Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 26 जनवरी 2006
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत का पारण
षटतिला एकादशी
26 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 26 जनवरी
- 06:22–07:18ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:15 से
- 08:15–09:29शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:52–13:32अभिजीत मुहूर्त
- 13:12–14:27लाभ चौघड़िया
- 14:27–15:41अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:55–18:10शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:10 के बाद
- 18:10–19:55अमृत चौघड़िया
- 01:12–02:57 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:43–06:28 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 06:28–08:14 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 06:21–07:18 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:15–09:29शुभयमगण्ड में
- 09:29–10:43रोगअशुभ
- 10:43–11:58उद्वेगअशुभ
- 11:58–13:12चरसामान्य
- 13:12–14:27लाभशुभ
- 14:27–15:41अमृतराहु काल में
- 15:41–16:55कालअशुभ
- 16:55–18:10शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:10–19:55अमृतशुभ
- 19:55–21:41चरसामान्य
- 21:41–23:26रोगअशुभ
- 23:26–01:12 शुक्रकालअशुभ
- 01:12–02:57 शुक्रलाभशुभ
- 02:57–04:43 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:43–06:28 शुक्रशुभ
- 06:28–08:14 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 26 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:22–07:18, शुभ
- शुभ, 08:15–09:29
- रोग, अशुभ, 09:29–10:43
- उद्वेग, अशुभ, 10:43–11:58
- चर, सामान्य, 11:58–13:12
- लाभ, शुभ, 13:12–14:27
- अमृत, शुभ, 14:27–15:41
- काल, अशुभ, 15:41–16:55
- शुभ, 16:55–18:10
- अमृत, शुभ, 18:10–19:55
- चर, सामान्य, 19:55–21:41
- रोग, अशुभ, 21:41–23:26
- काल, अशुभ, 23:26–01:12 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:12–02:57 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:57–04:43 शुक्र
- शुभ, 04:43–06:28 शुक्र
- अमृत, शुभ, 06:28–08:14 शुक्र
- यमगण्ड, 08:15–09:29, अशुभ
- गुलिक काल, 10:43–11:58, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:33–12:13, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:52–13:32, शुभ
- राहु काल, 14:27–15:41, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:31–16:11, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:21–07:18 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 26 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 313.1° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:15। एकादशी उससे पहले 06:11 पर समाप्त हुई। द्वादशी 04:00 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 14 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में एकादशी क्यों है?
नई दिल्ली में एकादशी है, Sevan में द्वादशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:12, एकादशी की समाप्ति 07:41 से पहले हुआ: यह दिन एकादशी है। द्वादशी अगले सूर्योदय से पहले, 05:30 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 08:15, एकादशी की समाप्ति 06:11 के बाद हुआ: यह दिन द्वादशी है।
गुरु 26 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:22–07:18
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:22–07:18।
बुध 25 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:09 बुध से सूर्योदय 08:15 तक थी, 14 घं 6 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 26 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:52–13:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:52–13:32।
गुरु 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:33–12:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:33–12:13 और 15:31–16:11।
गुरु 26 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:31–16:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:33–12:13 और 15:31–16:11।
यहाँ दिन, 08:15 से 18:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:33–12:13 और 15:31–16:11।
गुरु 26 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:15–09:29 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:15 से 18:10, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:10 से 08:14 शुक्र, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 26 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:27–15:41
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:27–15:41।
गुरु 26 जनवरी को यमगंड कब है? 08:15–09:29
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:15–09:29।
गुरु 26 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:43–11:58
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:43–11:58।
यहाँ दिन 08:15 से 18:10 तक है, 9 घं 55 मि। इसे 1 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 26 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:15, सूर्यास्त 18:10, 9 घं 55 मि का दिन।
गुरु 26 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:15, सूर्यास्त 18:10, 9 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 235.2° पर था: ज्येष्ठा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 233°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:21 को निकलेगा, मूल में।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 517.3° थे, एक चक्कर और 157.3°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 282.1° + 235.2° = 517.3°, एक पूरा चक्कर और 157.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 12:27 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 313.1° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 17:11 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 04:00 शुक्र तक।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 08:15, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:15 से 08:14 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 31 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
गुरु 26 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2062 · शक 1927
विक्रम संवत 2062 9 अप्रैल 2005 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2005, 01:32 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 286.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2062 गिनता है; शक संवत 1927।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 26 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:37 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 06:37 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 26 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:14
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:14 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:37 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:14 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:37 शुक्र पर उदय होगा।