tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 17 जुलाई 1986

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 08:05 तक

फिर एकादशी · 05:12 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं कारण जानें

व्रत

देवशयनी एकादशी

पारण समय
10:24⁠–⁠21:27 शुक्र
शुक्र 18 जुलाई
व्रत आरंभ
06:43

स्मार्त परंपरा में देवशयनी एकादशी गुरु 17 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 18 जुलाई को व्रत रखते हैं। गुरु 17 जुलाई क्यों?

देवशयनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:29 06:43 21:28अगला सूर्योदय 06:44 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:43–08:33शुभयमगण्ड में
  • 08:33–10:24रोगअशुभ
  • 10:24–12:15उद्वेगअशुभ
  • 12:15–14:05चरसामान्य
  • 14:05–15:56लाभशुभ
  • 15:56–17:47अमृतराहु काल में
  • 17:47–19:37कालअशुभ
  • 19:37–21:28शुभ

रात का चौघड़िया

  • 21:28–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–23:47चरसामान्य
  • 23:47–00:56 शुक्ररोगअशुभ
  • 00:56–02:06 शुक्रकालअशुभ
  • 02:06–03:15 शुक्रलाभशुभ
  • 03:15–04:25 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 04:25–05:34 शुक्रशुभ
  • 05:34–06:44 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 17 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:29–06:06, शुभ
  • शुभ, 06:43–08:33
  • रोग, अशुभ, 08:33–10:24
  • उद्वेग, अशुभ, 10:24–12:15
  • चर, सामान्य, 12:15–14:05
  • लाभ, शुभ, 14:05–15:56
  • अमृत, शुभ, 15:56–17:47
  • काल, अशुभ, 17:47–19:37
  • शुभ, 19:37–21:28
  • अमृत, शुभ, 21:28–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–23:47
  • रोग, अशुभ, 23:47–00:56 शुक्र
  • काल, अशुभ, 00:56–02:06 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 02:06–03:15 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 03:15–04:25 शुक्र
  • शुभ, 04:25–05:34 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:34–06:44 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:43–08:33, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:24–12:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:38–12:37, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:36–14:35, शुभ
  • राहु काल, 15:56–17:47, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 17:32–18:31, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:30–06:07 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में देवशयनी एकादशी गुरु 17 जुलाई को क्यों है?

स्मार्त परंपरा में देवशयनी एकादशी गुरु 17 जुलाई को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 18 जुलाई को व्रत रखते हैं।

दशमी एकादशी 06:43 08:05 04:00 05:00 06:00 07:00 09:00 गुरु 17 जुलाई स्मार्त अरुणोदय 05:07–06:43
दशमी 06:43 08:05 04:00 06:00 गुरु 17 जुलाई स्मार्त अरुणोदय 05:07–06:43 एकादशी 08:05 से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+5)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 17 जुलाई को 08:05 पर, उस सूर्योदय (06:43) के बाद, लगती है और शुक्र 18 जुलाई को 05:12 पर, अगले सूर्योदय (06:44 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 17 जुलाई।

देवशयनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

गुरु 17 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.2° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 119.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:43। नवमी उससे पहले 10:30 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 08:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 7 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

एकादशी क्षय क्यों है?

एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।

दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 17 जुलाई सुबह शुक्र 18 जुलाई सुबह Sevan UTC+5 08:05 05:12 06:43 दशमी 06:44 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
दशमी एकादशी एकादशी द्वादशी गुरु 17 जुलाई सुबह शुक्र 18 जुलाई सुबह Sevan UTC+5 08:05 05:12 06:43 दशमी 06:44 द्वादशी एकादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 08:05 को शुरू हुई और 05:12 शुक्र को समाप्त, 06:43 और 06:44 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 17 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:29–06:06

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:29–06:06।

सूर्यास्त 21:29 बुध सूर्योदय 06:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 16 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 21:29 बुध सूर्योदय 06:43 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 16 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 16 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:29 बुध से सूर्योदय 06:43 तक थी, 9 घं 14 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 17 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:36–14:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:36–14:35।

गुरु 17 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:38–12:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:38–12:37 और 17:32–18:31।

गुरु 17 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 17:32–18:31

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:38–12:37 और 17:32–18:31।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:43 से 21:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:38–12:37 और 17:32–18:31।

गुरु 17 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:43–08:33 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:43 से 21:28, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 21:28 से 06:44 शुक्र, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 17 जुलाई को राहुकाल कब है? 15:56–17:47

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:56–17:47।

गुरु 17 जुलाई को यमगंड कब है? 06:43–08:33

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:43–08:33।

गुरु 17 जुलाई को गुलिक काल कब है? 10:24–12:15

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:24–12:15।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:43 से 21:28 तक है, 14 घं 45 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 17 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:28, 14 घं 45 मि का दिन।

गुरु 17 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 21:28, 14 घं 45 मि का दिन।

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 शुक्र चंद्रोदय 17:34
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 शुक्र चंद्रोदय 17:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 45 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 209.8° पर था: विशाखा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 209.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 209.8° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 206°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:37 को निकलेगा, अनुराधा में।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा योग है? शुभ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 300.3° थे: शुभ।

सूर्य 90.5° + चंद्रमा 209.8° = 300.3° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 90.5° + चंद्रमा 209.8° = 300.3° शुभ 293°20′–306°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 90.5° + 209.8° = 300.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 16:35 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 119.2° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 119.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 119.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° गर 114°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 21:21 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 08:05 तक है।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:43, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:43 से 06:44 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 7 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 5 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 17 जुलाई पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 7 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 5 अग॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल गुरु 17 जुलाई पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 7 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰ अमावस्या 5 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

गुरु 17 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2043 · शक 1908

विक्रम संवत 2043 9 अप्रैल 1986 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 1986 11:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 17 जुलाई सूर्य 90.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 9 अप्रैल 1986 11:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 17 जुलाई सूर्य 90.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 9 अप्रैल 1986, 11:08 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 95.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2043 गिनता है; शक संवत 1908।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 17 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:34

चंद्रमा यहाँ 17:34 पर उदय होता है।

गुरु 17 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:58 शुक्र

सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 शुक्र चंद्रोदय 17:34
सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त 21:28 सूर्योदय 06:44 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:58 शुक्र चंद्रोदय 17:34
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:34 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:58 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:34 पर उदय हुआ; वह फिर 02:58 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।