tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 17 अप्रैल 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:54 07:19 20:40अगला सूर्योदय 07:18 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:19–08:59शुभयमगण्ड में
  • 08:59–10:39रोगअशुभ
  • 10:39–12:19उद्वेगअशुभ
  • 12:19–14:00चरसामान्य
  • 14:00–15:40लाभशुभ
  • 15:40–17:20अमृतराहु काल में
  • 17:20–19:00कालअशुभ
  • 19:00–20:40शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:40–22:00अमृतशुभ
  • 22:00–23:19चरसामान्य
  • 23:19–00:39 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:39–01:59 शुक्रकालअशुभ
  • 01:59–03:18 शुक्रलाभशुभ
  • 03:18–04:38 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:38–05:58 शुक्रशुभ
  • 05:58–07:18 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 17 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:54–06:36, शुभ
  • शुभ, 07:19–08:59
  • रोग, अशुभ, 08:59–10:39
  • उद्वेग, अशुभ, 10:39–12:19
  • चर, सामान्य, 12:19–14:00
  • लाभ, शुभ, 14:00–15:40
  • अमृत, शुभ, 15:40–17:20
  • काल, अशुभ, 17:20–19:00
  • शुभ, 19:00–20:40
  • अमृत, शुभ, 20:40–22:00
  • चर, सामान्य, 22:00–23:19
  • रोग, अशुभ, 23:19–00:39 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:39–01:59 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:59–03:18 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 03:18–04:38 शुक्र
  • शुभ, 04:38–05:58 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:58–07:18 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:19–08:59, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:39–12:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:46–12:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:33–14:26, शुभ
  • राहु काल, 15:40–17:20, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:06–18:00, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:53–06:35 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 17 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 184° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 184.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 184.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:19। पूर्णिमा उससे पहले 00:35 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 20:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 17 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 17 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:54–06:36

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:54–06:36।

सूर्यास्त 20:39 बुध सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 16 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:39 बुध सूर्योदय 07:19 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 16 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 16 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:39 बुध से सूर्योदय 07:19 तक थी, 10 घं 40 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 17 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:33–14:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:33–14:26।

गुरु 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 11:46–12:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:46–12:39 और 17:06–18:00।

गुरु 17 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 17:06–18:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:46–12:39 और 17:06–18:00।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:19 से 20:40, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:46–12:39 और 17:06–18:00।

गुरु 17 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:19–08:59 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:19 से 20:40, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:40 से 07:18 शुक्र, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 17 अप्रैल को राहुकाल कब है? 15:40–17:20

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:40–17:20।

गुरु 17 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:19–08:59

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:19–08:59।

गुरु 17 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:39–12:19

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:39–12:19।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:19 से 20:40 तक है, 13 घं 21 मि। इसे 1 घं 40 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 17 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:19

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:19, सूर्यास्त 20:40, 13 घं 21 मि का दिन।

गुरु 17 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:19, सूर्यास्त 20:40, 13 घं 21 मि का दिन।

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 चंद्रोदय 21:36
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 चंद्रोदय 21:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 186.8° पर था: स्वाती, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 186.8° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 186.8° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 186°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:11 शुक्र को निकलेगा, विशाखा में।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 189.6° थे: वज्र।

सूर्य 2.8° + चंद्रमा 186.8° = 189.6° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 2.8° + चंद्रमा 186.8° = 189.6° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 2.8° + 186.8° = 189.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 22:48 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 184° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 184.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 184.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल प्रतिपदा 180°–192° बालव 180°–186° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 10:41 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 20:47 तक।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:19, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:19 से 07:18 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 2 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 1 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 17 अप्रैल अमावस्या 2 अप्रैल पूर्णिमा 17 अप्रैल अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 16 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल गुरु 17 अप्रैल अमावस्या 2 अप्रैल पूर्णिमा 17 अप्रैल अमावस्या 1 मई पूर्णिमा 16 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

गुरु 17 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925

विक्रम संवत 2060 2 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 17 अप्रैल सूर्य 2.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 2 अप्रैल 2003 00:18 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 17 अप्रैल सूर्य 2.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 2003, 00:18 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 15° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 17 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:36

चंद्रमा यहाँ 21:36 पर उदय होता है।

गुरु 17 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:45

सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 चंद्रोदय 21:36
सूर्योदय 07:19 सूर्यास्त 20:40 सूर्योदय 07:18 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 07:45 चंद्रोदय 21:36
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:45 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:36 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:45 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:36 पर उदय होगा।