Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 29 नवंबर 2005
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत मंगल 29 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। मंगल 29 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 29 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 29 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़29 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 नवंबर
- 06:06–07:04ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:01 से
- 11:36–12:48लाभ चौघड़िया
- 12:29–12:48अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:48–13:59अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:59–14:44अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · स्वाती में
- 15:11–16:22शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:34 के बाद
- 19:23–21:11लाभ चौघड़िया
- 23:00–23:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:19–00:48 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:48–02:37 बुधअमृत चौघड़िया
- 06:07–07:05 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:01–09:13रोगअशुभ
- 09:13–10:25उद्वेगअशुभ
- 10:25–11:36चरसामान्य
- 11:36–12:48लाभशुभ
- 12:48–13:59अमृतगुलिक काल में
- 13:59–15:11कालअशुभ
- 15:11–16:22शुभराहु काल में
- 16:22–17:34रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:34–19:23कालअशुभ
- 19:23–21:11लाभशुभ
- 21:11–23:00उद्वेगअशुभ
- 23:00–00:48 बुधशुभ
- 00:48–02:37 बुधअमृतशुभ
- 02:37–04:25 बुधचरसामान्य
- 04:25–06:14 बुधरोगअशुभ
- 06:14–08:02 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 29 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:06–07:04, शुभ
- रोग, अशुभ, 08:01–09:13
- उद्वेग, अशुभ, 09:13–10:25
- चर, सामान्य, 10:25–11:36
- लाभ, शुभ, 11:36–12:48
- अमृत, शुभ, 12:48–13:59
- काल, अशुभ, 13:59–15:11
- शुभ, 15:11–16:22
- रोग, अशुभ, 16:22–17:34
- काल, अशुभ, 17:34–19:23
- लाभ, शुभ, 19:23–21:11
- उद्वेग, अशुभ, 21:11–23:00
- शुभ, 23:00–00:48 बुध
- अमृत, शुभ, 00:48–02:37 बुध
- चर, सामान्य, 02:37–04:25 बुध
- रोग, अशुभ, 04:25–06:14 बुध
- काल, अशुभ, 06:14–08:02 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:56–10:34, अशुभ
- यमगण्ड, 10:25–11:36, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:29–13:07, शुभ
- गुलिक काल, 12:48–13:59, अशुभ
- राहु काल, 15:11–16:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:21–00:19 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:07–07:05 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत मंगल 29 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत मंगल 29 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 28 नवंबर को 21:38 से मंगल 29 नवंबर को 21:26 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का प्रदोष काल (17:34–20:28) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Sevan में मासिक शिवरात्रि मंगल 29 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 29 नवंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 29 नवंबर को 21:26 से बुध 30 नवंबर को 20:32 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (00:19 बुध–01:17 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 29 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 329.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:01। द्वादशी उससे पहले 21:38 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 21:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 16 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 29 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:06–07:04
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:06–07:04।
सोम 28 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:34 सोम से सूर्योदय 08:01 तक थी, 14 घं 27 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 29 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:29–13:07
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:29–13:07।
मंगल 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:56–10:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:56–10:34, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:19 बुध।
मंगल 29 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:21–00:19 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:56–10:34, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:19 बुध।
यहाँ दिन, 08:01 से 17:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:56–10:34 और 23:21–00:19 बुध।
मंगल 29 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:01–09:13 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:01 से 17:34, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:34 से 08:02 बुध, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 29 नवंबर को राहुकाल कब है? 15:11–16:22
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:11–16:22।
मंगल 29 नवंबर को यमगंड कब है? 10:25–11:36
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:25–11:36।
मंगल 29 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:48–13:59
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:48–13:59।
यहाँ दिन 08:01 से 17:34 तक है, 9 घं 33 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 29 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 33 मि का दिन।
मंगल 29 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 17:34, 9 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती
सूर्योदय पर चंद्रमा 192.3° पर था: स्वाती, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 190° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:03 को निकलेगा, विशाखा में।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 415.4° थे, एक चक्कर और 55.4°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 223.1° + 192.3° = 415.4°, एक पूरा चक्कर और 55.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 03:02 बुध को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 329.2° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 09:38 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 21:26 तक।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 08:01, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:01 से 08:02 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 2 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
मंगल 29 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2062 · शक 1927
विक्रम संवत 2062 9 अप्रैल 2005 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2005, 01:32 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2062 गिनता है; शक संवत 1927।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 29 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:39 बुध
चंद्रमा यहाँ 06:39 बुध पर उदय होता है।
मंगल 29 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:53
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:53 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:39 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:53 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:39 बुध पर उदय होगा।