Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 13 जुलाई 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
व्रत
कामिका एकादशी
कामिका एकादशी शनि 13 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 13 जुलाई क्यों?
कामिका एकादशी: Sevan में हर तारीख़13 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 जुलाई
- 05:27–06:03ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:40 से
- 08:39–10:22शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:35–14:35अभिजीत मुहूर्त
- 15:56–17:48लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 17:48–19:39अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:30 के बाद
- 21:30–22:39लाभ चौघड़िया
- 23:48–00:57 रविशुभ चौघड़िया
-
23:59–01:46 रविअमृत कालकृत्तिका में
- 00:57–02:05 रविअमृत चौघड़िया
- 05:32–06:41 रविलाभ चौघड़िया
- 05:27–06:04 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:40–08:31कालअशुभ
- 08:31–10:22शुभ
- 10:22–12:14रोगअशुभ
- 12:14–14:05उद्वेगअशुभ
- 14:05–15:56चरसामान्य
- 15:56–17:48लाभयमगण्ड में
- 17:48–19:39अमृतशुभ
- 19:39–21:30कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:30–22:39लाभशुभ
- 22:39–23:48उद्वेगअशुभ
- 23:48–00:57 रविशुभ
- 00:57–02:05 रविअमृतशुभ
- 02:05–03:14 रविचरसामान्य
- 03:14–04:23 रविरोगअशुभ
- 04:23–05:32 रविकालअशुभ
- 05:32–06:41 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:03, शुभ
- काल, अशुभ, 06:40–08:31
- शुभ, 08:31–10:22
- रोग, अशुभ, 10:22–12:14
- उद्वेग, अशुभ, 12:14–14:05
- चर, सामान्य, 14:05–15:56
- लाभ, शुभ, 15:56–17:48
- अमृत, शुभ, 17:48–19:39
- काल, अशुभ, 19:39–21:30
- लाभ, शुभ, 21:30–22:39
- उद्वेग, अशुभ, 22:39–23:48
- शुभ, 23:48–00:57 रवि
- अमृत, शुभ, 00:57–02:05 रवि
- चर, सामान्य, 02:05–03:14 रवि
- रोग, अशुभ, 03:14–04:23 रवि
- काल, अशुभ, 04:23–05:32 रवि
- लाभ, शुभ, 05:32–06:41 रवि
- गुलिक काल, 06:40–08:31, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:40–07:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:39–08:39, अशुभ
- राहु काल, 10:22–12:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:35–14:35, शुभ
- यमगण्ड, 15:56–17:48, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:04 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में कामिका एकादशी शनि 13 जुलाई को क्यों है?
कामिका एकादशी शनि 13 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 13 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:40: शनि 13 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:01 पर, उससे (05:04–06:40) पहले, समाप्त हुई।
शनि 13 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 303° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। दशमी उससे पहले 00:01 पर समाप्त हुई। एकादशी 02:08 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 2 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शनि 13 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:27–06:03
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:27–06:03।
शुक्र 12 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:31 शुक्र से सूर्योदय 06:40 तक थी, 9 घं 9 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 13 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:35–14:35
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:35–14:35।
शनि 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:40–07:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:40–07:39 और 07:39–08:39।
शनि 13 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:39–08:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:40–07:39 और 07:39–08:39।
यहाँ दिन, 06:40 से 21:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:40–07:39 और 07:39–08:39।
शनि 13 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:40–08:31 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:40 से 21:30, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:30 से 06:41 रवि, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 13 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:22–12:14
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:22–12:14।
शनि 13 जुलाई को यमगंड कब है? 15:56–17:48
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:56–17:48।
शनि 13 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:40–08:31
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:40–08:31।
यहाँ दिन 06:40 से 21:30 तक है, 14 घं 50 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 13 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 21:30, 14 घं 50 मि का दिन।
शनि 13 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 21:30, 14 घं 50 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 50 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 13 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 30° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 02:39 रवि को निकलेगा, रोहिणी में।
शनि 13 जुलाई को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 117° थे: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 87° + 30° = 117°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 12:18 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
शनि 13 जुलाई को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 303° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 13:08 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 02:08 रवि तक।
शनि 13 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:41 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 18 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 18 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
शनि 13 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
शनि 13 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907
विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 109.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 13 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:17 रवि
चंद्रमा यहाँ 03:17 रवि पर उदय होता है।
शनि 13 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:37
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:17 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:17 रवि पर उदय होगा।