Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 1 नवंबर 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
कृष्ण पक्ष · 07:51 शनि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें चतुर्थी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
करवा चौथ
करवा चौथ शुक्र 1 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 1 नवंबर क्यों?
करवा चौथ: Sevan में हर तारीख़व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी शुक्र 1 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शुक्र 1 नवंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़1 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 1 नवंबर
- 05:41–06:35ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:29 से
- 08:48–10:06लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 10:16–11:24अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:43–13:04अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:43–13:04शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:46–14:01शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 21:20–23:02लाभ चौघड़िया
- 00:43–02:25 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:25–04:07 शनिअमृत चौघड़िया
-
03:21–05:08 शनिअमृत कालमृगशिरा में
- 05:42–06:36 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:29–08:48चरसामान्य
- 08:48–10:06लाभगुलिक काल में
- 10:06–11:24अमृतशुभ
- 11:24–12:43कालअशुभ
- 12:43–14:01शुभ
- 14:01–15:20रोगअशुभ
- 15:20–16:38उद्वेगअशुभ
- 16:38–17:57चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:38रोगअशुभ
- 19:38–21:20कालअशुभ
- 21:20–23:02लाभशुभ
- 23:02–00:43 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:43–02:25 शनिशुभ
- 02:25–04:07 शनिअमृतशुभ
- 04:07–05:49 शनिचरसामान्य
- 05:49–07:30 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 1 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:41–06:35, शुभ
- चर, सामान्य, 07:29–08:48
- लाभ, शुभ, 08:48–10:06
- अमृत, शुभ, 10:06–11:24
- काल, अशुभ, 11:24–12:43
- शुभ, 12:43–14:01
- रोग, अशुभ, 14:01–15:20
- उद्वेग, अशुभ, 15:20–16:38
- चर, सामान्य, 16:38–17:57
- रोग, अशुभ, 17:57–19:38
- काल, अशुभ, 19:38–21:20
- लाभ, शुभ, 21:20–23:02
- उद्वेग, अशुभ, 23:02–00:43 शनि
- शुभ, 00:43–02:25 शनि
- अमृत, शुभ, 02:25–04:07 शनि
- चर, सामान्य, 04:07–05:49 शनि
- रोग, अशुभ, 05:49–07:30 शनि
- गुलिक काल, 08:48–10:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:35–10:16, अशुभ
- राहु काल, 11:24–12:43, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:04, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:04–13:46, अशुभ
- यमगण्ड, 15:20–16:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:42–06:36 शनि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में करवा चौथ शुक्र 1 नवंबर को क्यों है?
करवा चौथ शुक्र 1 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
करवा चौथ का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 1 नवंबर को 05:32 से शनि 2 नवंबर को 07:51 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 1 नवंबर को है, 19:58 पर।
Sevan में संकष्टी चतुर्थी शुक्र 1 नवंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी शुक्र 1 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शुक्र 1 नवंबर को 05:32 से शनि 2 नवंबर को 07:51 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शुक्र 1 नवंबर को है, 19:58 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 216.9° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:29। तृतीया उससे पहले 05:32 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 07:51 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 28 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्थी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
चतुर्थी यहाँ शुक्र 1 और शनि 2 नवंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 05:32 को, सूर्योदय 07:29 से पहले, शुरू हुई और 07:51 शनि को, अगले सूर्योदय 07:30 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन चतुर्थी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Sevan में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:32, तृतीया की समाप्ति 07:02 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Sevan · UTC+4
यहाँ सूर्योदय, 07:29, तृतीया की समाप्ति 05:32 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
शुक्र 1 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:41–06:35
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:41–06:35।
गुरु 31 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:58 गुरु से सूर्योदय 07:29 तक थी, 13 घं 31 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 1 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:04।
शुक्र 1 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:35–10:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:16 और 13:04–13:46।
शुक्र 1 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:04–13:46
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:35–10:16 और 13:04–13:46।
यहाँ दिन, 07:29 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:35–10:16 और 13:04–13:46।
शुक्र 1 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:29–08:48 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:29 से 17:57, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 07:30 शनि, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 1 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:24–12:43
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:24–12:43।
शुक्र 1 नवंबर को यमगंड कब है? 15:20–16:38
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:20–16:38।
शुक्र 1 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:48–10:06
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:48–10:06।
यहाँ दिन 07:29 से 17:57 तक है, 10 घं 28 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 1 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 28 मि का दिन।
शुक्र 1 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:29, सूर्यास्त 17:57, 10 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 51.9° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 10:24 को निकलेगा, मृगशिरा में।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 246.9° थे: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 195° + 51.9° = 246.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 19:28 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 216.9° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:44 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 07:51 शनि तक।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:29, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:29 से 07:30 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 14 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 12 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
शुक्र 1 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907
विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 217.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 1 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:58
चंद्रमा यहाँ 19:58 पर उदय होता है।
शुक्र 1 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:58 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:58 पर उदय होगा।