Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 21 मई 2007
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
21 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 21 मई
- 05:23–06:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:38 से
- 06:38–08:28अमृत चौघड़िया
- 10:17–12:07शुभ चौघड़िया
- 13:56–14:26अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 18:19–19:25लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 19:25–21:14अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:14 के बाद
- 00:46–01:56 मंगललाभ चौघड़िया
-
01:58–03:35 मंगलअमृत कालपुष्य में
- 03:06–04:17 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:17–05:27 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:22–06:00 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:38–08:28अमृतशुभ
- 08:28–10:17कालअशुभ
- 10:17–12:07शुभ
- 12:07–13:56रोगअशुभ
- 13:56–15:46उद्वेगअशुभ
- 15:46–17:35चरसामान्य
- 17:35–19:25लाभशुभ
- 19:25–21:14अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:14–22:25चरसामान्य
- 22:25–23:35रोगअशुभ
- 23:35–00:46 मंगलकालअशुभ
- 00:46–01:56 मंगललाभशुभ
- 01:56–03:06 मंगलउद्वेगअशुभ
- 03:06–04:17 मंगलशुभ
- 04:17–05:27 मंगलअमृतशुभ
- 05:27–06:38 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 21 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:01, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:38–08:28
- काल, अशुभ, 08:28–10:17
- शुभ, 10:17–12:07
- रोग, अशुभ, 12:07–13:56
- उद्वेग, अशुभ, 13:56–15:46
- चर, सामान्य, 15:46–17:35
- लाभ, शुभ, 17:35–19:25
- अमृत, शुभ, 19:25–21:14
- चर, सामान्य, 21:14–22:25
- रोग, अशुभ, 22:25–23:35
- काल, अशुभ, 23:35–00:46 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:46–01:56 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:56–03:06 मंगल
- शुभ, 03:06–04:17 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:17–05:27 मंगल
- चर, सामान्य, 05:27–06:38 मंगल
- राहु काल, 08:28–10:17, अशुभ
- यमगण्ड, 12:07–13:56, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:27–14:26, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:26–15:24, अशुभ
- गुलिक काल, 15:46–17:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:21–18:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:22–06:00 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 21 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 56.9° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। चतुर्थी उससे पहले 13:44 रवि पर समाप्त हुई। पञ्चमी 12:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 17 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 21 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:01।
रवि 20 मई की रात सूर्यास्त 21:13 रवि से सूर्योदय 06:38 तक थी, 9 घं 25 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 21 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:27–14:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:27–14:26।
सोम 21 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 14:26–15:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:26–15:24 और 17:21–18:19।
सोम 21 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:21–18:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:26–15:24 और 17:21–18:19।
यहाँ दिन, 06:38 से 21:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:26–15:24 और 17:21–18:19।
सोम 21 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:38–08:28 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:38 से 21:14, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:14 से 06:38 मंगल, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 21 मई को राहुकाल कब है? 08:28–10:17
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:28–10:17।
सोम 21 मई को यमगंड कब है? 12:07–13:56
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:07–13:56।
सोम 21 मई को गुलिक काल कब है? 15:46–17:35
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:46–17:35।
यहाँ दिन 06:38 से 21:14 तक है, 14 घं 36 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 21 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 21:14, 14 घं 36 मि का दिन।
सोम 21 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 21:14, 14 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 21 मई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 92.5° पर था: पुनर्वसु, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:03 को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 21 मई को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 128.2° थे: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 35.7° + 92.5° = 128.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 15:13 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
सोम 21 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 56.9° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 01:08 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 12:45 तक है।
सोम 21 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:38 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 21 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
17 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 मई 00:27 गुरु से 15 जून 08:13 शुक्र तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 15:22 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
सोम 21 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
सोम 21 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2064 · शक 1929
विक्रम संवत 2064 19 मार्च 2007 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2007, 06:42 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 61.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2064 गिनता है; शक संवत 1929।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 21 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:44
चंद्रमा यहाँ 10:44 पर उदय होता है।
सोम 21 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:02 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:44 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:02 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:44 पर उदय हुआ; वह फिर 02:02 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।