Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 4 अगस्त 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
4 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त
- 05:41–06:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:00 से
- 07:00–08:46लाभ चौघड़िया
- 08:46–10:32अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:19–14:05शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 19:25–21:11लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:11 के बाद
- 22:25–23:38शुभ चौघड़िया
- 23:38–00:52 गुरुअमृत चौघड़िया
-
03:16–04:52 गुरुअमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 04:33–05:47 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:42–06:21 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:00–08:46लाभशुभ
- 08:46–10:32अमृतयमगण्ड में
- 10:32–12:19कालअशुभ
- 12:19–14:05शुभगुलिक काल में
- 14:05–15:52रोगअशुभ
- 15:52–17:38उद्वेगअशुभ
- 17:38–19:25चरसामान्य
- 19:25–21:11लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:11–22:25उद्वेगअशुभ
- 22:25–23:38शुभ
- 23:38–00:52 गुरुअमृतशुभ
- 00:52–02:06 गुरुचरसामान्य
- 02:06–03:19 गुरुरोगअशुभ
- 03:19–04:33 गुरुकालअशुभ
- 04:33–05:47 गुरुलाभशुभ
- 05:47–07:01 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:20, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:00–08:46
- अमृत, शुभ, 08:46–10:32
- काल, अशुभ, 10:32–12:19
- शुभ, 12:19–14:05
- रोग, अशुभ, 14:05–15:52
- उद्वेग, अशुभ, 15:52–17:38
- चर, सामान्य, 17:38–19:25
- लाभ, शुभ, 19:25–21:11
- उद्वेग, अशुभ, 21:11–22:25
- शुभ, 22:25–23:38
- अमृत, शुभ, 23:38–00:52 गुरु
- चर, सामान्य, 00:52–02:06 गुरु
- रोग, अशुभ, 02:06–03:19 गुरु
- काल, अशुभ, 03:19–04:33 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:33–05:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:47–07:01 गुरु
- यमगण्ड, 08:46–10:32, अशुभ
- गुलिक काल, 12:19–14:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:37–14:34, अशुभ
- राहु काल, 14:05–15:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:21 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 224.6° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:00। तृतीया उससे पहले 14:56 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्थी 13:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:20।
मंगल 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 21:12 मंगल से सूर्योदय 07:00 तक थी, 9 घं 48 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:37–14:34
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 13:37–14:34।
यहाँ दिन, 07:00 से 21:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 13:37–14:34: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:00–08:46 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:00 से 21:11, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:11 से 07:01 गुरु, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 14:05–15:52
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 14:05–15:52।
बुध 4 अगस्त को यमगंड कब है? 08:46–10:32
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:46–10:32।
बुध 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:19–14:05
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:19–14:05।
यहाँ दिन 07:00 से 21:11 तक है, 14 घं 11 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 21:11, 14 घं 11 मि का दिन।
बुध 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 21:11, 14 घं 11 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 332.7° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 330° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:07 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
बुध 4 अगस्त को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 440.8° थे, एक चक्कर और 80.8°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 108.1° + 332.7° = 440.8°, एक पूरा चक्कर और 80.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 03:54 गुरु को समाप्त होता है, फिर धृति।
बुध 4 अगस्त को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 224.6° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 02:07 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 222° हुई; बालव 13:30 तक है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:00, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:00 से 07:01 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 16:23 शनि से 16 अगस्त 06:23 सोम तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 16:18 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।
बुध 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926
विक्रम संवत 2061 21 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2004, 02:41 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 131.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:31
चंद्रमा यहाँ 23:31 पर उदय होता है।
बुध 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:56
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:31 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:31 पर उदय होगा।