tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 8 नवंबर 2001

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

अष्टमी

कृष्ण पक्ष · 03:20 शुक्र तक

फिर नवमी · 01:06 शनि तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त
17:49⁠–⁠20:35
प्रदोष काल 17:49⁠–⁠20:35
व्रत
07:37⁠–⁠17:49
तारा दर्शन
17:49

अहोई अष्टमी गुरु 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 8 नवंबर क्यों?

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:47 07:37 17:49अगला सूर्योदय 07:39 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:37–08:54शुभयमगण्ड में
  • 08:54–10:10रोगअशुभ
  • 10:10–11:27उद्वेगअशुभ
  • 11:27–12:43चरसामान्य
  • 12:43–13:59लाभशुभ
  • 13:59–15:16अमृतराहु काल में
  • 15:16–16:32कालअशुभ
  • 16:32–17:49शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:49–19:32अमृतशुभ
  • 19:32–21:16चरसामान्य
  • 21:16–23:00रोगअशुभ
  • 23:00–00:44 शुक्रकालअशुभ
  • 00:44–02:27 शुक्रलाभशुभ
  • 02:27–04:11 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:11–05:55 शुक्रशुभ
  • 05:55–07:39 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 8 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:47–06:42, शुभ
  • शुभ, 07:37–08:54
  • रोग, अशुभ, 08:54–10:10
  • उद्वेग, अशुभ, 10:10–11:27
  • चर, सामान्य, 11:27–12:43
  • लाभ, शुभ, 12:43–13:59
  • अमृत, शुभ, 13:59–15:16
  • काल, अशुभ, 15:16–16:32
  • शुभ, 16:32–17:49
  • अमृत, शुभ, 17:49–19:32
  • चर, सामान्य, 19:32–21:16
  • रोग, अशुभ, 21:16–23:00
  • काल, अशुभ, 23:00–00:44 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:44–02:27 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 02:27–04:11 शुक्र
  • शुभ, 04:11–05:55 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:55–07:39 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:37–08:54, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:10–11:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:01–11:42, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:23–13:03, शुभ
  • राहु काल, 13:59–15:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:06–15:46, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:48–06:43 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अहोई अष्टमी गुरु 8 नवंबर को क्यों है?

अहोई अष्टमी गुरु 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं।

सप्तमी 16:00 18:00 20:00 22:00 बुध 7 नवंबर प्रदोष काल 17:50–20:35
सप्तमी 16:00 18:00 20:00 22:00 बुध 7 नवंबर प्रदोष काल 17:50–20:35
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अहोई अष्टमी की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अष्टमी गुरु 8 नवंबर को 05:17 से शुक्र 9 नवंबर को 03:20 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (17:49–20:35) उसके भीतर है। अहोई अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

गुरु 8 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 265.3° आगे था: कृष्ण अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 265.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 265.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 264°–276° तेईसवीं है, कृष्ण अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:37। सप्तमी उससे पहले 05:17 पर समाप्त हुई। अष्टमी 03:20 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 276° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में सप्तमी क्यों है?

नई दिल्ली में सप्तमी है, Sevan में अष्टमी।

सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी गुरु 8 नवंबर सुबह शुक्र 9 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:47 05:17 04:50 03:20 06:38 सप्तमी 06:38 नवमी 07:37 अष्टमी 07:39 नवमी
सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी गुरु 8 नवंबर सुबह शुक्र 9 नवंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+4 06:47 05:17 04:50 03:20 06:38 सप्तमी 06:38 नवमी 07:37 अष्टमी 07:39 नवमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:38, सप्तमी की समाप्ति 06:47 से पहले हुआ: यह दिन सप्तमी है। अष्टमी अगले सूर्योदय से पहले, 04:50 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता: वह क्षय है।

Sevan · UTC+4

यहाँ सूर्योदय, 07:37, सप्तमी की समाप्ति 05:17 के बाद हुआ: यह दिन अष्टमी है।

गुरु 8 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:47–06:42

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:47–06:42।

सूर्यास्त 17:50 बुध सूर्योदय 07:37 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 7 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:50 बुध सूर्योदय 07:37 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 7 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 7 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:50 बुध से सूर्योदय 07:37 तक थी, 13 घं 47 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 8 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:23–13:03

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:23–13:03।

गुरु 8 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:01–11:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:01–11:42 और 15:06–15:46।

गुरु 8 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:06–15:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:01–11:42 और 15:06–15:46।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:37 से 17:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:01–11:42 और 15:06–15:46।

गुरु 8 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:37–08:54 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:37 से 17:49, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:49 से 07:39 शुक्र, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 8 नवंबर को राहुकाल कब है? 13:59–15:16

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:16।

गुरु 8 नवंबर को यमगंड कब है? 07:37–08:54

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:37–08:54।

गुरु 8 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:10–11:27

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:10–11:27।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:37 से 17:49 तक है, 10 घं 12 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 8 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:37, सूर्यास्त 17:49, 10 घं 12 मि का दिन।

गुरु 8 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:37, सूर्यास्त 17:49, 10 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:15 चंद्रोदय 00:20 शुक्र
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:15 चंद्रोदय 00:20 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 107.2° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 107.2° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 107.2° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:28 शुक्र को निकलेगा, मघा में।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 309.1° थे: शुक्ल।

सूर्य 201.9° + चंद्रमा 107.2° = 309.1° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 201.9° + चंद्रमा 107.2° = 309.1° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 201.9° + 107.2° = 309.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 00:59 शुक्र को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 265.3° थी: अष्टमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 265.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 265.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अष्टमी 264°–276° बालव 264°–270° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 16:21 तक है, जब बढ़त 270° होगी; कौलव 03:20 शुक्र तक।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:37, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:37 से 07:39 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 17 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 15 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 8 नवंबर अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 1 दिस॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 8 नवंबर अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 1 नव॰ अमावस्या 15 नव॰ पूर्णिमा 1 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

गुरु 8 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 8 नवंबर सूर्य 201.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 8 नवंबर सूर्य 201.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 06:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 221.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 8 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 00:20 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 00:20 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 8 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:15

सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:15 चंद्रोदय 00:20 शुक्र
सूर्योदय 07:37 सूर्यास्त 17:49 सूर्योदय 07:39 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:15 चंद्रोदय 00:20 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:15 पर अस्त हुआ; वह फिर 00:20 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:15 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 00:20 शुक्र पर उदय होगा।