tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 26 जुलाई 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 10:11 तक

फिर त्रयोदशी · 11:21 रवि तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:21⁠–⁠23:15
प्रदोष काल 21:21⁠–⁠23:15

प्रदोष व्रत शनि 26 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शनि 26 जुलाई क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण शनि 26 जुलाई, 06:50⁠–⁠10:11
कामिका एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:35 06:50 21:21अगला सूर्योदय 06:51 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:50–08:39कालअशुभ
  • 08:39–10:28शुभ
  • 10:28–12:17रोगअशुभ
  • 12:17–14:06उद्वेगअशुभ
  • 14:06–15:55चरसामान्य
  • 15:55–17:43लाभयमगण्ड में
  • 17:43–19:32अमृतशुभ
  • 19:32–21:21कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:21–22:32लाभशुभ
  • 22:32–23:44उद्वेगअशुभ
  • 23:44–00:55 रविशुभ
  • 00:55–02:06 रविअमृतशुभ
  • 02:06–03:17 रविचरसामान्य
  • 03:17–04:29 रविरोगअशुभ
  • 04:29–05:40 रविकालअशुभ
  • 05:40–06:51 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 26 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:13, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:50–08:39
  • शुभ, 08:39–10:28
  • रोग, अशुभ, 10:28–12:17
  • उद्वेग, अशुभ, 12:17–14:06
  • चर, सामान्य, 14:06–15:55
  • लाभ, शुभ, 15:55–17:43
  • अमृत, शुभ, 17:43–19:32
  • काल, अशुभ, 19:32–21:21
  • लाभ, शुभ, 21:21–22:32
  • उद्वेग, अशुभ, 22:32–23:44
  • शुभ, 23:44–00:55 रवि
  • अमृत, शुभ, 00:55–02:06 रवि
  • चर, सामान्य, 02:06–03:17 रवि
  • रोग, अशुभ, 03:17–04:29 रवि
  • काल, अशुभ, 04:29–05:40 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:40–06:51 रवि
  • गुलिक काल, 06:50–08:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:50–07:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:49–08:47, अशुभ
  • राहु काल, 10:28–12:17, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:37–14:35, शुभ
  • यमगण्ड, 15:55–17:43, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:13 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत शनि 26 जुलाई को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 26 जुलाई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 01:00 शनि 26 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 21:21–23:15
त्रयोदशी 20:00 22:00 00:00 शनि 26 जुलाई स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 21:21–23:15
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 26 जुलाई को 10:11 से रवि 27 जुलाई को 11:21 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (21:21–23:15) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

शनि 26 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 322.4° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 322.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 322.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:50। एकादशी उससे पहले 08:27 शुक्र पर समाप्त हुई। द्वादशी 10:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 14 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 26 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:35–06:13

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:35–06:13।

सूर्यास्त 21:22 शुक्र सूर्योदय 06:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:22 शुक्र सूर्योदय 06:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 25 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:22 शुक्र से सूर्योदय 06:50 तक थी, 9 घं 28 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 26 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:37–14:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:37–14:35।

शनि 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:49 और 07:49–08:47।

शनि 26 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:49–08:47

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:50–07:49 और 07:49–08:47।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:50 से 21:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:50–07:49 और 07:49–08:47।

शनि 26 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:50–08:39 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:50 से 21:21, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:21 से 06:51 रवि, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 26 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:28–12:17

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:28–12:17।

शनि 26 जुलाई को यमगंड कब है? 15:55–17:43

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:55–17:43।

शनि 26 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:50–08:39

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:50–08:39।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:50 से 21:21 तक है, 14 घं 31 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 26 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:50

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 21:21, 14 घं 31 मि का दिन।

शनि 26 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:50, सूर्यास्त 21:21, 14 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:30 चंद्रोदय 04:31 रवि
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:30 चंद्रोदय 04:31 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 26 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 61.2° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.2° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.2° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:29 को निकलेगा, आर्द्रा में।

शनि 26 जुलाई को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 160° थे: व्याघात।

सूर्य 98.8° + चंद्रमा 61.2° = 160.0° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 98.8° + चंद्रमा 61.2° = 160.0° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 98.8° + 61.2° = 160°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 06:51 रवि को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

शनि 26 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 322.4° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 322.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 322.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:23 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 10:11 तक है।

शनि 26 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:50, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:50 से 06:51 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 29 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

शनि 26 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शनि 26 जुलाई अमावस्या 29 जून पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शनि 26 जुलाई अमावस्या 29 जून पूर्णिमा 14 जुल॰ अमावस्या 29 जुल॰ पूर्णिमा 12 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

शनि 26 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 जुलाई सूर्य 98.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 जुलाई सूर्य 98.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 111° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 26 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:31 रवि

चंद्रमा यहाँ 04:31 रवि पर उदय होता है।

शनि 26 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:30

सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:30 चंद्रोदय 04:31 रवि
सूर्योदय 06:50 सूर्यास्त 21:21 सूर्योदय 06:51 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:30 चंद्रोदय 04:31 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:31 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 19:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:31 रवि पर उदय होगा।