Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 29 मई 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
गंगा दशहरा
गंगा दशहरा शनि 29 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर दशमी है। शनि 29 मई क्यों?
गंगा दशहरा: Sevan में हर तारीख़29 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 मई
- 05:19–05:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:33 से
- 08:31–10:15शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
08:31–09:44अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- 13:27–14:27अभिजीत मुहूर्त
- 15:48–17:39लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:39–19:31अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:22 के बाद
- 21:22–22:30लाभ चौघड़िया
- 23:39–00:48 रविशुभ चौघड़िया
- 00:48–01:57 रविअमृत चौघड़िया
- 05:23–06:32 रविलाभ चौघड़िया
- 05:19–05:55 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:33–08:24कालअशुभ
- 08:24–10:15शुभ
- 10:15–12:06रोगअशुभ
- 12:06–13:57उद्वेगअशुभ
- 13:57–15:48चरसामान्य
- 15:48–17:39लाभयमगण्ड में
- 17:39–19:31अमृतशुभ
- 19:31–21:22कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:22–22:30लाभशुभ
- 22:30–23:39उद्वेगअशुभ
- 23:39–00:48 रविशुभ
- 00:48–01:57 रविअमृतशुभ
- 01:57–03:06 रविचरसामान्य
- 03:06–04:14 रविरोगअशुभ
- 04:14–05:23 रविकालअशुभ
- 05:23–06:32 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 29 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–05:56, शुभ
- काल, अशुभ, 06:33–08:24
- शुभ, 08:24–10:15
- रोग, अशुभ, 10:15–12:06
- उद्वेग, अशुभ, 12:06–13:57
- चर, सामान्य, 13:57–15:48
- लाभ, शुभ, 15:48–17:39
- अमृत, शुभ, 17:39–19:31
- काल, अशुभ, 19:31–21:22
- लाभ, शुभ, 21:22–22:30
- उद्वेग, अशुभ, 22:30–23:39
- शुभ, 23:39–00:48 रवि
- अमृत, शुभ, 00:48–01:57 रवि
- चर, सामान्य, 01:57–03:06 रवि
- रोग, अशुभ, 03:06–04:14 रवि
- काल, अशुभ, 04:14–05:23 रवि
- लाभ, शुभ, 05:23–06:32 रवि
- गुलिक काल, 06:33–08:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:33–07:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:32–08:31, अशुभ
- राहु काल, 10:15–12:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:27–14:27, शुभ
- यमगण्ड, 15:48–17:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–05:55 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में गंगा दशहरा शनि 29 मई को क्यों है?
गंगा दशहरा शनि 29 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर दशमी है।
गंगा दशहरा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। दशमी शनि 29 मई को 00:49 से शनि 29 मई को 23:47 तक है, इसलिए वह केवल शनि 29 मई के सूर्योदय (06:33) पर है। गंगा दशहरा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 29 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 111° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। नवमी उससे पहले 00:49 पर समाप्त हुई। दशमी 23:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 19 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 29 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:19–05:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:19–05:56।
शुक्र 28 मई की रात सूर्यास्त 21:21 शुक्र से सूर्योदय 06:33 तक थी, 9 घं 12 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 29 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:27–14:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:27–14:27।
शनि 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:33–07:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:33–07:32 और 07:32–08:31।
शनि 29 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:32–08:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:33–07:32 और 07:32–08:31।
यहाँ दिन, 06:33 से 21:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:33–07:32 और 07:32–08:31।
शनि 29 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:33–08:24 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:33 से 21:22, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:22 से 06:32 रवि, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 29 मई को राहुकाल कब है? 10:15–12:06
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:15–12:06।
शनि 29 मई को यमगंड कब है? 15:48–17:39
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:48–17:39।
शनि 29 मई को गुलिक काल कब है? 06:33–08:24
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:33–08:24।
यहाँ दिन 06:33 से 21:22 तक है, 14 घं 49 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 29 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 21:22, 14 घं 49 मि का दिन।
शनि 29 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 21:22, 14 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 29 मई को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 155.1° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:20 को निकलेगा, हस्त में।
शनि 29 मई को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 199.2° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 44.1° + 155.1° = 199.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 07:55 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
शनि 29 मई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 111° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 12:24 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 23:47 तक।
शनि 29 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:32 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 19 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 18 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शनि 29 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 19 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
शनि 29 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926
विक्रम संवत 2061 21 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2004, 02:41 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 67.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 29 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:47
चंद्रमा यहाँ 15:47 पर उदय होता है।
शनि 29 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:06 रवि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:06 रवि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:47 पर उदय हुआ; वह फिर 04:06 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।