tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 30 जनवरी 2003

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 16:00 तक

फिर चतुर्दशी · 15:12 शुक्र तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:45⁠–⁠01:40 शुक्र
निशीथ काल 00:45⁠–⁠01:40 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 30 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 30 जनवरी क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:20 08:12 18:14अगला सूर्योदय 08:11 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:12–09:27शुभयमगण्ड में
  • 09:27–10:42रोगअशुभ
  • 10:42–11:58उद्वेगअशुभ
  • 11:58–13:13चरसामान्य
  • 13:13–14:28लाभशुभ
  • 14:28–15:44अमृतराहु काल में
  • 15:44–16:59कालअशुभ
  • 16:59–18:14शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:14–19:59अमृतशुभ
  • 19:59–21:43चरसामान्य
  • 21:43–23:28रोगअशुभ
  • 23:28–01:13 शुक्रकालअशुभ
  • 01:13–02:57 शुक्रलाभशुभ
  • 02:57–04:42 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:42–06:26 शुक्रशुभ
  • 06:26–08:11 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 30 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:20–07:16, शुभ
  • शुभ, 08:12–09:27
  • रोग, अशुभ, 09:27–10:42
  • उद्वेग, अशुभ, 10:42–11:58
  • चर, सामान्य, 11:58–13:13
  • लाभ, शुभ, 13:13–14:28
  • अमृत, शुभ, 14:28–15:44
  • काल, अशुभ, 15:44–16:59
  • शुभ, 16:59–18:14
  • अमृत, शुभ, 18:14–19:59
  • चर, सामान्य, 19:59–21:43
  • रोग, अशुभ, 21:43–23:28
  • काल, अशुभ, 23:28–01:13 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:13–02:57 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:57–04:42 शुक्र
  • शुभ, 04:42–06:26 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 06:26–08:11 शुक्र
  • यमगण्ड, 08:12–09:27, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:42–11:58, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:32–12:13, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:53–13:33, शुभ
  • राहु काल, 14:28–15:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:34–16:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:19–07:15 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि गुरु 30 जनवरी को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 30 जनवरी को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

चतुर्दशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 गुरु 30 जनवरी स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:45–01:40 शुक्र
चतुर्दशी 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 गुरु 30 जनवरी स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:45–01:40 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 30 जनवरी को 16:00 से शुक्र 31 जनवरी को 15:12 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (00:45 शुक्र–01:40 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

गुरु 30 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 331.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:12। द्वादशी उससे पहले 17:06 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 16:00 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 18 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 30 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:20–07:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:20–07:16।

सूर्यास्त 18:13 बुध सूर्योदय 08:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:13 बुध सूर्योदय 08:12 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 29 जनवरी की रात सूर्यास्त 18:13 बुध से सूर्योदय 08:12 तक थी, 13 घं 59 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 30 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:53–13:33

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:53–13:33।

गुरु 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:32–12:13

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:32–12:13 और 15:34–16:14।

गुरु 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:34–16:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:32–12:13 और 15:34–16:14।

सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 08:12 से 18:14, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:32–12:13 और 15:34–16:14।

गुरु 30 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:12–09:27 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:12 से 18:14, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:14 से 08:11 शुक्र, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 30 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:28–15:44

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:28–15:44।

गुरु 30 जनवरी को यमगंड कब है? 08:12–09:27

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:12–09:27।

गुरु 30 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:42–11:58

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:42–11:58।

सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 08:12 से 18:14 तक है, 10 घं 2 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 30 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:12, सूर्यास्त 18:14, 10 घं 2 मि का दिन।

गुरु 30 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:12, सूर्यास्त 18:14, 10 घं 2 मि का दिन।

सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:56 चंद्रोदय 07:44 शुक्र
सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:56 चंद्रोदय 07:44 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 257.9° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 257.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 257.9° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:49 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 543.8° थे, एक चक्कर और 183.8°: हर्षण।

सूर्य 285.9° + चंद्रमा 257.9° = 543.8° एक चक्कर + 183.8° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 285.9° + चंद्रमा 257.9° = 543.8° एक चक्कर + 183.8° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 285.9° + 257.9° = 543.8°, एक पूरा चक्कर और 183.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 12:53 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 331.9° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 331.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 04:31 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 16:00 तक है।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 08:12, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:12 से 08:11 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 3 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 1 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।

अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल गुरु 30 जनवरी अमावस्या 3 जन॰ पूर्णिमा 18 जन॰ अमावस्या 1 फ़र॰ पूर्णिमा 17 फ़र॰
अमान्त माघ पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल गुरु 30 जनवरी अमावस्या 3 जन॰ पूर्णिमा 18 जन॰ अमावस्या 1 फ़र॰ पूर्णिमा 17 फ़र॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।

गुरु 30 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924

विक्रम संवत 2059 13 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल 2002 00:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 जनवरी सूर्य 285.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल 2002 00:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 जनवरी सूर्य 285.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 2002, 00:21 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 287.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 30 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:44 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 07:44 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 30 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:56

सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:56 चंद्रोदय 07:44 शुक्र
सूर्योदय 08:12 सूर्यास्त 18:14 सूर्योदय 08:11 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:56 चंद्रोदय 07:44 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:56 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:44 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:56 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:44 शुक्र पर उदय होगा।