tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 24 अक्टूबर 2005

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 17:08 तक

फिर अष्टमी · 19:29 मंगल तक

त्योहार

अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त
19:07⁠–⁠21:46
प्रदोष काल 19:07⁠–⁠21:46
व्रत
08:20⁠–⁠19:07
तारा दर्शन
19:07

अहोई अष्टमी सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है। सोम 24 अक्टूबर क्यों?

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:35 08:20 19:07अगला सूर्योदय 08:21 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:20–09:41अमृतशुभ
  • 09:41–11:02कालअशुभ
  • 11:02–12:23शुभ
  • 12:23–13:43रोगअशुभ
  • 13:43–15:04उद्वेगअशुभ
  • 15:04–16:25चरसामान्य
  • 16:25–17:46लाभशुभ
  • 17:46–19:07अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:07–20:46चरसामान्य
  • 20:46–22:25रोगअशुभ
  • 22:25–00:05 मंगलकालअशुभ
  • 00:05–01:44 मंगललाभशुभ
  • 01:44–03:23 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 03:23–05:03 मंगलशुभ
  • 05:03–06:42 मंगलअमृतशुभ
  • 06:42–08:21 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 24 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:35–07:27, शुभ
  • अमृत, शुभ, 08:20–09:41
  • काल, अशुभ, 09:41–11:02
  • शुभ, 11:02–12:23
  • रोग, अशुभ, 12:23–13:43
  • उद्वेग, अशुभ, 13:43–15:04
  • चर, सामान्य, 15:04–16:25
  • लाभ, शुभ, 16:25–17:46
  • अमृत, शुभ, 17:46–19:07
  • चर, सामान्य, 19:07–20:46
  • रोग, अशुभ, 20:46–22:25
  • काल, अशुभ, 22:25–00:05 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:05–01:44 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 01:44–03:23 मंगल
  • शुभ, 03:23–05:03 मंगल
  • अमृत, शुभ, 05:03–06:42 मंगल
  • चर, सामान्य, 06:42–08:21 मंगल
  • राहु काल, 09:41–11:02, अशुभ
  • यमगण्ड, 12:23–13:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:22–14:05, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:05–14:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:04–16:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:14–16:57, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:35–07:28 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अहोई अष्टमी सोम 24 अक्टूबर को क्यों है?

अहोई अष्टमी सोम 24 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है।

अष्टमी 17:08 19:00 21:00 23:00 सोम 24 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:07–21:46 सप्तमी 17:08 तक
अष्टमी 17:08 19:00 21:00 23:00 सोम 24 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:07–21:46 सप्तमी 17:08 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अहोई अष्टमी की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अष्टमी सोम 24 अक्टूबर को 17:08 पर लगी, उस शाम के प्रदोष काल से पहले, और मंगल 25 अक्टूबर को 19:29 पर उतरी, अगले प्रदोष काल के बीच में। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसे अष्टमी पूरा भरती है: सोम 24 अक्टूबर। अहोई अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

सोम 24 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 260° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 260.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 260.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:20। षष्ठी उससे पहले 15:12 रवि पर समाप्त हुई। सप्तमी 17:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 17 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 24 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:35–07:27

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:35–07:27।

सूर्यास्त 19:08 रवि सूर्योदय 08:20 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 23 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:08 रवि सूर्योदय 08:20 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 23 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 23 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 19:08 रवि से सूर्योदय 08:20 तक थी, 13 घं 12 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 24 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:22–14:05

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:22–14:05।

सोम 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:05–14:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:05–14:48 और 16:14–16:57।

सोम 24 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:14–16:57

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:05–14:48 और 16:14–16:57।

सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 08:20 से 19:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:05–14:48 और 16:14–16:57।

सोम 24 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:20–09:41 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:20 से 19:07, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:07 से 08:21 मंगल, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 24 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 09:41–11:02

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:41–11:02।

सोम 24 अक्टूबर को यमगंड कब है? 12:23–13:43

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:23–13:43।

सोम 24 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 15:04–16:25

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:04–16:25।

सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 08:20 से 19:07 तक है, 10 घं 47 मि। इसे 1 घं 20 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 24 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:20, सूर्यास्त 19:07, 10 घं 47 मि का दिन।

सोम 24 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:20, सूर्यास्त 19:07, 10 घं 47 मि का दिन।

सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:16 चंद्रोदय 00:20 मंगल
सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:16 चंद्रोदय 00:20 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 86.8° पर था: पुनर्वसु, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 86.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 21:19 को निकलेगा, पुष्य में।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 273.7° थे: सिद्ध।

सूर्य 186.9° + चंद्रमा 86.8° = 273.7° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 186.9° + चंद्रमा 86.8° = 273.7° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 186.9° + 86.8° = 273.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 19:56 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 260° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 260.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 260.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 04:07 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 17:08 तक है।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 08:20, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:20 से 08:21 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 3 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 2 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 24 अक्टूबर अमावस्या 3 अक्टू॰ पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 2 नव॰ पूर्णिमा 16 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 24 अक्टूबर अमावस्या 3 अक्टू॰ पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 2 नव॰ पूर्णिमा 16 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

सोम 24 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2062 · शक 1927

विक्रम संवत 2062 9 अप्रैल 2005 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2005 01:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 24 अक्टूबर सूर्य 186.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 2005 01:32 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 24 अक्टूबर सूर्य 186.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 2005, 01:32 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 191.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2062 गिनता है; शक संवत 1927।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 24 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:20 मंगल

चंद्रमा यहाँ 00:20 मंगल पर उदय होता है।

सोम 24 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:16

सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:16 चंद्रोदय 00:20 मंगल
सूर्योदय 08:20 सूर्यास्त 19:07 सूर्योदय 08:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:16 चंद्रोदय 00:20 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:16 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:20 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:16 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:20 मंगल पर उदय होगा।