tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 22 नवंबर 2011

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 20:21 तक

फिर त्रयोदशी · 16:58 बुध तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:38⁠–⁠20:29
प्रदोष काल 17:38⁠–⁠20:29

प्रदोष व्रत मंगल 22 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। मंगल 22 नवंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

उत्पन्ना एकादशी

पारण मंगल 22 नवंबर, 07:53 से सूर्यास्त 17:38 तक
उत्पन्ना एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:59 07:53 17:38अगला सूर्योदय 07:54 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:53–09:06रोगअशुभ
  • 09:06–10:19उद्वेगअशुभ
  • 10:19–11:32चरसामान्य
  • 11:32–12:45लाभशुभ
  • 12:45–13:58अमृतगुलिक काल में
  • 13:58–15:11कालअशुभ
  • 15:11–16:24शुभराहु काल में
  • 16:24–17:38रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:38–19:25कालअशुभ
  • 19:25–21:12लाभशुभ
  • 21:12–22:59उद्वेगअशुभ
  • 22:59–00:46 बुधशुभ
  • 00:46–02:33 बुधअमृतशुभ
  • 02:33–04:20 बुधचरसामान्य
  • 04:20–06:07 बुधरोगअशुभ
  • 06:07–07:54 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 22 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:59–06:56, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:53–09:06
  • उद्वेग, अशुभ, 09:06–10:19
  • चर, सामान्य, 10:19–11:32
  • लाभ, शुभ, 11:32–12:45
  • अमृत, शुभ, 12:45–13:58
  • काल, अशुभ, 13:58–15:11
  • शुभ, 15:11–16:24
  • रोग, अशुभ, 16:24–17:38
  • काल, अशुभ, 17:38–19:25
  • लाभ, शुभ, 19:25–21:12
  • उद्वेग, अशुभ, 21:12–22:59
  • शुभ, 22:59–00:46 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:46–02:33 बुध
  • चर, सामान्य, 02:33–04:20 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:20–06:07 बुध
  • काल, अशुभ, 06:07–07:54 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:50–10:29, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:19–11:32, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:26–13:05, शुभ
  • गुलिक काल, 12:45–13:58, अशुभ
  • राहु काल, 15:11–16:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:20–00:17 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:00–06:57 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 22 नवंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 22 नवंबर को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी त्रयोदशी 20:21 16:00 18:00 22:00 मंगल 22 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:38–20:29
द्वादशी त्रयोदशी 20:21 16:00 18:00 22:00 मंगल 22 नवंबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:38–20:29
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 22 नवंबर को 20:21 से बुध 23 नवंबर को 16:58 तक है, इसलिए वह केवल मंगलवार के प्रदोष काल (17:38–20:29) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

मंगल 22 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 316.8° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 316.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 316.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:53। एकादशी उससे पहले 23:32 सोम पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 11 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 22 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:59–06:56

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:59–06:56।

सूर्यास्त 17:38 सोम सूर्योदय 07:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:38 सोम सूर्योदय 07:53 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 21 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 21 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:38 सोम से सूर्योदय 07:53 तक थी, 14 घं 15 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 22 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:26–13:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:26–13:05।

मंगल 22 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:50–10:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:50–10:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:20–00:17 बुध।

मंगल 22 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:20–00:17 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:50–10:29, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:20–00:17 बुध।

सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:53 से 17:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:50–10:29 और 23:20–00:17 बुध।

मंगल 22 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:53–09:06 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:53 से 17:38, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:38 से 07:54 बुध, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 22 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:11–16:24

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:11–16:24।

मंगल 22 नवंबर को यमगंड कब है? 10:19–11:32

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:19–11:32।

मंगल 22 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:45–13:58

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:45–13:58।

सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:53 से 17:38 तक है, 9 घं 45 मि। इसे 1 घं 13 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 22 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:53, सूर्यास्त 17:38, 9 घं 45 मि का दिन।

मंगल 22 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:38

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:53, सूर्यास्त 17:38, 9 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 05:31 बुध
सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 05:31 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 172.3° पर था: हस्त, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 172.3° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 172.3° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 170° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:38 को निकलेगा, चित्रा में।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा योग है? आयुष्मान्

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 387.8° थे, एक चक्कर और 27.8°: आयुष्मान्।

सूर्य 215.5° + चंद्रमा 172.3° = 387.8° एक चक्कर + 27.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 215.5° + चंद्रमा 172.3° = 387.8° एक चक्कर + 27.8° आयुष्मान् 26°40′–40°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 215.5° + 172.3° = 387.8°, एक पूरा चक्कर और 27.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 02:25 बुध को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 316.8° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 316.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 316.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 09:59 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 20:21 तक।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:53, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:53 से 07:54 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 27 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 25 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 22 नवंबर अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 11 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 22 नवंबर अमावस्या 27 अक्टू॰ पूर्णिमा 11 नव॰ अमावस्या 25 नव॰ पूर्णिमा 10 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

मंगल 22 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 नवंबर सूर्य 215.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 22 नवंबर सूर्य 215.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 19:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 226° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 22 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:31 बुध

चंद्रमा यहाँ 05:31 बुध पर उदय होता है।

मंगल 22 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:23

सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 05:31 बुध
सूर्योदय 07:53 सूर्यास्त 17:38 सूर्योदय 07:54 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:23 चंद्रोदय 05:31 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:31 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:31 बुध पर उदय होगा।