tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 26 सितंबर 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 08:09 तक

फिर प्रतिपदा · 05:14 शनि तक

यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं कारण जानें

त्योहार

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
07:50⁠–⁠10:14
प्रातःकाल 07:50⁠–⁠10:14

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 26 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। शुक्र 26 सितंबर क्यों?

शारदीय नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शुक्र 26 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 26 सितंबर क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:15 07:50 19:51अगला सूर्योदय 07:51 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:50–09:20चरसामान्य
  • 09:20–10:50लाभगुलिक काल में
  • 10:50–12:21अमृतशुभ
  • 12:21–13:51कालअशुभ
  • 13:51–15:21शुभ
  • 15:21–16:51रोगअशुभ
  • 16:51–18:21उद्वेगअशुभ
  • 18:21–19:51चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:51–21:21रोगअशुभ
  • 21:21–22:51कालअशुभ
  • 22:51–00:21 शनिलाभशुभ
  • 00:21–01:51 शनिउद्वेगअशुभ
  • 01:51–03:21 शनिशुभ
  • 03:21–04:51 शनिअमृतशुभ
  • 04:51–06:21 शनिचरसामान्य
  • 06:21–07:51 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 26 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:02, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:50–09:20
  • लाभ, शुभ, 09:20–10:50
  • अमृत, शुभ, 10:50–12:21
  • काल, अशुभ, 12:21–13:51
  • शुभ, 13:51–15:21
  • रोग, अशुभ, 15:21–16:51
  • उद्वेग, अशुभ, 16:51–18:21
  • चर, सामान्य, 18:21–19:51
  • रोग, अशुभ, 19:51–21:21
  • काल, अशुभ, 21:21–22:51
  • लाभ, शुभ, 22:51–00:21 शनि
  • उद्वेग, अशुभ, 00:21–01:51 शनि
  • शुभ, 01:51–03:21 शनि
  • अमृत, शुभ, 03:21–04:51 शनि
  • चर, सामान्य, 04:51–06:21 शनि
  • रोग, अशुभ, 06:21–07:51 शनि
  • गुलिक काल, 09:20–10:50, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:14–11:02, अशुभ
  • राहु काल, 12:21–13:51, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:27–14:15, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:15–15:03, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:51–18:21, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:03 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में शारदीय नवरात्रि शुक्र 26 सितंबर को क्यों है?

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शुक्र 26 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या प्रतिपदा 07:50 08:09 05:00 07:00 11:00 शुक्र 26 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:50–10:14
अमावस्या प्रतिपदा 07:50 08:09 05:00 07:00 11:00 शुक्र 26 सितंबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:50–10:14
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शुक्र 26 सितंबर को 08:09 से शनि 27 सितंबर को 05:14 तक है, इसलिए वह केवल शुक्रवार के प्रातःकाल (07:50–10:14) को छूती है।

शारदीय नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

Sevan में अमावस्या शुक्र 26 सितंबर को क्यों है?

अमावस्या शुक्र 26 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 गुरु 25 सितंबर सूर्योदय 07:49
चतुर्दशी 06:00 07:00 08:00 09:00 गुरु 25 सितंबर सूर्योदय 07:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 25 सितंबर को 10:45 से शुक्र 26 सितंबर को 08:09 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 26 सितंबर के सूर्योदय (07:50) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 26 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 359.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:50। चतुर्दशी उससे पहले 10:45 गुरु पर समाप्त हुई। अमावस्या 08:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 10 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

प्रतिपदा क्षय क्यों है?

प्रतिपदा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया शुक्र 26 सितंबर सुबह शनि 27 सितंबर सुबह Sevan UTC+5 08:09 05:14 07:50 अमावस्या 07:51 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया शुक्र 26 सितंबर सुबह शनि 27 सितंबर सुबह Sevan UTC+5 08:09 05:14 07:50 अमावस्या 07:51 द्वितीया प्रतिपदा इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 08:09 को शुरू हुई और 05:14 शनि को समाप्त, 07:50 और 07:51 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को अमावस्या है और शनिवार को द्वितीया: प्रतिपदा यहाँ क्षय तिथि है।

शुक्र 26 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:15–07:02

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:15–07:02।

सूर्यास्त 19:53 गुरु सूर्योदय 07:50 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 25 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:53 गुरु सूर्योदय 07:50 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 25 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 25 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:53 गुरु से सूर्योदय 07:50 तक थी, 11 घं 57 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 26 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:27–14:15

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:27–14:15।

शुक्र 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:14–11:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 10:14–11:02 और 14:15–15:03।

शुक्र 26 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:15–15:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 10:14–11:02 और 14:15–15:03।

सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:50 से 19:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 10:14–11:02 और 14:15–15:03।

शुक्र 26 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:50–09:20 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:50 से 19:51, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:51 से 07:51 शनि, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 26 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:21–13:51

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:21–13:51।

शुक्र 26 सितंबर को यमगंड कब है? 16:51–18:21

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:51–18:21।

शुक्र 26 सितंबर को गुलिक काल कब है? 09:20–10:50

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:20–10:50।

सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:50 से 19:51 तक है, 12 घं 1 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 26 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:50, सूर्यास्त 19:51, 12 घं 1 मि का दिन।

शुक्र 26 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:50, सूर्यास्त 19:51, 12 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:18
सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:18
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 158.5° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.5° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.5° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:15 को निकलेगा, हस्त में।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 317.2° थे: शुक्ल।

सूर्य 158.7° + चंद्रमा 158.5° = 317.2° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 158.7° + चंद्रमा 158.5° = 317.2° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 158.7° + 158.5° = 317.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 12:05 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 359.8° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 359.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 21:30 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 08:09 तक है।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:50, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:50 से 07:51 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 27 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 26 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 26 सितंबर अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 10 सित॰ अमावस्या 26 सित॰ पूर्णिमा 10 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शुक्र 26 सितंबर अमावस्या 27 अग॰ पूर्णिमा 10 सित॰ अमावस्या 26 सित॰ पूर्णिमा 10 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

शुक्र 26 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 26 सितंबर सूर्य 158.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 26 सितंबर सूर्य 158.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 170.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 26 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:18

चंद्रमा यहाँ 20:18 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:18
सूर्योदय 07:50 सूर्यास्त 19:51 सूर्योदय 07:51 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 20:18
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 20:18 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।