Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 31 जुलाई 2009
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
31 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 जुलाई
- 05:38–06:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:56 से
- 08:43–10:31लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 10:45–12:18अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
10:50–12:18अमृत कालराहु काल छोड़कर · अनुराधा में
- 14:06–14:34अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 14:06–14:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:32–15:53शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 21:16 के बाद
- 23:41–00:53 शनिलाभ चौघड़िया
- 02:06–03:19 शनिशुभ चौघड़िया
- 03:19–04:31 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:39–06:18 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:56–08:43चरसामान्य
- 08:43–10:31लाभगुलिक काल में
- 10:31–12:18अमृतशुभ
- 12:18–14:06कालअशुभ
- 14:06–15:53शुभ
- 15:53–17:41रोगअशुभ
- 17:41–19:28उद्वेगअशुभ
- 19:28–21:16चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 21:16–22:28रोगअशुभ
- 22:28–23:41कालअशुभ
- 23:41–00:53 शनिलाभशुभ
- 00:53–02:06 शनिउद्वेगअशुभ
- 02:06–03:19 शनिशुभ
- 03:19–04:31 शनिअमृतशुभ
- 04:31–05:44 शनिचरसामान्य
- 05:44–06:57 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 31 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:38–06:17, शुभ
- चर, सामान्य, 06:56–08:43
- लाभ, शुभ, 08:43–10:31
- अमृत, शुभ, 10:31–12:18
- काल, अशुभ, 12:18–14:06
- शुभ, 14:06–15:53
- रोग, अशुभ, 15:53–17:41
- उद्वेग, अशुभ, 17:41–19:28
- चर, सामान्य, 19:28–21:16
- रोग, अशुभ, 21:16–22:28
- काल, अशुभ, 22:28–23:41
- लाभ, शुभ, 23:41–00:53 शनि
- उद्वेग, अशुभ, 00:53–02:06 शनि
- शुभ, 02:06–03:19 शनि
- अमृत, शुभ, 03:19–04:31 शनि
- चर, सामान्य, 04:31–05:44 शनि
- रोग, अशुभ, 05:44–06:57 शनि
- गुलिक काल, 08:43–10:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:48–10:45, अशुभ
- राहु काल, 12:18–14:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:37–14:34, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:34–15:32, अशुभ
- यमगण्ड, 17:41–19:28, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:18 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 31 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 114.9° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:56। नवमी उससे पहले 16:14 गुरु पर समाप्त हुई। दशमी 17:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 22 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 31 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:38–06:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:38–06:17।
गुरु 30 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:17 गुरु से सूर्योदय 06:56 तक थी, 9 घं 39 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 31 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:37–14:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:37–14:34।
शुक्र 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:48–10:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:48–10:45 और 14:34–15:32।
शुक्र 31 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:34–15:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:48–10:45 और 14:34–15:32।
यहाँ दिन, 06:56 से 21:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:48–10:45 और 14:34–15:32।
शुक्र 31 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:56–08:43 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:56 से 21:16, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:16 से 06:57 शनि, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 31 जुलाई को राहुकाल कब है? 12:18–14:06
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:18–14:06।
शुक्र 31 जुलाई को यमगंड कब है? 17:41–19:28
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:41–19:28।
शुक्र 31 जुलाई को गुलिक काल कब है? 08:43–10:31
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:43–10:31।
यहाँ दिन 06:56 से 21:16 तक है, 14 घं 20 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 31 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 21:16, 14 घं 20 मि का दिन।
शुक्र 31 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 21:16, 14 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 218.9° पर था: अनुराधा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 216°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:14 को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 322.9° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104° + 218.9° = 322.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 02:00 शनि को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 114.9° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 04:58 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 17:51 तक है।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:56, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:56 से 06:57 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 22 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
शुक्र 31 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2066 · शक 1931
विक्रम संवत 2066 26 मार्च 2009 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2009, 20:05 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 121.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2066 गिनता है; शक संवत 1931।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 31 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:24
चंद्रमा यहाँ 17:24 पर उदय होता है।
शुक्र 31 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:24 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:24 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:24 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:24 पर उदय हुआ; वह फिर 02:24 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।