tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 27 सितंबर 2001

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:16 07:52 19:49अगला सूर्योदय 07:53 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:52–09:21शुभयमगण्ड में
  • 09:21–10:51रोगअशुभ
  • 10:51–12:21उद्वेगअशुभ
  • 12:21–13:50चरसामान्य
  • 13:50–15:20लाभशुभ
  • 15:20–16:49अमृतराहु काल में
  • 16:49–18:19कालअशुभ
  • 18:19–19:49शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:49–21:19अमृतशुभ
  • 21:19–22:50चरसामान्य
  • 22:50–00:20 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:20–01:51 शुक्रकालअशुभ
  • 01:51–03:21 शुक्रलाभशुभ
  • 03:21–04:52 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:52–06:22 शुक्रशुभ
  • 06:22–07:53 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 27 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:16–07:04, शुभ
  • शुभ, 07:52–09:21
  • रोग, अशुभ, 09:21–10:51
  • उद्वेग, अशुभ, 10:51–12:21
  • चर, सामान्य, 12:21–13:50
  • लाभ, शुभ, 13:50–15:20
  • अमृत, शुभ, 15:20–16:49
  • काल, अशुभ, 16:49–18:19
  • शुभ, 18:19–19:49
  • अमृत, शुभ, 19:49–21:19
  • चर, सामान्य, 21:19–22:50
  • रोग, अशुभ, 22:50–00:20 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:20–01:51 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 01:51–03:21 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 03:21–04:52 शुक्र
  • शुभ, 04:52–06:22 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 06:22–07:53 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:52–09:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:51–12:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:51–12:38, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:26–14:14, शुभ
  • राहु काल, 15:20–16:49, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:37–17:25, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:16–07:04 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 27 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 120.3° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 120.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 120.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:52। दशमी उससे पहले 07:14 पर समाप्त हुई। एकादशी 09:44 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 17 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

एकादशी यहाँ गुरु 27 और शुक्र 28 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 27 सितंबर सुबह शुक्र 28 सितंबर सुबह Sevan UTC+5 07:14 09:44 07:52 एकादशी 07:53 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 27 सितंबर सुबह शुक्र 28 सितंबर सुबह Sevan UTC+5 07:14 09:44 07:52 एकादशी 07:53 एकादशी एकादशी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:14 को, सूर्योदय 07:52 से पहले, शुरू हुई और 09:44 शुक्र को, अगले सूर्योदय 07:53 शुक्र के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन एकादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में दशमी क्यों है?

नई दिल्ली में दशमी है, Sevan में एकादशी।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 27 सितंबर सुबह शुक्र 28 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+5 07:44 07:14 10:14 09:44 06:11 दशमी 06:12 एकादशी 07:52 एकादशी 07:53 एकादशी
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 27 सितंबर सुबह शुक्र 28 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+5 07:44 07:14 10:14 09:44 06:11 दशमी 06:12 एकादशी 07:52 एकादशी 07:53 एकादशी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:11, दशमी की समाप्ति 07:44 से पहले हुआ: यह दिन दशमी है।

Sevan · UTC+5

यहाँ सूर्योदय, 07:52, दशमी की समाप्ति 07:14 के बाद हुआ: यह दिन एकादशी है।

गुरु 27 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:16–07:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:16–07:04।

सूर्यास्त 19:50 बुध सूर्योदय 07:52 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:50 बुध सूर्योदय 07:52 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 26 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:50 बुध से सूर्योदय 07:52 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 27 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:26–14:14

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:26–14:14।

गुरु 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:51–12:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:51–12:38 और 16:37–17:25।

गुरु 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:37–17:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:51–12:38 और 16:37–17:25।

सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:52 से 19:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:51–12:38 और 16:37–17:25।

गुरु 27 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:52–09:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:52 से 19:49, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:49 से 07:53 शुक्र, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 27 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:20–16:49

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:20–16:49।

गुरु 27 सितंबर को यमगंड कब है? 07:52–09:21

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:52–09:21।

गुरु 27 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:51–12:21

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:51–12:21।

सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:52 से 19:49 तक है, 11 घं 57 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 27 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:52, सूर्यास्त 19:49, 11 घं 57 मि का दिन।

गुरु 27 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:52, सूर्यास्त 19:49, 11 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:30 शुक्र चंद्रोदय 17:41
सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:30 शुक्र चंद्रोदय 17:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 280.5° पर था: श्रवण, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 280.5° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 280.5° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 09:53 शुक्र को निकलेगा, धनिष्ठा में।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 440.7° थे, एक चक्कर और 80.7°: सुकर्मा।

सूर्य 160.2° + चंद्रमा 280.5° = 440.7° एक चक्कर + 80.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 160.2° + चंद्रमा 280.5° = 440.7° एक चक्कर + 80.7° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 160.2° + 280.5° = 440.7°, एक पूरा चक्कर और 80.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 07:31 शुक्र को समाप्त होता है, फिर धृति।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 120.3° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 120.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 120.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:28 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 09:44 शुक्र तक।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:52, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:52 से 07:53 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

17 सितंबर और 17 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 सितंबर 15:27 सोम से 17 अक्टूबर 00:23 बुध तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 17 अक्टूबर 09:37 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 27 सितंबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
अमान्त आश्विन (अधिक) पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल गुरु 27 सितंबर पूर्णिमा 3 सित॰ अमावस्या 17 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन (अधिक) है।

गुरु 27 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2058 · शक 1923

विक्रम संवत 2058 25 मार्च 2001 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 सितंबर सूर्य 160.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 2001 06:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 सितंबर सूर्य 160.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 2001, 06:21 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 179.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2058 गिनता है; शक संवत 1923।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 27 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:41

चंद्रमा यहाँ 17:41 पर उदय होता है।

गुरु 27 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 03:30 शुक्र

सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:30 शुक्र चंद्रोदय 17:41
सूर्योदय 07:52 सूर्यास्त 19:49 सूर्योदय 07:53 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 03:30 शुक्र चंद्रोदय 17:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 03:30 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:41 पर उदय हुआ; वह फिर 03:30 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।