tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 13 अप्रैल 1985

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+5 में

नवमी

कृष्ण पक्ष · 22:08 तक

फिर दशमी · 23:13 रवि तक

त्योहार

मेष संक्रांति

पुण्य काल
20:34
संक्रांति 20:34

मेष संक्रांति शनि 13 अप्रैल को है: सूर्य 20:34 पर, दिन में, मेष में प्रवेश करता है। शनि 13 अप्रैल क्यों?

मेष संक्रांति: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:58 07:25 20:36अगला सूर्योदय 07:23 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:25–09:04कालअशुभ
  • 09:04–10:43शुभ
  • 10:43–12:21रोगअशुभ
  • 12:21–14:00उद्वेगअशुभ
  • 14:00–15:39चरसामान्य
  • 15:39–17:18लाभयमगण्ड में
  • 17:18–18:57अमृतशुभ
  • 18:57–20:36कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:36–21:57लाभशुभ
  • 21:57–23:18उद्वेगअशुभ
  • 23:18–00:39 रविशुभ
  • 00:39–02:00 रविअमृतशुभ
  • 02:00–03:21 रविचरसामान्य
  • 03:21–04:41 रविरोगअशुभ
  • 04:41–06:02 रविकालअशुभ
  • 06:02–07:23 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 13 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:58–06:41, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:25–09:04
  • शुभ, 09:04–10:43
  • रोग, अशुभ, 10:43–12:21
  • उद्वेग, अशुभ, 12:21–14:00
  • चर, सामान्य, 14:00–15:39
  • लाभ, शुभ, 15:39–17:18
  • अमृत, शुभ, 17:18–18:57
  • काल, अशुभ, 18:57–20:36
  • लाभ, शुभ, 20:36–21:57
  • उद्वेग, अशुभ, 21:57–23:18
  • शुभ, 23:18–00:39 रवि
  • अमृत, शुभ, 00:39–02:00 रवि
  • चर, सामान्य, 02:00–03:21 रवि
  • रोग, अशुभ, 03:21–04:41 रवि
  • काल, अशुभ, 04:41–06:02 रवि
  • लाभ, शुभ, 06:02–07:23 रवि
  • गुलिक काल, 07:25–09:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:25–08:17, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:17–09:10, अशुभ
  • राहु काल, 10:43–12:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 13:34–14:27, शुभ
  • यमगण्ड, 15:39–17:18, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:40 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मेष संक्रांति शनि 13 अप्रैल को क्यों है?

मेष संक्रांति शनि 13 अप्रैल को है: सूर्य 20:34 पर, दिन में, मेष में प्रवेश करता है।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+5) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है।

सूर्य 20:34 पर, सूर्योदय (07:25) और सूर्यास्त (20:36) के बीच, मेष में प्रवेश करता है: शनि 13 अप्रैल। मेष संक्रांति का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; संक्रांति Tithika की परिपाटी है।

मेष संक्रांति: Sevan में हर तारीख़

शनि 13 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 280.8° आगे था: कृष्ण नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 280.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 280.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:25। अष्टमी उससे पहले 21:40 शुक्र पर समाप्त हुई। नवमी 22:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 5 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 13 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:58–06:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:58–06:41।

सूर्यास्त 20:35 शुक्र सूर्योदय 07:25 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 12 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:35 शुक्र सूर्योदय 07:25 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 12 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 12 अप्रैल की रात सूर्यास्त 20:35 शुक्र से सूर्योदय 07:25 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 13 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:34–14:27

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:34–14:27।

शनि 13 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 07:25–08:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:25–08:17 और 08:17–09:10।

शनि 13 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:17–09:10

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:25–08:17 और 08:17–09:10।

सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:25 से 20:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:25–08:17 और 08:17–09:10।

शनि 13 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:25–09:04 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:25 से 20:36, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:36 से 07:23 रवि, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 13 अप्रैल को राहुकाल कब है? 10:43–12:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:43–12:21।

शनि 13 अप्रैल को यमगंड कब है? 15:39–17:18

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:39–17:18।

शनि 13 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 07:25–09:04

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:25–09:04।

सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:25 से 20:36 तक है, 13 घं 11 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 13 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:25, सूर्यास्त 20:36, 13 घं 11 मि का दिन।

शनि 13 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:25, सूर्यास्त 20:36, 13 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:51 चंद्रोदय 05:07 रवि
सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:51 चंद्रोदय 05:07 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण

सूर्योदय पर चंद्रमा 280.3° पर था: श्रवण, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 280.3° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° श्रवण चंद्रमा 280.3° अगला: धनिष्ठा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 280° पर उसके पद 1 में आया। वह 08:13 रवि को निकलेगा, धनिष्ठा में।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 639.8° थे, एक चक्कर और 279.8°: सिद्ध।

सूर्य 359.5° + चंद्रमा 280.3° = 639.8° एक चक्कर + 279.8° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 359.5° + चंद्रमा 280.3° = 639.8° एक चक्कर + 279.8° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 359.5° + 280.3° = 639.8°, एक पूरा चक्कर और 279.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 07:51 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 280.8° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 280.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 280.8° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल नवमी 276°–288° तैतिल 276°–282° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:49 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 22:08 तक।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:25, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:25 से 07:23 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 21 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 13 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 13 अप्रैल अमावस्या 21 मार्च पूर्णिमा 5 अप्रैल अमावस्या 20 अप्रैल पूर्णिमा 5 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 13 अप्रैल अमावस्या 21 मार्च पूर्णिमा 5 अप्रैल अमावस्या 20 अप्रैल पूर्णिमा 5 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

शनि 13 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2042 · शक 1907

विक्रम संवत 2042 21 मार्च 1985 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1985 15:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 13 अप्रैल सूर्य 359.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 21 मार्च 1985 15:58 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 13 अप्रैल सूर्य 359.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1985, 15:58 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 22.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2042 गिनता है; शक संवत 1907।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 13 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:07 रवि

चंद्रमा यहाँ 05:07 रवि पर उदय होता है।

शनि 13 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 13:51

सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:51 चंद्रोदय 05:07 रवि
सूर्योदय 07:25 सूर्यास्त 20:36 सूर्योदय 07:23 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 13:51 चंद्रोदय 05:07 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:51 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:07 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 13:51 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:07 रवि पर उदय होगा।