tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 17 अप्रैल 2007

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 16:36 तक

फिर प्रतिपदा · 12:47 बुध तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या मंगल 17 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। मंगल 17 अप्रैल क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:54 07:19 20:40अगला सूर्योदय 07:18 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:19–08:59रोगअशुभ
  • 08:59–10:39उद्वेगअशुभ
  • 10:39–12:19चरसामान्य
  • 12:19–14:00लाभशुभ
  • 14:00–15:40अमृतगुलिक काल में
  • 15:40–17:20कालअशुभ
  • 17:20–19:00शुभराहु काल में
  • 19:00–20:40रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:40–22:00कालअशुभ
  • 22:00–23:19लाभशुभ
  • 23:19–00:39 बुधउद्वेगअशुभ
  • 00:39–01:59 बुधशुभ
  • 01:59–03:18 बुधअमृतशुभ
  • 03:18–04:38 बुधचरसामान्य
  • 04:38–05:58 बुधरोगअशुभ
  • 05:58–07:18 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 17 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:36, शुभ
  • रोग, अशुभ, 07:19–08:59
  • उद्वेग, अशुभ, 08:59–10:39
  • चर, सामान्य, 10:39–12:19
  • लाभ, शुभ, 12:19–14:00
  • अमृत, शुभ, 14:00–15:40
  • काल, अशुभ, 15:40–17:20
  • शुभ, 17:20–19:00
  • रोग, अशुभ, 19:00–20:40
  • काल, अशुभ, 20:40–22:00
  • लाभ, शुभ, 22:00–23:19
  • उद्वेग, अशुभ, 23:19–00:39 बुध
  • शुभ, 00:39–01:59 बुध
  • अमृत, शुभ, 01:59–03:18 बुध
  • चर, सामान्य, 03:18–04:38 बुध
  • रोग, अशुभ, 04:38–05:58 बुध
  • काल, अशुभ, 05:58–07:18 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 09:59–10:53, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:39–12:19, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:33–14:26, शुभ
  • गुलिक काल, 14:00–15:40, अशुभ
  • राहु काल, 17:20–19:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 00:55–01:38 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:53–06:35 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अमावस्या मंगल 17 अप्रैल को क्यों है?

अमावस्या मंगल 17 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 सोम 16 अप्रैल सूर्योदय 07:21
चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 सोम 16 अप्रैल सूर्योदय 07:21
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 16 अप्रैल को 20:24 से मंगल 17 अप्रैल को 16:36 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 17 अप्रैल के सूर्योदय (07:19) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

मंगल 17 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 354.5° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 354.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 354.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:19। चतुर्दशी उससे पहले 20:24 सोम पर समाप्त हुई। अमावस्या 16:36 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 2 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 17 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:54–06:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:54–06:36।

सूर्यास्त 20:39 सोम सूर्योदय 07:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:39 सोम सूर्योदय 07:19 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 16 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 16 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:39 सोम से सूर्योदय 07:19 तक थी, 10 घं 40 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 17 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:33–14:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:33–14:26।

मंगल 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 09:59–10:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:59–10:53, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:55 बुध–01:38 बुध।

मंगल 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 00:55–01:38 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:59–10:53, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:55 बुध–01:38 बुध।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 07:19 से 20:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:59–10:53 और 00:55 बुध–01:38 बुध।

मंगल 17 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:19–08:59 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:19 से 20:40, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:40 से 07:18 बुध, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 17 अप्रैल को राहुकाल कब है? 17:20–19:00

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:20–19:00।

मंगल 17 अप्रैल को यमगंड कब है? 10:39–12:19

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:39–12:19।

मंगल 17 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 14:00–15:40

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 14:00–15:40।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 07:19 से 20:40 तक है, 13 घं 21 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 17 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:19, सूर्यास्त 20:40, 13 घं 21 मि का दिन।

मंगल 17 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:19, सूर्यास्त 20:40, 13 घं 21 मि का दिन।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:55
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 357.2° पर था: रेवती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 357.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 357.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:41 को निकलेगा, अश्विनी में।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 359.9° थे: वैधृति।

सूर्य 2.7° + चंद्रमा 357.2° = 359.9° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 2.7° + चंद्रमा 357.2° = 359.9° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 2.7° + 357.2° = 359.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 07:21 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 354.5° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 354.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 354.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 06:31 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 16:36 तक है।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:19, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:19 से 07:18 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 19 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 17 अप्रैल अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल पूर्णिमा 2 मई
अमान्त पूर्णिमान्त वैशाख चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 17 अप्रैल अमावस्या 19 मार्च पूर्णिमा 2 अप्रैल अमावस्या 17 अप्रैल पूर्णिमा 2 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

मंगल 17 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2064 · शक 1929

विक्रम संवत 2064 19 मार्च 2007 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2007 06:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 अप्रैल सूर्य 2.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2007 06:42 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 17 अप्रैल सूर्य 2.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2007, 06:42 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 28.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2064 गिनता है; शक संवत 1929।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 17 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:55

चंद्रमा यहाँ 20:55 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:55
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:55
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 20:55 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।