Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 24 अप्रैल 2010
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
पद्मिनी एकादशी
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी शनि 24 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव रवि 25 अप्रैल को व्रत रखते हैं। शनि 24 अप्रैल क्यों?
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़24 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 अप्रैल
- 05:46–06:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:08 से
- 08:58–10:33शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
09:25–10:33अमृत कालराहु काल छोड़कर · मघा में
- 13:31–14:25अभिजीत मुहूर्त
- 15:40–17:23लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:23–19:05अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:48 के बाद
- 20:48–22:05लाभ चौघड़िया
- 23:22–00:40 रविशुभ चौघड़िया
- 00:40–01:57 रविअमृत चौघड़िया
-
03:53–05:22 रविअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 05:50–07:07 रविलाभ चौघड़िया
- 05:44–06:26 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:08–08:51कालअशुभ
- 08:51–10:33शुभ
- 10:33–12:16रोगअशुभ
- 12:16–13:58उद्वेगअशुभ
- 13:58–15:40चरसामान्य
- 15:40–17:23लाभयमगण्ड में
- 17:23–19:05अमृतशुभ
- 19:05–20:48कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:48–22:05लाभशुभ
- 22:05–23:22उद्वेगअशुभ
- 23:22–00:40 रविशुभ
- 00:40–01:57 रविअमृतशुभ
- 01:57–03:15 रविचरसामान्य
- 03:15–04:32 रविरोगअशुभ
- 04:32–05:50 रविकालअशुभ
- 05:50–07:07 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 24 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:46–06:27, शुभ
- काल, अशुभ, 07:08–08:51
- शुभ, 08:51–10:33
- रोग, अशुभ, 10:33–12:16
- उद्वेग, अशुभ, 12:16–13:58
- चर, सामान्य, 13:58–15:40
- लाभ, शुभ, 15:40–17:23
- अमृत, शुभ, 17:23–19:05
- काल, अशुभ, 19:05–20:48
- लाभ, शुभ, 20:48–22:05
- उद्वेग, अशुभ, 22:05–23:22
- शुभ, 23:22–00:40 रवि
- अमृत, शुभ, 00:40–01:57 रवि
- चर, सामान्य, 01:57–03:15 रवि
- रोग, अशुभ, 03:15–04:32 रवि
- काल, अशुभ, 04:32–05:50 रवि
- लाभ, शुभ, 05:50–07:07 रवि
- गुलिक काल, 07:08–08:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:08–08:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:03–08:58, अशुभ
- राहु काल, 10:33–12:16, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:31–14:25, शुभ
- यमगण्ड, 15:40–17:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:44–06:26 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पद्मिनी एकादशी शनि 24 अप्रैल को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में पद्मिनी एकादशी शनि 24 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर एकादशी है। वैष्णव रवि 25 अप्रैल को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 24 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 07:08: शनि 24 अप्रैल।
शनि 24 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.8° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:08। दशमी उससे पहले 05:39 पर समाप्त हुई। एकादशी 03:03 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 14 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में दशमी क्यों है?
नई दिल्ली में दशमी है, Sevan में एकादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:47, दशमी की समाप्ति 06:09 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है। एकादशी अगले सूर्योदय से पहले, 03:33 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+5
यहाँ सूर्योदय, 07:08, दशमी की समाप्ति 05:39 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।
शनि 24 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:46–06:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:46–06:27।
शुक्र 23 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:47 शुक्र से सूर्योदय 07:08 तक थी, 10 घं 21 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 24 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:31–14:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:31–14:25।
शनि 24 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:08–08:03
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:08–08:03 और 08:03–08:58।
शनि 24 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:03–08:58
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:08–08:03 और 08:03–08:58।
यहाँ दिन, 07:08 से 20:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:08–08:03 और 08:03–08:58।
शनि 24 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:08–08:51 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:08 से 20:48, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:48 से 07:07 रवि, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 24 अप्रैल को राहुकाल कब है? 10:33–12:16
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:33–12:16।
शनि 24 अप्रैल को यमगंड कब है? 15:40–17:23
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:40–17:23।
शनि 24 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 07:08–08:51
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:08–08:51।
यहाँ दिन 07:08 से 20:48 तक है, 13 घं 40 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 24 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 20:48, 13 घं 40 मि का दिन।
शनि 24 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:08, सूर्यास्त 20:48, 13 घं 40 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 130.6° पर था: मघा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 130° पर उसके पद 4 में आया। वह 11:38 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 140.4° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 9.8° + 130.6° = 140.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 16:52 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 120.8° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 16:22 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 03:03 रवि तक।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:08, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:08 से 07:07 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
14 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 17:28 बुध से 14 मई 06:04 शुक्र तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 15 मई 03:16 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख (अधिक) है।
शनि 24 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2067 · शक 1932
विक्रम संवत 2067 16 मार्च 2010 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 16 मार्च 2010, 01:01 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 38.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2067 गिनता है; शक संवत 1932।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 24 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:18
चंद्रमा यहाँ 16:18 पर उदय होता है।
शनि 24 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:57 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:18 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:57 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:18 पर उदय हुआ; वह फिर 04:57 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।