Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 10 जून 2002
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत सोम 10 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 10 जून क्यों?
वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या सोम 10 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। सोम 10 जून क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़10 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 जून
- 05:17–05:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:29 से
- 06:29–08:21अमृत चौघड़िया
- 10:14–12:06शुभ चौघड़िया
- 13:59–14:29अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 18:29–19:37लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 19:37–21:29अमृत चौघड़िया
-
20:29–22:08अमृत कालरोहिणी में
- सूर्यास्त 21:29 के बाद
- 00:51–01:59 मंगललाभ चौघड़िया
- 03:06–04:14 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:14–05:21 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:17–05:53 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:29–08:21अमृतशुभ
- 08:21–10:14कालअशुभ
- 10:14–12:06शुभ
- 12:06–13:59रोगअशुभ
- 13:59–15:52उद्वेगअशुभ
- 15:52–17:44चरसामान्य
- 17:44–19:37लाभशुभ
- 19:37–21:29अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:29–22:37चरसामान्य
- 22:37–23:44रोगअशुभ
- 23:44–00:51 मंगलकालअशुभ
- 00:51–01:59 मंगललाभशुभ
- 01:59–03:06 मंगलउद्वेगअशुभ
- 03:06–04:14 मंगलशुभ
- 04:14–05:21 मंगलअमृतशुभ
- 05:21–06:29 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:29–08:21
- काल, अशुभ, 08:21–10:14
- शुभ, 10:14–12:06
- रोग, अशुभ, 12:06–13:59
- उद्वेग, अशुभ, 13:59–15:52
- चर, सामान्य, 15:52–17:44
- लाभ, शुभ, 17:44–19:37
- अमृत, शुभ, 19:37–21:29
- चर, सामान्य, 21:29–22:37
- रोग, अशुभ, 22:37–23:44
- काल, अशुभ, 23:44–00:51 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:51–01:59 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:59–03:06 मंगल
- शुभ, 03:06–04:14 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:14–05:21 मंगल
- चर, सामान्य, 05:21–06:29 मंगल
- राहु काल, 08:21–10:14, अशुभ
- यमगण्ड, 12:06–13:59, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:29–14:29, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:29–15:29, अशुभ
- गुलिक काल, 15:52–17:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:29–18:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–05:53 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में वट सावित्री व्रत सोम 10 जून को क्यों है?
वट सावित्री व्रत सोम 10 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 10 जून को 04:37 से मंगल 11 जून को 04:46 तक है, इसलिए वह केवल सोम 10 जून के सूर्योदय (06:29) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या सोम 10 जून को क्यों है?
अमावस्या सोम 10 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या सोम 10 जून को 04:37 से मंगल 11 जून को 04:46 तक है, इसलिए वह केवल सोम 10 जून के सूर्योदय (06:29) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 10 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। चतुर्दशी उससे पहले 04:37 पर समाप्त हुई। अमावस्या 04:46 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 26 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 10 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–05:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–05:53।
रवि 9 जून की रात सूर्यास्त 21:29 रवि से सूर्योदय 06:29 तक थी, 9 घं 0 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 10 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:29–14:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:29–14:29।
सोम 10 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 14:29–15:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:29–15:29 और 17:29–18:29।
सोम 10 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:29–18:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:29–15:29 और 17:29–18:29।
यहाँ दिन, 06:29 से 21:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:29–15:29 और 17:29–18:29।
सोम 10 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:29–08:21 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:29 से 21:29, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:29 से 06:29 मंगल, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 10 जून को राहुकाल कब है? 08:21–10:14
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:21–10:14।
सोम 10 जून को यमगंड कब है? 12:06–13:59
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:06–13:59।
सोम 10 जून को गुलिक काल कब है? 15:52–17:44
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:52–17:44।
यहाँ दिन 06:29 से 21:29 तक है, 15 घं 0 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 10 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:29, 15 घं 0 मि का दिन।
सोम 10 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 21:29, 15 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 10 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 44° पर था: रोहिणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 43°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:48 को निकलेगा, मृगशिरा में।
सोम 10 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 99.1° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 55.1° + 44° = 99.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 19:30 को समाप्त होता है, फिर शूल।
सोम 10 जून को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 16:46 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 04:46 मंगल तक।
सोम 10 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:29 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 10 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 12 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 11 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
सोम 10 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
सोम 10 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2059 · शक 1924
विक्रम संवत 2059 13 अप्रैल 2002 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 13 अप्रैल 2002, 00:21 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 56.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2059 गिनता है; शक संवत 1924।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 10 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:04
चंद्रमा यहाँ 21:04 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 21:04 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।