Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 19 मई 1985
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। रवि 19 मई क्यों?
वट सावित्री व्रत: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। रवि 19 मई क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़19 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 मई
- 05:24–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:40 से
- 10:18–12:07लाभ चौघड़िया
- 12:07–13:56अमृत चौघड़िया
- 13:27–13:56अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:45–17:34शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:13 के बाद
- 21:13–22:23शुभ चौघड़िया
- 22:23–23:34अमृत चौघड़िया
- 03:07–04:17 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:28–06:39 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:23–06:01 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:40–08:29उद्वेगअशुभ
- 08:29–10:18चरसामान्य
- 10:18–12:07लाभशुभ
- 12:07–13:56अमृतशुभ
- 13:56–15:45कालअशुभ
- 15:45–17:34शुभ
- 17:34–19:24रोगअशुभ
- 19:24–21:13उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:13–22:23शुभ
- 22:23–23:34अमृतशुभ
- 23:34–00:45 सोमचरसामान्य
- 00:45–01:56 सोमरोगअशुभ
- 01:56–03:07 सोमकालअशुभ
- 03:07–04:17 सोमलाभशुभ
- 04:17–05:28 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:28–06:39 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 19 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:02, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:40–08:29
- चर, सामान्य, 08:29–10:18
- लाभ, शुभ, 10:18–12:07
- अमृत, शुभ, 12:07–13:56
- काल, अशुभ, 13:56–15:45
- शुभ, 15:45–17:34
- रोग, अशुभ, 17:34–19:24
- उद्वेग, अशुभ, 19:24–21:13
- शुभ, 21:13–22:23
- अमृत, शुभ, 22:23–23:34
- चर, सामान्य, 23:34–00:45 सोम
- रोग, अशुभ, 00:45–01:56 सोम
- काल, अशुभ, 01:56–03:07 सोम
- लाभ, शुभ, 03:07–04:17 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 04:17–05:28 सोम
- शुभ, 05:28–06:39 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 13:27–14:25, शुभ
- यमगण्ड, 13:56–15:45, अशुभ
- गुलिक काल, 17:34–19:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 19:16–20:15, अशुभ
- राहु काल, 19:24–21:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:23–06:01 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में वट सावित्री व्रत रवि 19 मई को क्यों है?
वट सावित्री व्रत रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 19 मई को 00:25 से सोम 20 मई को 02:41 तक है, इसलिए वह केवल रवि 19 मई के सूर्योदय (06:40) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या रवि 19 मई को क्यों है?
अमावस्या रवि 19 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या रवि 19 मई को 00:25 से सोम 20 मई को 02:41 तक है, इसलिए वह केवल रवि 19 मई के सूर्योदय (06:40) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 19 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 350.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:40। चतुर्दशी उससे पहले 00:25 पर समाप्त हुई। अमावस्या 02:41 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 5 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 19 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:24–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:24–06:02।
शनि 18 मई की रात सूर्यास्त 21:12 शनि से सूर्योदय 06:40 तक थी, 9 घं 28 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 19 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:27–14:25
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:27–14:25।
रवि 19 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 19:16–20:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 19:16–20:15।
यहाँ दिन, 06:40 से 21:13, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 19:16–20:15।
रवि 19 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:40–08:29 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:40 से 21:13, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:13 से 06:39 सोम, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 19 मई को राहुकाल कब है? 19:24–21:13
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 19:24–21:13।
रवि 19 मई को यमगंड कब है? 13:56–15:45
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:56–15:45।
रवि 19 मई को गुलिक काल कब है? 17:34–19:24
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:34–19:24।
यहाँ दिन 06:40 से 21:13 तक है, 14 घं 33 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 19 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 21:13, 14 घं 33 मि का दिन।
रवि 19 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 21:13, 14 घं 33 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 19 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 25.2° पर था: भरणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 23°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:34 को निकलेगा, कृत्तिका में।
रवि 19 मई को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 59.6° थे: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 34.4° + 25.2° = 59.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 19:48 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
रवि 19 मई को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 350.8° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 13:35 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 02:41 सोम तक।
रवि 19 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:40, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:40 से 06:39 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 20 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 20 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
रवि 19 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
रवि 19 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907
विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 57.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 19 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:56
चंद्रमा यहाँ 20:56 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 20:56 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।