Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 21 अक्टूबर 2008
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
अहोई अष्टमी
अहोई अष्टमी मंगल 21 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 21 अक्टूबर क्यों?
अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़21 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 अक्टूबर
- 06:32–07:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:17 से
- 12:22–13:44लाभ चौघड़िया
-
12:39–13:44अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · पुनर्वसु में
- 13:22–13:44अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:44–15:05अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:27–17:49शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:10 के बाद
- 20:49–22:27लाभ चौघड़िया
- 00:06–00:26 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:18–01:44 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:44–03:23 बुधअमृत चौघड़िया
-
07:58–09:31 बुधअमृत कालपुष्य में
- 06:33–07:26 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:17–09:39रोगअशुभ
- 09:39–11:00उद्वेगअशुभ
- 11:00–12:22चरसामान्य
- 12:22–13:44लाभशुभ
- 13:44–15:05अमृतगुलिक काल में
- 15:05–16:27कालअशुभ
- 16:27–17:49शुभराहु काल में
- 17:49–19:10रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:10–20:49कालअशुभ
- 20:49–22:27लाभशुभ
- 22:27–00:06 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:06–01:44 बुधशुभ
- 01:44–03:23 बुधअमृतशुभ
- 03:23–05:01 बुधचरसामान्य
- 05:01–06:40 बुधरोगअशुभ
- 06:40–08:18 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 21 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:32–07:25, शुभ
- रोग, अशुभ, 08:17–09:39
- उद्वेग, अशुभ, 09:39–11:00
- चर, सामान्य, 11:00–12:22
- लाभ, शुभ, 12:22–13:44
- अमृत, शुभ, 13:44–15:05
- काल, अशुभ, 15:05–16:27
- शुभ, 16:27–17:49
- रोग, अशुभ, 17:49–19:10
- काल, अशुभ, 19:10–20:49
- लाभ, शुभ, 20:49–22:27
- उद्वेग, अशुभ, 22:27–00:06 बुध
- शुभ, 00:06–01:44 बुध
- अमृत, शुभ, 01:44–03:23 बुध
- चर, सामान्य, 03:23–05:01 बुध
- रोग, अशुभ, 05:01–06:40 बुध
- काल, अशुभ, 06:40–08:18 बुध
- दुर्मुहूर्त, 10:28–11:11, अशुभ
- यमगण्ड, 11:00–12:22, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:22–14:06, शुभ
- गुलिक काल, 13:44–15:05, अशुभ
- राहु काल, 16:27–17:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:26–01:18 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:33–07:26 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अहोई अष्टमी मंगल 21 अक्टूबर को क्यों है?
अहोई अष्टमी मंगल 21 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं।
अहोई अष्टमी की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अष्टमी मंगल 21 अक्टूबर को 05:47 से बुध 22 अक्टूबर को 04:08 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (19:10–21:48) उसके भीतर है। अहोई अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 265.4° आगे था: कृष्ण अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:17। सप्तमी उससे पहले 05:47 पर समाप्त हुई। अष्टमी 04:08 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 15 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 21 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:32–07:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:32–07:25।
सोम 20 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:12 सोम से सूर्योदय 08:17 तक थी, 13 घं 5 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 21 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:22–14:06
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:22–14:06।
मंगल 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:28–11:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:28–11:11, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:26 बुध–01:18 बुध।
मंगल 21 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:26–01:18 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:28–11:11, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:26 बुध–01:18 बुध।
यहाँ दिन, 08:17 से 19:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:28–11:11 और 00:26 बुध–01:18 बुध।
मंगल 21 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:17–09:39 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:17 से 19:10, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:10 से 08:18 बुध, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 21 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 16:27–17:49
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:27–17:49।
मंगल 21 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:00–12:22
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 11:00–12:22।
मंगल 21 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 13:44–15:05
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:44–15:05।
यहाँ दिन 08:17 से 19:10 तक है, 10 घं 53 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 21 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 19:10, 10 घं 53 मि का दिन।
मंगल 21 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:17, सूर्यास्त 19:10, 10 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 89.5° पर था: पुनर्वसु, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:56 को निकलेगा, पुष्य में।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 273.6° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 184.1° + 89.5° = 273.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 18:36 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 265.4° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 16:54 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 04:08 बुध तक।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:17, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:17 से 08:18 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 29 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 21 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2065 · शक 1930
विक्रम संवत 2065 6 अप्रैल 2008 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2008, 08:55 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 191.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2065 गिनता है; शक संवत 1930।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 21 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:06 बुध
चंद्रमा यहाँ 01:06 बुध पर उदय होता है।
मंगल 21 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:06 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:06 बुध पर उदय होगा।