tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 30 मार्च 1987

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 16:51 तक

फिर द्वितीया · 16:32 मंगल तक

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
07:48⁠–⁠10:19
प्रातःकाल 07:48⁠–⁠10:19

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना सोम 30 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। सोम 30 मार्च क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर सोम 30 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2044 आरंभ होता है। सोम 30 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:16 07:48 20:21अगला सूर्योदय 07:46 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:48–09:22अमृतशुभ
  • 09:22–10:56कालअशुभ
  • 10:56–12:30शुभ
  • 12:30–14:05रोगअशुभ
  • 14:05–15:39उद्वेगअशुभ
  • 15:39–17:13चरसामान्य
  • 17:13–18:47लाभशुभ
  • 18:47–20:21अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:21–21:47चरसामान्य
  • 21:47–23:12रोगअशुभ
  • 23:12–00:38 मंगलकालअशुभ
  • 00:38–02:04 मंगललाभशुभ
  • 02:04–03:29 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 03:29–04:55 मंगलशुभ
  • 04:55–06:21 मंगलअमृतशुभ
  • 06:21–07:46 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 30 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 06:16–07:02, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:48–09:22
  • काल, अशुभ, 09:22–10:56
  • शुभ, 10:56–12:30
  • रोग, अशुभ, 12:30–14:05
  • उद्वेग, अशुभ, 14:05–15:39
  • चर, सामान्य, 15:39–17:13
  • लाभ, शुभ, 17:13–18:47
  • अमृत, शुभ, 18:47–20:21
  • चर, सामान्य, 20:21–21:47
  • रोग, अशुभ, 21:47–23:12
  • काल, अशुभ, 23:12–00:38 मंगल
  • लाभ, शुभ, 00:38–02:04 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 02:04–03:29 मंगल
  • शुभ, 03:29–04:55 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:55–06:21 मंगल
  • चर, सामान्य, 06:21–07:46 मंगल
  • राहु काल, 09:22–10:56, अशुभ
  • यमगण्ड, 12:30–14:05, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:39–14:30, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:30–15:20, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:39–17:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:00–17:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:15–07:01 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में चैत्र नवरात्रि सोम 30 मार्च को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना सोम 30 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

अमावस्या 07:49 06:00 08:00 10:00 12:00 रवि 29 मार्च प्रातःकाल 07:49–10:20
अमावस्या 07:49 06:00 08:00 10:00 12:00 रवि 29 मार्च प्रातःकाल 07:49–10:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा रवि 29 मार्च को 17:45 से सोम 30 मार्च को 16:51 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रातःकाल (07:48–10:19) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

Sevan में नव संवत्सर सोम 30 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर सोम 30 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 2044 आरंभ होता है।

अमावस्या 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 रवि 29 मार्च सूर्योदय 07:49
अमावस्या 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 रवि 29 मार्च सूर्योदय 07:49
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 2044 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: सोम 30 मार्च, 07:48 पर। प्रतिपदा 16:51 तक है।

नव संवत्सर: Sevan में हर तारीख़

सोम 30 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 7.3° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 7.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 7.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:48। अमावस्या उससे पहले 17:45 रवि पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 16:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 29 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 30 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:16–07:02

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:16–07:02।

सूर्यास्त 20:20 रवि सूर्योदय 07:48 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 29 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:20 रवि सूर्योदय 07:48 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 29 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 29 मार्च की रात सूर्यास्त 20:20 रवि से सूर्योदय 07:48 तक थी, 11 घं 28 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 30 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:39–14:30

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:39–14:30।

सोम 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:30–15:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:30–15:20 और 17:00–17:51।

सोम 30 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:00–17:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 14:30–15:20 और 17:00–17:51।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:48 से 20:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 14:30–15:20 और 17:00–17:51।

सोम 30 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:48–09:22 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:48 से 20:21, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:21 से 07:46 मंगल, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 30 मार्च को राहुकाल कब है? 09:22–10:56

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:22–10:56।

सोम 30 मार्च को यमगंड कब है? 12:30–14:05

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 12:30–14:05।

सोम 30 मार्च को गुलिक काल कब है? 15:39–17:13

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:39–17:13।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:48 से 20:21 तक है, 12 घं 33 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 30 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 07:48

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:48, सूर्यास्त 20:21, 12 घं 33 मि का दिन।

सोम 30 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:48, सूर्यास्त 20:21, 12 घं 33 मि का दिन।

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:31 चंद्रोदय 08:08
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:31 चंद्रोदय 08:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 30 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 352.5° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 352.5° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 352.5° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:15 को निकलेगा, अश्विनी में।

सोम 30 मार्च को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 697.7° थे, एक चक्कर और 337.7°: इन्द्र।

सूर्य 345.2° + चंद्रमा 352.5° = 697.7° एक चक्कर + 337.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 345.2° + चंद्रमा 352.5° = 697.7° एक चक्कर + 337.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 345.2° + 352.5° = 697.7°, एक पूरा चक्कर और 337.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 22:47 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

सोम 30 मार्च को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 7.3° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 7.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 7.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 05:14 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 16:51 तक है।

सोम 30 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:48, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:48 से 07:46 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 29 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 28 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

सोम 30 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 30 मार्च पूर्णिमा 15 मार्च अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 28 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल सोम 30 मार्च पूर्णिमा 15 मार्च अमावस्या 29 मार्च पूर्णिमा 14 अप्रैल अमावस्या 28 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

सोम 30 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2044 · शक 1909

विक्रम संवत 2044 29 मार्च 1987 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 1987 17:45 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 30 मार्च सूर्य 345.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 1987 17:45 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 30 मार्च सूर्य 345.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 1987, 17:45 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 0.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2044 गिनता है; शक संवत 1909।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 30 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:08

चंद्रमा यहाँ 08:08 पर उदय होता है।

सोम 30 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:31

सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:31 चंद्रोदय 08:08
सूर्योदय 07:48 सूर्यास्त 20:21 सूर्योदय 07:46 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:31 चंद्रोदय 08:08
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:08 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:31 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:08 पर उदय हुआ; वह फिर 21:31 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।