Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 6 मई 2000
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया शनि 6 मई को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं। शनि 6 मई क्यों?
अक्षय तृतीया: Sevan में हर तारीख़6 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई
- 05:33–06:13ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:52 से
- 08:45–10:24शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
12:26–13:53अमृत कालरोहिणी में
- 13:28–14:25अभिजीत मुहूर्त
- 15:42–17:28लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:28–19:14अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:00 के बाद
- 21:00–22:14लाभ चौघड़िया
- 23:28–00:42 रविशुभ चौघड़िया
- 00:42–01:56 रविअमृत चौघड़िया
-
05:06–06:33 रविअमृत कालमृगशिरा में
- 05:37–06:51 रविलाभ चौघड़िया
- 05:32–06:12 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:52–08:38कालअशुभ
- 08:38–10:24शुभ
- 10:24–12:10रोगअशुभ
- 12:10–13:56उद्वेगअशुभ
- 13:56–15:42चरसामान्य
- 15:42–17:28लाभयमगण्ड में
- 17:28–19:14अमृतशुभ
- 19:14–21:00कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:00–22:14लाभशुभ
- 22:14–23:28उद्वेगअशुभ
- 23:28–00:42 रविशुभ
- 00:42–01:56 रविअमृतशुभ
- 01:56–03:10 रविचरसामान्य
- 03:10–04:24 रविरोगअशुभ
- 04:24–05:37 रविकालअशुभ
- 05:37–06:51 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 6 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:33–06:13, शुभ
- काल, अशुभ, 06:52–08:38
- शुभ, 08:38–10:24
- रोग, अशुभ, 10:24–12:10
- उद्वेग, अशुभ, 12:10–13:56
- चर, सामान्य, 13:56–15:42
- लाभ, शुभ, 15:42–17:28
- अमृत, शुभ, 17:28–19:14
- काल, अशुभ, 19:14–21:00
- लाभ, शुभ, 21:00–22:14
- उद्वेग, अशुभ, 22:14–23:28
- शुभ, 23:28–00:42 रवि
- अमृत, शुभ, 00:42–01:56 रवि
- चर, सामान्य, 01:56–03:10 रवि
- रोग, अशुभ, 03:10–04:24 रवि
- काल, अशुभ, 04:24–05:37 रवि
- लाभ, शुभ, 05:37–06:51 रवि
- गुलिक काल, 06:52–08:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:52–07:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:49–08:45, अशुभ
- राहु काल, 10:24–12:10, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:28–14:25, शुभ
- यमगण्ड, 15:42–17:28, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:12 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में अक्षय तृतीया शनि 6 मई को क्यों है?
अक्षय तृतीया शनि 6 मई को है: उस सुबह पूरे पूर्वाह्न में तृतीया है, और किसी सुबह नहीं।
अक्षय तृतीया की पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। तृतीया शनि 6 मई को 03:09 से रवि 7 मई को 00:03 तक है, इसलिए केवल शनिवार का पूर्वाह्न (06:52–13:56) उसके भीतर है।
शनि 6 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 26.1° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:52। द्वितीया उससे पहले 03:09 पर समाप्त हुई। तृतीया 00:03 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 4 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 6 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:33–06:13
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:33–06:13।
शुक्र 5 मई की रात सूर्यास्त 20:59 शुक्र से सूर्योदय 06:52 तक थी, 9 घं 53 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 6 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:28–14:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:28–14:25।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:52–07:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:52–07:49 और 07:49–08:45।
शनि 6 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:49–08:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:52–07:49 और 07:49–08:45।
यहाँ दिन, 06:52 से 21:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:52–07:49 और 07:49–08:45।
शनि 6 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:52–08:38 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:52 से 21:00, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:00 से 06:51 रवि, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 6 मई को राहुकाल कब है? 10:24–12:10
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:24–12:10।
शनि 6 मई को यमगंड कब है? 15:42–17:28
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:42–17:28।
शनि 6 मई को गुलिक काल कब है? 06:52–08:38
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:52–08:38।
यहाँ दिन 06:52 से 21:00 तक है, 14 घं 8 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 6 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 21:00, 14 घं 8 मि का दिन।
शनि 6 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 21:00, 14 घं 8 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 51 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 6 मई को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 48.1° पर था: रोहिणी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:20 को निकलेगा, मृगशिरा में।
शनि 6 मई को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 70.1° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 22° + 48.1° = 70.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 21:57 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
शनि 6 मई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 26.1° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 13:35 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 00:03 रवि तक।
शनि 6 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:52, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:52 से 06:51 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 4 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 2 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 6 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
शनि 6 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2057 · शक 1922
विक्रम संवत 2057 4 अप्रैल 2000 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 4 अप्रैल 2000, 23:12 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 30.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2057 गिनता है; शक संवत 1922।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 6 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:44
चंद्रमा यहाँ 08:44 पर उदय होता है।
शनि 6 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:40
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:44 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:40 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:44 पर उदय हुआ; वह फिर 23:40 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।