Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 30 अगस्त 2003
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
हरतालिका तीज
हरतालिका तीज शनि 30 अगस्त को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं। शनि 30 अगस्त क्यों?
हरतालिका तीज: Sevan में हर तारीख़30 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 अगस्त
- 05:58–06:41ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:24 से
- 09:10–10:42शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:34–14:26अभिजीत मुहूर्त
- 15:39–17:18लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:18–18:57अमृत चौघड़िया
-
18:01–19:31अमृत कालहस्त में
- सूर्यास्त 20:36 के बाद
- 20:36–21:57लाभ चौघड़िया
- 23:18–00:39 रविशुभ चौघड़िया
- 00:39–02:00 रविअमृत चौघड़िया
- 06:04–07:25 रविलाभ चौघड़िया
- 05:59–06:42 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:24–09:03कालअशुभ
- 09:03–10:42शुभ
- 10:42–12:21रोगअशुभ
- 12:21–14:00उद्वेगअशुभ
- 14:00–15:39चरसामान्य
- 15:39–17:18लाभयमगण्ड में
- 17:18–18:57अमृतशुभ
- 18:57–20:36कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:36–21:57लाभशुभ
- 21:57–23:18उद्वेगअशुभ
- 23:18–00:39 रविशुभ
- 00:39–02:00 रविअमृतशुभ
- 02:00–03:22 रविचरसामान्य
- 03:22–04:43 रविरोगअशुभ
- 04:43–06:04 रविकालअशुभ
- 06:04–07:25 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 30 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:58–06:41, शुभ
- काल, अशुभ, 07:24–09:03
- शुभ, 09:03–10:42
- रोग, अशुभ, 10:42–12:21
- उद्वेग, अशुभ, 12:21–14:00
- चर, सामान्य, 14:00–15:39
- लाभ, शुभ, 15:39–17:18
- अमृत, शुभ, 17:18–18:57
- काल, अशुभ, 18:57–20:36
- लाभ, शुभ, 20:36–21:57
- उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:18
- शुभ, 23:18–00:39 रवि
- अमृत, शुभ, 00:39–02:00 रवि
- चर, सामान्य, 02:00–03:22 रवि
- रोग, अशुभ, 03:22–04:43 रवि
- काल, अशुभ, 04:43–06:04 रवि
- लाभ, शुभ, 06:04–07:25 रवि
- गुलिक काल, 07:24–09:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:24–08:17, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:17–09:10, अशुभ
- राहु काल, 10:42–12:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:34–14:26, शुभ
- यमगण्ड, 15:39–17:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:59–06:42 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में हरतालिका तीज शनि 30 अगस्त को क्यों है?
हरतालिका तीज शनि 30 अगस्त को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं।
हरतालिका तीज की पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। तृतीया शुक्र 29 अगस्त को 18:20 से शनि 30 अगस्त को 15:58 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रातःकाल (07:24–10:02) उसके भीतर है। हरतालिका तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
शनि 30 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 31.2° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:24। द्वितीया उससे पहले 18:20 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 15:58 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 27 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 30 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:58–06:41
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:58–06:41।
शुक्र 29 अगस्त की रात सूर्यास्त 20:37 शुक्र से सूर्योदय 07:24 तक थी, 10 घं 47 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 30 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:34–14:26
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:34–14:26।
शनि 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:24–08:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:24–08:17 और 08:17–09:10।
शनि 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:10
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:24–08:17 और 08:17–09:10।
यहाँ दिन, 07:24 से 20:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:24–08:17 और 08:17–09:10।
शनि 30 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:24–09:03 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:24 से 20:36, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:36 से 07:25 रवि, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 30 अगस्त को राहुकाल कब है? 10:42–12:21
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:42–12:21।
शनि 30 अगस्त को यमगंड कब है? 15:39–17:18
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:39–17:18।
शनि 30 अगस्त को गुलिक काल कब है? 07:24–09:03
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:24–09:03।
यहाँ दिन 07:24 से 20:36 तक है, 13 घं 12 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 30 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 07:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 20:36, 13 घं 12 मि का दिन।
शनि 30 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 20:36, 13 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 30 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 163.7° पर था: हस्त, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:37 को निकलेगा, चित्रा में।
शनि 30 अगस्त को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 296.1° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 132.4° + 163.7° = 296.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 00:01 रवि को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
शनि 30 अगस्त को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 31.2° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 05:10 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 15:58 तक है।
शनि 30 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:24, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:24 से 07:25 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 27 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 26 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
शनि 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
शनि 30 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925
विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 144.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 30 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:09
चंद्रमा यहाँ 10:09 पर उदय होता है।
शनि 30 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:18
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:09 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:18 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:09 पर उदय हुआ; वह फिर 22:18 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।