Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 1 मार्च 2003
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
त्योहार
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि शनि 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 1 मार्च क्यों?
महाशिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि शनि 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शनि 1 मार्च क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़1 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 मार्च
- 05:52–06:43ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:34 से
- 09:04–10:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:50–13:35अभिजीत मुहूर्त
- 14:37–16:01लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 16:01–17:26अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:50 के बाद
- 18:50–20:26लाभ चौघड़िया
-
21:36–23:16अमृत कालधनिष्ठा में
- 22:01–23:36शुभ चौघड़िया
- 23:36–01:12 रविअमृत चौघड़िया
- 05:57–07:33 रविलाभ चौघड़िया
- 05:51–06:42 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:34–08:59कालअशुभ
- 08:59–10:23शुभ
- 10:23–11:48रोगअशुभ
- 11:48–13:12उद्वेगअशुभ
- 13:12–14:37चरसामान्य
- 14:37–16:01लाभयमगण्ड में
- 16:01–17:26अमृतशुभ
- 17:26–18:50कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:50–20:26लाभशुभ
- 20:26–22:01उद्वेगअशुभ
- 22:01–23:36शुभ
- 23:36–01:12 रविअमृतशुभ
- 01:12–02:47 रविचरसामान्य
- 02:47–04:22 रविरोगअशुभ
- 04:22–05:57 रविकालअशुभ
- 05:57–07:33 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:52–06:43, शुभ
- काल, अशुभ, 07:34–08:59
- शुभ, 08:59–10:23
- रोग, अशुभ, 10:23–11:48
- उद्वेग, अशुभ, 11:48–13:12
- चर, सामान्य, 13:12–14:37
- लाभ, शुभ, 14:37–16:01
- अमृत, शुभ, 16:01–17:26
- काल, अशुभ, 17:26–18:50
- लाभ, शुभ, 18:50–20:26
- उद्वेग, अशुभ, 20:26–22:01
- शुभ, 22:01–23:36
- अमृत, शुभ, 23:36–01:12 रवि
- चर, सामान्य, 01:12–02:47 रवि
- रोग, अशुभ, 02:47–04:22 रवि
- काल, अशुभ, 04:22–05:57 रवि
- लाभ, शुभ, 05:57–07:33 रवि
- गुलिक काल, 07:34–08:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:34–08:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:19–09:04, अशुभ
- राहु काल, 10:23–11:48, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:50–13:35, शुभ
- यमगण्ड, 14:37–16:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:51–06:42 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में महाशिवरात्रि शनि 1 मार्च को क्यों है?
महाशिवरात्रि शनि 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 1 मार्च को 05:06 से रवि 2 मार्च को 05:37 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (00:46 रवि–01:37 रवि) उसके भीतर है।
Sevan में मासिक शिवरात्रि शनि 1 मार्च को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि शनि 1 मार्च को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शनि 1 मार्च को 05:06 से रवि 2 मार्च को 05:37 तक है, इसलिए केवल शनिवार की रात का निशीथ काल (00:46 रवि–01:37 रवि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
शनि 1 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.2° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:34। त्रयोदशी उससे पहले 05:06 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 05:37 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 17 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 1 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:52–06:43
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:52–06:43।
शुक्र 28 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:49 शुक्र से सूर्योदय 07:34 तक थी, 12 घं 45 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 1 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:50–13:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:50–13:35।
शनि 1 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 07:34–08:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:34–08:19 और 08:19–09:04।
शनि 1 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:19–09:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:34–08:19 और 08:19–09:04।
यहाँ दिन, 07:34 से 18:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:34–08:19 और 08:19–09:04।
शनि 1 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:34–08:59 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:34 से 18:50, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:50 से 07:33 रवि, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 1 मार्च को राहुकाल कब है? 10:23–11:48
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:23–11:48।
शनि 1 मार्च को यमगंड कब है? 14:37–16:01
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:37–16:01।
शनि 1 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:34–08:59
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:34–08:59।
यहाँ दिन 07:34 से 18:50 तक है, 11 घं 16 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 1 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 18:50, 11 घं 16 मि का दिन।
शनि 1 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:34, सूर्यास्त 18:50, 11 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 1 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 293.5° पर था: धनिष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 293°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:30 रवि को निकलेगा, शतभिषा में।
शनि 1 मार्च को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 609.7° थे, एक चक्कर और 249.7°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 316.2° + 293.5° = 609.7°, एक पूरा चक्कर और 249.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 13:55 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शनि 1 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.2° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 17:19 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 05:37 रवि तक।
शनि 1 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:34, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:34 से 07:33 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 1 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 1 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 3 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
शनि 1 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
शनि 1 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924
विक्रम संवत 2059 13 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 2002, 00:21 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 317.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 1 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:02
चंद्रमा यहाँ 17:02 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:02 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।