tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 4 जुलाई 2011

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:22 06:34 21:33अगला सूर्योदय 06:35 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:34–08:26अमृतशुभ
  • 08:26–10:19कालअशुभ
  • 10:19–12:11शुभ
  • 12:11–14:04रोगअशुभ
  • 14:04–15:56उद्वेगअशुभ
  • 15:56–17:49चरसामान्य
  • 17:49–19:41लाभशुभ
  • 19:41–21:33अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:33–22:41चरसामान्य
  • 22:41–23:49रोगअशुभ
  • 23:49–00:56 मंगलकालअशुभ
  • 00:56–02:04 मंगललाभशुभ
  • 02:04–03:12 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 03:12–04:19 मंगलशुभ
  • 04:19–05:27 मंगलअमृतशुभ
  • 05:27–06:35 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 4 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–05:58, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:34–08:26
  • काल, अशुभ, 08:26–10:19
  • शुभ, 10:19–12:11
  • रोग, अशुभ, 12:11–14:04
  • उद्वेग, अशुभ, 14:04–15:56
  • चर, सामान्य, 15:56–17:49
  • लाभ, शुभ, 17:49–19:41
  • अमृत, शुभ, 19:41–21:33
  • चर, सामान्य, 21:33–22:41
  • रोग, अशुभ, 22:41–23:49
  • काल, अशुभ, 23:49–00:56 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:56–02:04 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 02:04–03:12 मंगल
  • शुभ, 03:12–04:19 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:19–05:27 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:27–06:35 मंगल
  • राहु काल, 08:26–10:19, अशुभ
  • यमगण्ड, 12:11–14:04, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:34–14:34, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:34–15:34, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:56–17:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:34–18:34, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–05:59 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 4 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 34.3° आगे था: शुक्ल तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 34.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 34.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। द्वितीया उससे पहले 11:26 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 09:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 1 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 4 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:22–05:58

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:22–05:58।

सूर्यास्त 21:34 रवि सूर्योदय 06:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:34 रवि सूर्योदय 06:34 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 3 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 3 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:34 रवि से सूर्योदय 06:34 तक थी, 9 घं 0 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 4 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:34–14:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:34–14:34।

सोम 4 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:34–15:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:34–15:34 और 17:34–18:34।

सोम 4 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:34–18:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:34–15:34 और 17:34–18:34।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:34 से 21:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:34–15:34 और 17:34–18:34।

सोम 4 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:34–08:26 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:34 से 21:33, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:33 से 06:35 मंगल, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 4 जुलाई को राहुकाल कब है? 08:26–10:19

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:26–10:19।

सोम 4 जुलाई को यमगंड कब है? 12:11–14:04

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:11–14:04।

सोम 4 जुलाई को गुलिक काल कब है? 15:56–17:49

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:56–17:49।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:34 से 21:33 तक है, 14 घं 59 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 4 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 21:33, 14 घं 59 मि का दिन।

सोम 4 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 21:33, 14 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:25 चंद्रोदय 09:50
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:25 चंद्रोदय 09:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 4 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 112.1° पर था: अश्लेशा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 112.1° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 112.1° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 110° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:05 को निकलेगा, मघा में।

सोम 4 जुलाई को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 189.9° थे: वज्र।

सूर्य 77.8° + चंद्रमा 112.1° = 189.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 77.8° + चंद्रमा 112.1° = 189.9° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 77.8° + 112.1° = 189.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 22:48 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

सोम 4 जुलाई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 34.3° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 34.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 34.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण तृतीया 24°–36° गर 30°–36° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 22:34 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 09:37 तक है।

सोम 4 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:35 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 1 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

सोम 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 4 जुलाई पूर्णिमा 16 जून अमावस्या 1 जुल॰ पूर्णिमा 15 जुल॰ अमावस्या 30 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ आषाढ़ कृष्ण शुक्ल सोम 4 जुलाई पूर्णिमा 16 जून अमावस्या 1 जुल॰ पूर्णिमा 15 जुल॰ अमावस्या 30 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

सोम 4 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2068 · शक 1933

विक्रम संवत 2068 3 अप्रैल 2011 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जुलाई सूर्य 77.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2011 19:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 4 जुलाई सूर्य 77.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2011, 19:32 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 88.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2068 गिनता है; शक संवत 1933।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 4 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:50

चंद्रमा यहाँ 09:50 पर उदय होता है।

सोम 4 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:25

सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:25 चंद्रोदय 09:50
सूर्योदय 06:34 सूर्यास्त 21:33 सूर्योदय 06:35 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:25 चंद्रोदय 09:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:50 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:25 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:50 पर उदय हुआ; वह फिर 23:25 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।