tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 12 जून 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 22:57 तक

फिर चतुर्दशी · 19:34 शुक्र तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
21:30⁠–⁠23:18
प्रदोष काल 21:30⁠–⁠23:18

प्रदोष व्रत गुरु 12 जून को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं। गुरु 12 जून क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:17 06:29 21:30अगला सूर्योदय 06:28 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:29–08:21शुभयमगण्ड में
  • 08:21–10:14रोगअशुभ
  • 10:14–12:07उद्वेगअशुभ
  • 12:07–13:59चरसामान्य
  • 13:59–15:52लाभशुभ
  • 15:52–17:45अमृतराहु काल में
  • 17:45–19:37कालअशुभ
  • 19:37–21:30शुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:30–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–23:45चरसामान्य
  • 23:45–00:52 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:52–01:59 शुक्रकालअशुभ
  • 01:59–03:07 शुक्रलाभशुभ
  • 03:07–04:14 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:14–05:21 शुक्रशुभ
  • 05:21–06:28 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 12 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53, शुभ
  • शुभ, 06:29–08:21
  • रोग, अशुभ, 08:21–10:14
  • उद्वेग, अशुभ, 10:14–12:07
  • चर, सामान्य, 12:07–13:59
  • लाभ, शुभ, 13:59–15:52
  • अमृत, शुभ, 15:52–17:45
  • काल, अशुभ, 17:45–19:37
  • शुभ, 19:37–21:30
  • अमृत, शुभ, 21:30–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–23:45
  • रोग, अशुभ, 23:45–00:52 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:52–01:59 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:59–03:07 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 03:07–04:14 शुक्र
  • शुभ, 04:14–05:21 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:21–06:28 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:29–08:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:14–12:07, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:29–12:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:29–14:29, शुभ
  • राहु काल, 15:52–17:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:30–18:30, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत गुरु 12 जून को क्यों है?

प्रदोष व्रत गुरु 12 जून को है: उस शाम त्रयोदशी प्रदोष काल को छूती है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 20:00 21:00 22:00 23:00 00:00 01:00 बुध 11 जून प्रदोष काल 21:30–23:17
द्वादशी 20:00 22:00 00:00 बुध 11 जून प्रदोष काल 21:30–23:17
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 12 जून को 02:17 से गुरु 12 जून को 22:57 तक है, इसलिए वह केवल गुरुवार के प्रदोष काल (21:30–23:18) को छूती है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

गुरु 12 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 146.4° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 146.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 146.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। द्वादशी उससे पहले 02:17 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 22:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 31 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 12 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–05:53

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–05:53।

सूर्यास्त 21:30 बुध सूर्योदय 06:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:30 बुध सूर्योदय 06:29 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 11 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 11 जून की रात सूर्यास्त 21:30 बुध से सूर्योदय 06:29 तक थी, 8 घं 59 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 12 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:29–14:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:29–14:29।

गुरु 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:29–12:29

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:29–12:29 और 17:30–18:30।

गुरु 12 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:30–18:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:29–12:29 और 17:30–18:30।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:29 से 21:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:29–12:29 और 17:30–18:30।

गुरु 12 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:29–08:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:29 से 21:30, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:30 से 06:28 शुक्र, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 12 जून को राहुकाल कब है? 15:52–17:45

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:52–17:45।

गुरु 12 जून को यमगंड कब है? 06:29–08:21

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:29–08:21।

गुरु 12 जून को गुलिक काल कब है? 10:14–12:07

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:14–12:07।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:29 से 21:30 तक है, 15 घं 1 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 12 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:30, 15 घं 1 मि का दिन।

गुरु 12 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:30, 15 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:17 शुक्र चंद्रोदय 19:17
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:17 शुक्र चंद्रोदय 19:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 12 जून को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 203.2° पर था: विशाखा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.2° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.2° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:45 को निकलेगा, अनुराधा में।

गुरु 12 जून को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 260° थे: शिव।

सूर्य 56.8° + चंद्रमा 203.2° = 260.0° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 56.8° + चंद्रमा 203.2° = 260.0° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 56.8° + 203.2° = 260°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 16:32 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

गुरु 12 जून को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 146.4° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 146.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 146.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 12:38 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 22:57 तक।

गुरु 12 जून को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:28 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 31 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

गुरु 12 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 12 जून पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 31 मई पूर्णिमा 14 जून अमावस्या 29 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल गुरु 12 जून पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 31 मई पूर्णिमा 14 जून अमावस्या 29 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

गुरु 12 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 जून सूर्य 56.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 12 जून सूर्य 56.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 69° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 12 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:17

चंद्रमा यहाँ 19:17 पर उदय होता है।

गुरु 12 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:17 शुक्र

सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:17 शुक्र चंद्रोदय 19:17
सूर्योदय 06:29 सूर्यास्त 21:30 सूर्योदय 06:28 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:17 शुक्र चंद्रोदय 19:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:17 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:17 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 19:17 पर उदय हुआ; वह फिर 05:17 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।