Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 24 मार्च 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
शुक्ल पक्ष · 07:07 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्थी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें24 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 24 मार्च
- 05:23–06:09ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:56 से
- 06:56–08:29लाभ चौघड़िया
- 08:29–10:01अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:34–13:06शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:43–19:16लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:16 के बाद
- 20:43–22:11शुभ चौघड़िया
-
21:23–23:09अमृत कालभरणी में
- 22:11–23:38अमृत चौघड़िया
- 04:00–05:27 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:21–06:08 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:56–08:29लाभशुभ
- 08:29–10:01अमृतयमगण्ड में
- 10:01–11:34कालअशुभ
- 11:34–13:06शुभगुलिक काल में
- 13:06–14:39रोगअशुभ
- 14:39–16:11उद्वेगअशुभ
- 16:11–17:43चरसामान्य
- 17:43–19:16लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:16–20:43उद्वेगअशुभ
- 20:43–22:11शुभ
- 22:11–23:38अमृतशुभ
- 23:38–01:05 गुरुचरसामान्य
- 01:05–02:33 गुरुरोगअशुभ
- 02:33–04:00 गुरुकालअशुभ
- 04:00–05:27 गुरुलाभशुभ
- 05:27–06:55 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 24 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:09, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:56–08:29
- अमृत, शुभ, 08:29–10:01
- काल, अशुभ, 10:01–11:34
- शुभ, 11:34–13:06
- रोग, अशुभ, 13:06–14:39
- उद्वेग, अशुभ, 14:39–16:11
- चर, सामान्य, 16:11–17:43
- लाभ, शुभ, 17:43–19:16
- उद्वेग, अशुभ, 19:16–20:43
- शुभ, 20:43–22:11
- अमृत, शुभ, 22:11–23:38
- चर, सामान्य, 23:38–01:05 गुरु
- रोग, अशुभ, 01:05–02:33 गुरु
- काल, अशुभ, 02:33–04:00 गुरु
- लाभ, शुभ, 04:00–05:27 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:27–06:55 गुरु
- यमगण्ड, 08:29–10:01, अशुभ
- गुलिक काल, 11:34–13:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:41–13:31, अशुभ
- राहु काल, 13:06–14:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:21–06:08 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 24 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36.8° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:56। तृतीया उससे पहले 05:10 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:07 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 21 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ बुध 24 और गुरु 25 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:10 को, सूर्योदय 06:56 से पहले, शुरू हुई और 07:07 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:55 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:20, तृतीया की समाप्ति 06:40 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 06:56, तृतीया की समाप्ति 05:10 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
बुध 24 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:23–06:09
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:23–06:09।
मंगल 23 मार्च की रात सूर्यास्त 19:15 मंगल से सूर्योदय 06:56 तक थी, 11 घं 41 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 24 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:41–13:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:41–13:31।
यहाँ दिन, 06:56 से 19:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:41–13:31: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 24 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:56–08:29 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:56 से 19:16, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:16 से 06:55 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 24 मार्च को राहुकाल कब है? 13:06–14:39
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:06–14:39।
बुध 24 मार्च को यमगंड कब है? 08:29–10:01
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:29–10:01।
बुध 24 मार्च को गुलिक काल कब है? 11:34–13:06
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:34–13:06।
यहाँ दिन 06:56 से 19:16 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 24 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 19:16, 12 घं 20 मि का दिन।
बुध 24 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 19:16, 12 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 24 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 16.7° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 02:40 गुरु को निकलेगा, कृत्तिका में।
बुध 24 मार्च को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 356.6° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 339.9° + 16.7° = 356.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 13:06 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
बुध 24 मार्च को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 36.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 18:05 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 07:07 गुरु तक।
बुध 24 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:56, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:56 से 06:55 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 21 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 19 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
बुध 24 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
बुध 24 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2061 · शक 1926
विक्रम संवत 2061 21 मार्च 2004 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2004, 02:41 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 3.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2061 गिनता है; शक संवत 1926।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 24 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:34
चंद्रमा यहाँ 08:34 पर उदय होता है।
बुध 24 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:57
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:57 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:34 पर उदय हुआ; वह फिर 22:57 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।