Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 15 मई 2010
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
15 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 मई
- 05:27–06:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:43 से
- 08:39–10:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:27–14:25अभिजीत मुहूर्त
- 15:44–17:33लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:33–19:21अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:09 के बाद
- 21:09–22:21लाभ चौघड़िया
-
21:40–23:14अमृत कालरोहिणी में
- 23:32–00:44 रविशुभ चौघड़िया
- 00:44–01:56 रविअमृत चौघड़िया
- 05:31–06:42 रविलाभ चौघड़िया
- 05:26–06:04 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:43–08:32कालअशुभ
- 08:32–10:20शुभ
- 10:20–12:08रोगअशुभ
- 12:08–13:56उद्वेगअशुभ
- 13:56–15:44चरसामान्य
- 15:44–17:33लाभयमगण्ड में
- 17:33–19:21अमृतशुभ
- 19:21–21:09कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:09–22:21लाभशुभ
- 22:21–23:32उद्वेगअशुभ
- 23:32–00:44 रविशुभ
- 00:44–01:56 रविअमृतशुभ
- 01:56–03:07 रविचरसामान्य
- 03:07–04:19 रविरोगअशुभ
- 04:19–05:31 रविकालअशुभ
- 05:31–06:42 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 15 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:05, शुभ
- काल, अशुभ, 06:43–08:32
- शुभ, 08:32–10:20
- रोग, अशुभ, 10:20–12:08
- उद्वेग, अशुभ, 12:08–13:56
- चर, सामान्य, 13:56–15:44
- लाभ, शुभ, 15:44–17:33
- अमृत, शुभ, 17:33–19:21
- काल, अशुभ, 19:21–21:09
- लाभ, शुभ, 21:09–22:21
- उद्वेग, अशुभ, 22:21–23:32
- शुभ, 23:32–00:44 रवि
- अमृत, शुभ, 00:44–01:56 रवि
- चर, सामान्य, 01:56–03:07 रवि
- रोग, अशुभ, 03:07–04:19 रवि
- काल, अशुभ, 04:19–05:31 रवि
- लाभ, शुभ, 05:31–06:42 रवि
- गुलिक काल, 06:43–08:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:43–07:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:41–08:39, अशुभ
- राहु काल, 10:20–12:08, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:27–14:25, शुभ
- यमगण्ड, 15:44–17:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:04 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 15 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 12.9° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। प्रतिपदा उससे पहले 05:03 पर समाप्त हुई। द्वितीया 03:40 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 14 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में प्रतिपदा क्यों है?
नई दिल्ली में प्रतिपदा है, Sevan में द्वितीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:30, प्रतिपदा की समाप्ति 05:33 से पहले हुआ: यह दिन प्रतिपदा है। द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले, 04:10 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वितीया नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+5
यहाँ सूर्योदय, 06:43, प्रतिपदा की समाप्ति 05:03 के बाद हुआ: यह दिन द्वितीया है।
शनि 15 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:27–06:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:27–06:05।
शुक्र 14 मई की रात सूर्यास्त 21:08 शुक्र से सूर्योदय 06:43 तक थी, 9 घं 35 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 15 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:27–14:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:27–14:25।
शनि 15 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:43–07:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:43–07:41 और 07:41–08:39।
शनि 15 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:41–08:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:43–07:41 और 07:41–08:39।
यहाँ दिन, 06:43 से 21:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:43–07:41 और 07:41–08:39।
शनि 15 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:43–08:32 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:43 से 21:09, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:09 से 06:42 रवि, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 15 मई को राहुकाल कब है? 10:20–12:08
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:20–12:08।
शनि 15 मई को यमगंड कब है? 15:44–17:33
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:44–17:33।
शनि 15 मई को गुलिक काल कब है? 06:43–08:32
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:43–08:32।
यहाँ दिन 06:43 से 21:09 तक है, 14 घं 26 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 15 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:09, 14 घं 26 मि का दिन।
शनि 15 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:09, 14 घं 26 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 26 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 15 मई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 43° पर था: रोहिणी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 40° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:48 रवि को निकलेगा, मृगशिरा में।
शनि 15 मई को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 73.1° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 30.1° + 43° = 73.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 17:57 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
शनि 15 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 12.9° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 16:24 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 03:40 रवि तक।
शनि 15 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:42 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 15 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 14 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 12 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 15 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
शनि 15 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2067 · शक 1932
विक्रम संवत 2067 16 मार्च 2010 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2010, 01:01 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 58.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2067 गिनता है; शक संवत 1932।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 15 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:18
चंद्रमा यहाँ 07:18 पर उदय होता है।
शनि 15 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:59
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:18 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:59 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:18 पर उदय हुआ; वह फिर 22:59 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।