tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 11 मई 2010

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 06:39 बुध तक

फिर चतुर्दशी · 06:38 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:05⁠–⁠23:01
प्रदोष काल 21:05⁠–⁠23:01

प्रदोष व्रत मंगल 11 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 11 मई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:30 06:47 21:05अगला सूर्योदय 06:46 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:47–08:35रोगअशुभ
  • 08:35–10:22उद्वेगअशुभ
  • 10:22–12:09चरसामान्य
  • 12:09–13:56लाभशुभ
  • 13:56–15:43अमृतगुलिक काल में
  • 15:43–17:31कालअशुभ
  • 17:31–19:18शुभराहु काल में
  • 19:18–21:05रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:05–22:18कालअशुभ
  • 22:18–23:30लाभशुभ
  • 23:30–00:43 बुधउद्वेगअशुभ
  • 00:43–01:56 बुधशुभ
  • 01:56–03:08 बुधअमृतशुभ
  • 03:08–04:21 बुधचरसामान्य
  • 04:21–05:34 बुधरोगअशुभ
  • 05:34–06:46 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 11 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:30–06:08, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:47–08:35
  • उद्वेग, अशुभ, 08:35–10:22
  • चर, सामान्य, 10:22–12:09
  • लाभ, शुभ, 12:09–13:56
  • अमृत, शुभ, 13:56–15:43
  • काल, अशुभ, 15:43–17:31
  • शुभ, 17:31–19:18
  • रोग, अशुभ, 19:18–21:05
  • काल, अशुभ, 21:05–22:18
  • लाभ, शुभ, 22:18–23:30
  • उद्वेग, अशुभ, 23:30–00:43 बुध
  • शुभ, 00:43–01:56 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:56–03:08 बुध
  • चर, सामान्य, 03:08–04:21 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:21–05:34 बुध
  • काल, अशुभ, 05:34–06:46 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:39–10:36, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:22–12:09, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:28–14:25, शुभ
  • गुलिक काल, 13:56–15:43, अशुभ
  • राहु काल, 17:31–19:18, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:58–01:36 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:29–06:08 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 11 मई को क्यों है?

प्रदोष व्रत मंगल 11 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 01:00 सोम 10 मई प्रदोष काल 21:04–23:01
द्वादशी 20:00 22:00 00:00 सोम 10 मई प्रदोष काल 21:04–23:01
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 11 मई को 06:05 से बुध 12 मई को 06:39 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (21:05–23:01) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

मंगल 11 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.3° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:47। द्वादशी उससे पहले 06:05 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:39 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 28 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?

नई दिल्ली में द्वादशी है, Sevan में त्रयोदशी।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी मंगल 11 मई सुबह बुध 12 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+5 06:35 06:05 07:09 06:39 05:33 द्वादशी 05:32 त्रयोदशी 06:47 त्रयोदशी 06:46 चतुर्दशी
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी मंगल 11 मई सुबह बुध 12 मई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+5 06:35 06:05 07:09 06:39 05:33 द्वादशी 05:32 त्रयोदशी 06:47 त्रयोदशी 06:46 चतुर्दशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:33, द्वादशी की समाप्ति 06:35 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।

Sevan · UTC+5

यहाँ सूर्योदय, 06:47, द्वादशी की समाप्ति 06:05 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।

मंगल 11 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:30–06:08

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:30–06:08।

सूर्यास्त 21:04 सोम सूर्योदय 06:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 10 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:04 सोम सूर्योदय 06:47 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 10 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 10 मई की रात सूर्यास्त 21:04 सोम से सूर्योदय 06:47 तक थी, 9 घं 43 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 11 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:28–14:25

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:28–14:25।

मंगल 11 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:39–10:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:39–10:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:58 बुध–01:36 बुध।

मंगल 11 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 00:58–01:36 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:39–10:36, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:58 बुध–01:36 बुध।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:47 से 21:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:39–10:36 और 00:58 बुध–01:36 बुध।

मंगल 11 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:47–08:35 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:47 से 21:05, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:05 से 06:46 बुध, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 11 मई को राहुकाल कब है? 17:31–19:18

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:31–19:18।

मंगल 11 मई को यमगंड कब है? 10:22–12:09

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:22–12:09।

मंगल 11 मई को गुलिक काल कब है? 13:56–15:43

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:56–15:43।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:47 से 21:05 तक है, 14 घं 18 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 11 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 21:05, 14 घं 18 मि का दिन।

मंगल 11 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 21:05, 14 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 05:20 बुध
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 05:20 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 11 मई को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 350.6° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 350.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 350.6° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 00:35 बुध को निकलेगा, अश्विनी में।

मंगल 11 मई को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 376.9° थे, एक चक्कर और 16.9°: प्रीति।

सूर्य 26.3° + चंद्रमा 350.6° = 376.9° एक चक्कर + 16.9° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 26.3° + चंद्रमा 350.6° = 376.9° एक चक्कर + 16.9° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 26.3° + 350.6° = 376.9°, एक पूरा चक्कर और 16.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 00:00 बुध को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

मंगल 11 मई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 324.3° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 324.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 18:27 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 06:39 बुध तक।

मंगल 11 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:47, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:47 से 06:46 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 11 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)

14 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 17:28 बुध से 14 मई 06:04 शुक्र तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 03:16 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।

मंगल 11 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 11 मई अमावस्या 14 अप्रैल पूर्णिमा 28 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 28 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख (अधिक) वैशाख (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 11 मई अमावस्या 14 अप्रैल पूर्णिमा 28 अप्रैल अमावस्या 14 मई पूर्णिमा 28 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।

मंगल 11 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2067 · शक 1932

विक्रम संवत 2067 16 मार्च 2010 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2010 01:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 11 मई सूर्य 26.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 16 मार्च 2010 01:01 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 11 मई सूर्य 26.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2010, 01:01 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 55.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2067 गिनता है; शक संवत 1932।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 11 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:20 बुध

चंद्रमा यहाँ 05:20 बुध पर उदय होता है।

मंगल 11 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:36

सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 05:20 बुध
सूर्योदय 06:47 सूर्यास्त 21:05 सूर्योदय 06:46 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 18:36 चंद्रोदय 05:20 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:36 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:20 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:36 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:20 बुध पर उदय होगा।