Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 2 अक्टूबर 2007
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
2 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 अक्टूबर
- 06:18–07:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:56 से
- 12:21–13:49लाभ चौघड़िया
- 13:25–13:49अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:49–15:17अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
15:17–16:12अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · मृगशिरा में
- 16:45–18:13शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:41 के बाद
- 21:13–22:45लाभ चौघड़िया
- 00:17–00:36 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:25–01:49 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:49–03:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 06:19–07:08 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:56–09:24रोगअशुभ
- 09:24–10:52उद्वेगअशुभ
- 10:52–12:21चरसामान्य
- 12:21–13:49लाभशुभ
- 13:49–15:17अमृतगुलिक काल में
- 15:17–16:45कालअशुभ
- 16:45–18:13शुभराहु काल में
- 18:13–19:41रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:41–21:13कालअशुभ
- 21:13–22:45लाभशुभ
- 22:45–00:17 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:17–01:49 बुधशुभ
- 01:49–03:21 बुधअमृतशुभ
- 03:21–04:53 बुधचरसामान्य
- 04:53–06:25 बुधरोगअशुभ
- 06:25–07:57 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:18–07:07, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:56–09:24
- उद्वेग, अशुभ, 09:24–10:52
- चर, सामान्य, 10:52–12:21
- लाभ, शुभ, 12:21–13:49
- अमृत, शुभ, 13:49–15:17
- काल, अशुभ, 15:17–16:45
- शुभ, 16:45–18:13
- रोग, अशुभ, 18:13–19:41
- काल, अशुभ, 19:41–21:13
- लाभ, शुभ, 21:13–22:45
- उद्वेग, अशुभ, 22:45–00:17 बुध
- शुभ, 00:17–01:49 बुध
- अमृत, शुभ, 01:49–03:21 बुध
- चर, सामान्य, 03:21–04:53 बुध
- रोग, अशुभ, 04:53–06:25 बुध
- काल, अशुभ, 06:25–07:57 बुध
- दुर्मुहूर्त, 10:17–11:04, अशुभ
- यमगण्ड, 10:52–12:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:25–14:12, शुभ
- गुलिक काल, 13:49–15:17, अशुभ
- राहु काल, 16:45–18:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:36–01:25 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:19–07:08 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 253.3° आगे था: कृष्ण सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:56। षष्ठी उससे पहले 05:35 पर समाप्त हुई। सप्तमी 03:46 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 27 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 2 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:18–07:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:18–07:07।
सोम 1 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:43 सोम से सूर्योदय 07:56 तक थी, 12 घं 13 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 2 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:25–14:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:25–14:12।
मंगल 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:17–11:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:17–11:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:36 बुध–01:25 बुध।
मंगल 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 00:36–01:25 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 10:17–11:04, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:36 बुध–01:25 बुध।
यहाँ दिन, 07:56 से 19:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 10:17–11:04 और 00:36 बुध–01:25 बुध।
मंगल 2 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:56–09:24 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:56 से 19:41, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:41 से 07:57 बुध, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 2 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 16:45–18:13
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:45–18:13।
मंगल 2 अक्टूबर को यमगंड कब है? 10:52–12:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:52–12:21।
मंगल 2 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 13:49–15:17
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:49–15:17।
यहाँ दिन 07:56 से 19:41 तक है, 11 घं 45 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 2 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:56, सूर्यास्त 19:41, 11 घं 45 मि का दिन।
मंगल 2 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:56, सूर्यास्त 19:41, 11 घं 45 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 57.9° पर था: मृगशिरा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 56°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:02 को निकलेगा, आर्द्रा में।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 222.5° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 164.6° + 57.9° = 222.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 14:41 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 253.3° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 16:36 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 03:46 बुध तक।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:56, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:56 से 07:57 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 11 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 11 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 2 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2064 · शक 1929
विक्रम संवत 2064 19 मार्च 2007 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2007, 06:42 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 190.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2064 गिनता है; शक संवत 1929।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 2 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:31
चंद्रमा यहाँ 23:31 पर उदय होता है।
मंगल 2 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:46
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:31 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:31 पर उदय होगा।