Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 23 जून 2009
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
23 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 23 जून
- 05:18–05:54ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:30 से
- 12:09–14:02लाभ चौघड़िया
-
12:09–12:58अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · आर्द्रा में
- 13:32–14:02अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 14:02–15:55अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:48–19:41शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 21:34 के बाद
- 22:41–23:48लाभ चौघड़िया
- 00:55–01:08 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:44–02:02 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 02:02–03:09 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:18–05:54 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:30–08:23रोगअशुभ
- 08:23–10:16उद्वेगअशुभ
- 10:16–12:09चरसामान्य
- 12:09–14:02लाभशुभ
- 14:02–15:55अमृतगुलिक काल में
- 15:55–17:48कालअशुभ
- 17:48–19:41शुभराहु काल में
- 19:41–21:34रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:34–22:41कालअशुभ
- 22:41–23:48लाभशुभ
- 23:48–00:55 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:55–02:02 बुधशुभ
- 02:02–03:09 बुधअमृतशुभ
- 03:09–04:16 बुधचरसामान्य
- 04:16–05:23 बुधरोगअशुभ
- 05:23–06:30 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 23 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–05:54, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:30–08:23
- उद्वेग, अशुभ, 08:23–10:16
- चर, सामान्य, 10:16–12:09
- लाभ, शुभ, 12:09–14:02
- अमृत, शुभ, 14:02–15:55
- काल, अशुभ, 15:55–17:48
- शुभ, 17:48–19:41
- रोग, अशुभ, 19:41–21:34
- काल, अशुभ, 21:34–22:41
- लाभ, शुभ, 22:41–23:48
- उद्वेग, अशुभ, 23:48–00:55 बुध
- शुभ, 00:55–02:02 बुध
- अमृत, शुभ, 02:02–03:09 बुध
- चर, सामान्य, 03:09–04:16 बुध
- रोग, अशुभ, 04:16–05:23 बुध
- काल, अशुभ, 05:23–06:30 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:30–10:31, अशुभ
- यमगण्ड, 10:16–12:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:32–14:32, शुभ
- गुलिक काल, 14:02–15:55, अशुभ
- राहु काल, 17:48–19:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 01:08–01:44 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:18–05:54 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 23 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.5° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:30। अमावस्या उससे पहले 00:34 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 20:52 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 23 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 23 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:18–05:54
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:18–05:54।
सोम 22 जून की रात सूर्यास्त 21:34 सोम से सूर्योदय 06:30 तक थी, 8 घं 56 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 23 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:32–14:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:32–14:32।
मंगल 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 09:30–10:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:30–10:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 01:08 बुध–01:44 बुध।
मंगल 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 01:08–01:44 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:30–10:31, और रात के 15 में से सातवाँ, 01:08 बुध–01:44 बुध।
यहाँ दिन, 06:30 से 21:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:30–10:31 और 01:08 बुध–01:44 बुध।
मंगल 23 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:30–08:23 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:30 से 21:34, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:34 से 06:30 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 23 जून को राहुकाल कब है? 17:48–19:41
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:48–19:41।
मंगल 23 जून को यमगंड कब है? 10:16–12:09
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:16–12:09।
मंगल 23 जून को गुलिक काल कब है? 14:02–15:55
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 14:02–15:55।
यहाँ दिन 06:30 से 21:34 तक है, 15 घं 4 मि। इसे 1 घं 53 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 23 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 21:34, 15 घं 4 मि का दिन।
मंगल 23 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 21:34, 15 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 23 जून को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 71.2° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 20:22 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
मंगल 23 जून को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 138.9° थे: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 67.7° + 71.2° = 138.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 17:56 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
मंगल 23 जून को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 3.5° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 10:43 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 20:52 तक।
मंगल 23 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:30, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:30 से 06:30 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 23 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 22 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
मंगल 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।
मंगल 23 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2066 · शक 1931
विक्रम संवत 2066 26 मार्च 2009 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2009, 20:05 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 85.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2066 गिनता है; शक संवत 1931।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 23 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:43
चंद्रमा यहाँ 06:43 पर उदय होता है।
मंगल 23 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:27
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:43 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:27 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:43 पर उदय हुआ; वह फिर 22:27 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।