या 02:34 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 8 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 21 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:01–06:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:01–06:54।

सूर्यास्त 18:40 सोम सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 20 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:40 सोम सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 20 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 20 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:40 सोम से सूर्योदय 07:46 तक थी, 13 घं 6 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 21 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:52–13:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:52–13:35।

मंगल 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:57–10:41

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:57–10:41, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:54–00:47 बुध।

मंगल 21 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:54–00:47 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:57–10:41, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:54–00:47 बुध।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:46 से 18:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:57–10:41 और 23:54–00:47 बुध।

मंगल 21 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:46–09:08 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:46 से 18:41, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:41 से 07:45 बुध, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 21 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:57–17:19

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:57–17:19।

मंगल 21 फ़रवरी को यमगंड कब है? 10:30–11:52

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:30–11:52।

मंगल 21 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 13:13–14:35

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:13–14:35।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:46 से 18:41 तक है, 10 घं 55 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 21 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 18:41, 10 घं 55 मि का दिन।

मंगल 21 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:41

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 18:41, 10 घं 55 मि का दिन।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:25 चंद्रोदय 07:32 बुध
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:25 चंद्रोदय 07:32 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 298.6° पर था: धनिष्ठा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 298.6° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 298.6° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 296°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:49 को निकलेगा, शतभिषा में।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 606.5° थे, एक चक्कर और 246.5°: परिघ।

सूर्य 307.9° + चंद्रमा 298.6° = 606.5° एक चक्कर + 246.5° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 307.9° + चंद्रमा 298.6° = 606.5° एक चक्कर + 246.5° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 307.9° + 298.6° = 606.5°, एक पूरा चक्कर और 246.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 19:37 को समाप्त होता है, फिर शिव।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 350.7° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 350.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 350.7° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 14:25 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 02:34 बुध तक।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:46, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:46 से 07:45 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 23 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 22 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 21 फ़रवरी अमावस्या 23 जन॰ पूर्णिमा 8 फ़र॰ अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च
अमान्त पूर्णिमान्त फाल्गुन माघ कृष्ण शुक्ल मंगल 21 फ़रवरी अमावस्या 23 जन॰ पूर्णिमा 8 फ़र॰ अमावस्या 22 फ़र॰ पूर्णिमा 8 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

मंगल 21 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 21 फ़रवरी सूर्य 307.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 21 फ़रवरी सूर्य 307.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 19:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 318.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 21 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:32 बुध

चंद्रमा यहाँ 07:32 बुध पर उदय होता है।

मंगल 21 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:25

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:25 चंद्रोदय 07:32 बुध
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 18:41 सूर्योदय 07:45 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:25 चंद्रोदय 07:32 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:25 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:32 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:25 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:32 बुध पर उदय होगा।