tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 30 मार्च 2000

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:15 07:46 20:22अगला सूर्योदय 07:45 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:46–09:21शुभयमगण्ड में
  • 09:21–10:55रोगअशुभ
  • 10:55–12:30उद्वेगअशुभ
  • 12:30–14:04चरसामान्य
  • 14:04–15:39लाभशुभ
  • 15:39–17:13अमृतराहु काल में
  • 17:13–18:48कालअशुभ
  • 18:48–20:22शुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:22–21:47अमृतशुभ
  • 21:47–23:13चरसामान्य
  • 23:13–00:38 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:38–02:03 शुक्रकालअशुभ
  • 02:03–03:29 शुक्रलाभशुभ
  • 03:29–04:54 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:54–06:19 शुक्रशुभ
  • 06:19–07:45 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 30 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:01, शुभ
  • शुभ, 07:46–09:21
  • रोग, अशुभ, 09:21–10:55
  • उद्वेग, अशुभ, 10:55–12:30
  • चर, सामान्य, 12:30–14:04
  • लाभ, शुभ, 14:04–15:39
  • अमृत, शुभ, 15:39–17:13
  • काल, अशुभ, 17:13–18:48
  • शुभ, 18:48–20:22
  • अमृत, शुभ, 20:22–21:47
  • चर, सामान्य, 21:47–23:13
  • रोग, अशुभ, 23:13–00:38 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:38–02:03 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 02:03–03:29 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 03:29–04:54 शुक्र
  • शुभ, 04:54–06:19 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 06:19–07:45 शुक्र
  • यमगण्ड, 07:46–09:21, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:55–12:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:58–12:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:39–14:29, शुभ
  • राहु काल, 15:39–17:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:01–17:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:14–06:59 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 30 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 292.9° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 292.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 292.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:46। नवमी उससे पहले 21:05 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 23:07 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 20 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 30 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:15–07:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:15–07:01।

सूर्यास्त 20:21 बुध सूर्योदय 07:46 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:21 बुध सूर्योदय 07:46 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 29 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 29 मार्च की रात सूर्यास्त 20:21 बुध से सूर्योदय 07:46 तक थी, 11 घं 25 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 30 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:39–14:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:39–14:29।

गुरु 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:58–12:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:58–12:49 और 17:01–17:51।

गुरु 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:01–17:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:58–12:49 और 17:01–17:51।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 07:46 से 20:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:58–12:49 और 17:01–17:51।

गुरु 30 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:46–09:21 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:46 से 20:22, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:22 से 07:45 शुक्र, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 30 मार्च को राहुकाल कब है? 15:39–17:13

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:39–17:13।

गुरु 30 मार्च को यमगंड कब है? 07:46–09:21

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:46–09:21।

गुरु 30 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:55–12:30

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:55–12:30।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 07:46 से 20:22 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 30 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 20:22, 12 घं 36 मि का दिन।

गुरु 30 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:46, सूर्यास्त 20:22, 12 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:52 चंद्रोदय 05:35 शुक्र
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:52 चंद्रोदय 05:35 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 23 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 278.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:16 को निकलेगा, श्रवण में।

गुरु 30 मार्च को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 624.7° थे, एक चक्कर और 264.7°: शिव।

सूर्य 345.9° + चंद्रमा 278.8° = 624.7° एक चक्कर + 264.7° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 345.9° + चंद्रमा 278.8° = 624.7° एक चक्कर + 264.7° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 345.9° + 278.8° = 624.7°, एक पूरा चक्कर और 264.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 11:35 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

गुरु 30 मार्च को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 292.9° थी: दशमी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 292.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° वणिज 288°–294° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 292.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° वणिज 288°–294° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 10:10 तक है, जब बढ़त 294° होगी; विष्टि 23:07 तक।

गुरु 30 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:46, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:46 से 07:45 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 6 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

गुरु 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 30 मार्च अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 20 मार्च अमावस्या 4 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल गुरु 30 मार्च अमावस्या 6 मार्च पूर्णिमा 20 मार्च अमावस्या 4 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

गुरु 30 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2056 · शक 1921

विक्रम संवत 2056 17 मार्च 1999 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 1999 22:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 मार्च सूर्य 345.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 1999 22:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 30 मार्च सूर्य 345.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 1999, 22:47 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 373° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2056 गिनता है; शक संवत 1921।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 30 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:35 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 05:35 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 30 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:52

सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:52 चंद्रोदय 05:35 शुक्र
सूर्योदय 07:46 सूर्यास्त 20:22 सूर्योदय 07:45 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:52 चंद्रोदय 05:35 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:52 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:35 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:52 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:35 शुक्र पर उदय होगा।