Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 18 अगस्त 2007
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
नाग पंचमी
नाग पंचमी शनि 18 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है। शनि 18 अगस्त क्यों?
नाग पंचमी: Sevan में हर तारीख़18 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 18 अगस्त
- 05:50–06:31ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:12 से
- 09:02–10:38शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:36–14:31अभिजीत मुहूर्त
-
15:19–15:46अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · चित्रा में
- 15:46–17:28लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:28–19:11अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:54 के बाद
- 20:54–22:11लाभ चौघड़िया
- 23:29–00:46 रविशुभ चौघड़िया
- 00:46–02:04 रविअमृत चौघड़िया
- 05:56–07:13 रविलाभ चौघड़िया
- 05:51–06:32 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:12–08:55कालअशुभ
- 08:55–10:38शुभ
- 10:38–12:20रोगअशुभ
- 12:20–14:03उद्वेगअशुभ
- 14:03–15:46चरसामान्य
- 15:46–17:28लाभयमगण्ड में
- 17:28–19:11अमृतशुभ
- 19:11–20:54कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:54–22:11लाभशुभ
- 22:11–23:29उद्वेगअशुभ
- 23:29–00:46 रविशुभ
- 00:46–02:04 रविअमृतशुभ
- 02:04–03:21 रविचरसामान्य
- 03:21–04:39 रविरोगअशुभ
- 04:39–05:56 रविकालअशुभ
- 05:56–07:13 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 18 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:31, शुभ
- काल, अशुभ, 07:12–08:55
- शुभ, 08:55–10:38
- रोग, अशुभ, 10:38–12:20
- उद्वेग, अशुभ, 12:20–14:03
- चर, सामान्य, 14:03–15:46
- लाभ, शुभ, 15:46–17:28
- अमृत, शुभ, 17:28–19:11
- काल, अशुभ, 19:11–20:54
- लाभ, शुभ, 20:54–22:11
- उद्वेग, अशुभ, 22:11–23:29
- शुभ, 23:29–00:46 रवि
- अमृत, शुभ, 00:46–02:04 रवि
- चर, सामान्य, 02:04–03:21 रवि
- रोग, अशुभ, 03:21–04:39 रवि
- काल, अशुभ, 04:39–05:56 रवि
- लाभ, शुभ, 05:56–07:13 रवि
- गुलिक काल, 07:12–08:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:12–08:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:07–09:02, अशुभ
- राहु काल, 10:38–12:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:36–14:31, शुभ
- यमगण्ड, 15:46–17:28, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:51–06:32 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में नाग पंचमी शनि 18 अगस्त को क्यों है?
नाग पंचमी शनि 18 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है।
नाग पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी शुक्र 17 अगस्त को 08:43 से शनि 18 अगस्त को 10:59 तक है, इसलिए वह केवल शनि 18 अगस्त के सूर्योदय (07:12) पर है। नाग पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 18 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 58.3° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:12। चतुर्थी उससे पहले 08:43 शुक्र पर समाप्त हुई। पञ्चमी 10:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 13 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 18 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:50–06:31
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:50–06:31।
शुक्र 17 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:55 शुक्र से सूर्योदय 07:12 तक थी, 10 घं 17 मि। इसे 41 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 18 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:36–14:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:36–14:31।
शनि 18 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:12–08:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:12–08:07 और 08:07–09:02।
शनि 18 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:07–09:02
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:12–08:07 और 08:07–09:02।
यहाँ दिन, 07:12 से 20:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 54 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:12–08:07 और 08:07–09:02।
शनि 18 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:12–08:55 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:12 से 20:54, 1 घं 42 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:54 से 07:13 रवि, 1 घं 17 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 18 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:38–12:20
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:38–12:20।
शनि 18 अगस्त को यमगंड कब है? 15:46–17:28
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:46–17:28।
शनि 18 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:12–08:55
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:12–08:55।
यहाँ दिन 07:12 से 20:54 तक है, 13 घं 42 मि। इसे 1 घं 42 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 18 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 20:54, 13 घं 42 मि का दिन।
शनि 18 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 20:54, 13 घं 42 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 42 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 19 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 18 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 179.1° पर था: चित्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 176°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:29 को निकलेगा, स्वाती में।
शनि 18 अगस्त को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 299.9° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 120.8° + 179.1° = 299.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 19:48 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शनि 18 अगस्त को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 58.3° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:49 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 10:59 तक है।
शनि 18 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:12, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:12 से 07:13 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 18 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 13 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 11 सितंबर, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
शनि 18 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
शनि 18 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2064 · शक 1929
विक्रम संवत 2064 19 मार्च 2007 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2007, 06:42 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 146.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2064 गिनता है; शक संवत 1929।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 18 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:32
चंद्रमा यहाँ 12:32 पर उदय होता है।
शनि 18 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:05
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:32 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:05 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:32 पर उदय हुआ; वह फिर 23:05 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।