Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 28 अगस्त 2008
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 28 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 28 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत का पारण
अजा एकादशी
28 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अगस्त
- 05:57–06:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:23 से
- 07:23–09:02शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 13:34–14:27अभिजीत मुहूर्त
- 14:00–15:40लाभ चौघड़िया
- 15:40–17:19अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:58–20:38शुभ चौघड़िया
-
19:54–21:25अमृत कालपुष्य में
- सूर्यास्त 20:38 के बाद
- 20:38–21:58अमृत चौघड़िया
- 02:01–03:22 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:42–06:03 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 06:03–07:24 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:58–06:41 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:23–09:02शुभयमगण्ड में
- 09:02–10:42रोगअशुभ
- 10:42–12:21उद्वेगअशुभ
- 12:21–14:00चरसामान्य
- 14:00–15:40लाभशुभ
- 15:40–17:19अमृतराहु काल में
- 17:19–18:58कालअशुभ
- 18:58–20:38शुभ
रात का चौघड़िया
- 20:38–21:58अमृतशुभ
- 21:58–23:19चरसामान्य
- 23:19–00:40 शुक्ररोगअशुभ
- 00:40–02:01 शुक्रकालअशुभ
- 02:01–03:22 शुक्रलाभशुभ
- 03:22–04:42 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:42–06:03 शुक्रशुभ
- 06:03–07:24 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 28 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:40, शुभ
- शुभ, 07:23–09:02
- रोग, अशुभ, 09:02–10:42
- उद्वेग, अशुभ, 10:42–12:21
- चर, सामान्य, 12:21–14:00
- लाभ, शुभ, 14:00–15:40
- अमृत, शुभ, 15:40–17:19
- काल, अशुभ, 17:19–18:58
- शुभ, 18:58–20:38
- अमृत, शुभ, 20:38–21:58
- चर, सामान्य, 21:58–23:19
- रोग, अशुभ, 23:19–00:40 शुक्र
- काल, अशुभ, 00:40–02:01 शुक्र
- लाभ, शुभ, 02:01–03:22 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 03:22–04:42 शुक्र
- शुभ, 04:42–06:03 शुक्र
- अमृत, शुभ, 06:03–07:24 शुक्र
- यमगण्ड, 07:23–09:02, अशुभ
- गुलिक काल, 10:42–12:21, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:48–12:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:34–14:27, शुभ
- राहु काल, 15:40–17:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:06–17:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:58–06:41 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत गुरु 28 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 28 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 28 अगस्त को 06:21 से शुक्र 29 अगस्त को 04:15 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (20:38–22:47) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 324.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:23। द्वादशी उससे पहले 06:21 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 04:15 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 17 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Sevan में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:57, द्वादशी की समाप्ति 06:51 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है। त्रयोदशी अगले सूर्योदय से पहले, 04:45 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+5
यहाँ सूर्योदय, 07:23, द्वादशी की समाप्ति 06:21 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
गुरु 28 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:57–06:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:57–06:40।
बुध 27 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:39 बुध से सूर्योदय 07:23 तक थी, 10 घं 44 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 28 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:34–14:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:34–14:27।
गुरु 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:48–12:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:48–12:41 और 17:06–17:59।
गुरु 28 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 17:06–17:59
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:48–12:41 और 17:06–17:59।
यहाँ दिन, 07:23 से 20:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:48–12:41 और 17:06–17:59।
गुरु 28 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:23–09:02 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:23 से 20:38, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:38 से 07:24 शुक्र, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 28 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:40–17:19
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:40–17:19।
गुरु 28 अगस्त को यमगंड कब है? 07:23–09:02
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:23–09:02।
गुरु 28 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:42–12:21
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:42–12:21।
यहाँ दिन 07:23 से 20:38 तक है, 13 घं 15 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 28 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:23
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:23, सूर्यास्त 20:38, 13 घं 15 मि का दिन।
गुरु 28 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:23, सूर्यास्त 20:38, 13 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य
सूर्योदय पर चंद्रमा 95.8° पर था: पुष्य, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 93°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:57 शुक्र को निकलेगा, अश्लेशा में।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 227° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 131.2° + 95.8° = 227°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 04:11 शुक्र को समाप्त होता है, फिर परिघ।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 324.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:16 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 04:15 शुक्र तक।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:23, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:23 से 07:24 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 1 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
गुरु 28 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2065 · शक 1930
विक्रम संवत 2065 6 अप्रैल 2008 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 2008, 08:55 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 138.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2065 गिनता है; शक संवत 1930।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 28 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:29 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 05:29 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 28 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:29 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:29 शुक्र पर उदय होगा।