Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 29 सितंबर 1997
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 29 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 29 सितंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़29 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 सितंबर
- 06:17–07:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:54 से
- 07:54–09:23अमृत चौघड़िया
- 10:52–12:21शुभ चौघड़िया
- 13:49–14:13अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:23–18:16लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:16–19:45अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:45 के बाद
- 00:19–01:50 मंगललाभ चौघड़िया
-
01:56–03:45 मंगलअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 03:21–04:52 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:52–06:23 मंगलअमृत चौघड़िया
- 06:17–07:06 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:54–09:23अमृतशुभ
- 09:23–10:52कालअशुभ
- 10:52–12:21शुभ
- 12:21–13:49रोगअशुभ
- 13:49–15:18उद्वेगअशुभ
- 15:18–16:47चरसामान्य
- 16:47–18:16लाभशुभ
- 18:16–19:45अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:45–21:16चरसामान्य
- 21:16–22:48रोगअशुभ
- 22:48–00:19 मंगलकालअशुभ
- 00:19–01:50 मंगललाभशुभ
- 01:50–03:21 मंगलउद्वेगअशुभ
- 03:21–04:52 मंगलशुभ
- 04:52–06:23 मंगलअमृतशुभ
- 06:23–07:55 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 29 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:17–07:05, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:54–09:23
- काल, अशुभ, 09:23–10:52
- शुभ, 10:52–12:21
- रोग, अशुभ, 12:21–13:49
- उद्वेग, अशुभ, 13:49–15:18
- चर, सामान्य, 15:18–16:47
- लाभ, शुभ, 16:47–18:16
- अमृत, शुभ, 18:16–19:45
- चर, सामान्य, 19:45–21:16
- रोग, अशुभ, 21:16–22:48
- काल, अशुभ, 22:48–00:19 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:19–01:50 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:50–03:21 मंगल
- शुभ, 03:21–04:52 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:52–06:23 मंगल
- चर, सामान्य, 06:23–07:55 मंगल
- राहु काल, 09:23–10:52, अशुभ
- यमगण्ड, 12:21–13:49, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:26–14:13, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:13–15:01, अशुभ
- गुलिक काल, 15:18–16:47, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:36–17:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:17–07:06 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि सोम 29 सितंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 29 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 29 सितंबर को 16:37 से मंगल 30 सितंबर को 19:17 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (01:26 मंगल–02:14 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 29 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 332.1° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:54। द्वादशी उससे पहले 13:58 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 16:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 16 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 29 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:17–07:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:17–07:05।
रवि 28 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:47 रवि से सूर्योदय 07:54 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 29 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:26–14:13
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:26–14:13।
सोम 29 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:13–15:01
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:13–15:01 और 16:36–17:23।
सोम 29 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:36–17:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:13–15:01 और 16:36–17:23।
यहाँ दिन, 07:54 से 19:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:13–15:01 और 16:36–17:23।
सोम 29 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:54–09:23 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:54 से 19:45, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:45 से 07:55 मंगल, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 29 सितंबर को राहुकाल कब है? 09:23–10:52
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:23–10:52।
सोम 29 सितंबर को यमगंड कब है? 12:21–13:49
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:21–13:49।
सोम 29 सितंबर को गुलिक काल कब है? 15:18–16:47
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:18–16:47।
यहाँ दिन 07:54 से 19:45 तक है, 11 घं 51 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 29 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 19:45, 11 घं 51 मि का दिन।
सोम 29 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 19:45, 11 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 10 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 29 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 134.3° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 133°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 09:11 मंगल को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
सोम 29 सितंबर को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 296.5° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.2° + 134.3° = 296.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 03:08 मंगल को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
सोम 29 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 332.1° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 03:17 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 16:37 तक है।
सोम 29 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:54, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:54 से 07:55 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 29 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 2 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 1 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 29 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
सोम 29 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2054 · शक 1919
विक्रम संवत 2054 7 अप्रैल 1997 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 1997, 16:01 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 168.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2054 गिनता है; शक संवत 1919।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 29 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:30 मंगल
चंद्रमा यहाँ 06:30 मंगल पर उदय होता है।
सोम 29 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:30 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:30 मंगल पर उदय होगा।